प्रदीप कुमार
रूद्रप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल। जनपद रुद्रप्रयाग में जिला प्रशासन के लगातार प्रयासों और प्रभावी समन्वय के चलते सिरोबगड़ भूस्खलन ट्रीटमेंट कार्य को स्वीकृति मिल गई है।राष्ट्रीय राजमार्ग-07 पर स्थित इस संवेदनशील क्षेत्र में भूस्खलन उपचार कार्य को सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय भारत सरकार द्वारा वार्षिक योजना 2025-26 के अंतर्गत मंजूरी प्रदान की गई है। स्वीकृत परियोजना के तहत सिरोबगड़ क्षेत्र में चेनाज 350.767 से 350.938 तक भूस्खलन उपचार कार्य कराया जाएगा। इस परियोजना की कुल स्वीकृत लागत 95.12 करोड़ रुपये निर्धारित की गई है। इससे पूर्व लोक निर्माण विभाग द्वारा 96.11 करोड़ रुपये का प्रस्ताव भेजा गया था,जिसे तकनीकी परीक्षण के बाद संशोधित करते हुए अंतिम स्वीकृति दी गई।सिरोबगड़ क्षेत्र में लंबे समय से भूस्खलन की समस्या बनी हुई थी,जिससे राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात बाधित होता रहा है।इसका सीधा असर यात्रियों और स्थानीय लोगों की आवाजाही पर पड़ता था। जिला प्रशासन ने इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए लगातार स्थलीय निरीक्षण,तकनीकी परीक्षण और प्रस्ताव को शीघ्र स्वीकृति दिलाने के लिए उच्च स्तर पर प्रभावी समन्वय किया। परियोजना के अंतर्गत ढीली चट्टानों की स्केलिंग,हाई टेन्साइल केबल नेट,डीटी मेष और रॉक एंकर के माध्यम से पहाड़ी ढलानों को मजबूत किया जाएगा। इससे भविष्य में भूस्खलन की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण संभव हो सकेगा। यह कार्य ईपीसी आधार पर कराया जाएगा। जिलाधिकारी ने बताया कि सिरोबगड़ भूस्खलन ट्रीटमेंट कार्य की स्वीकृति से राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात अधिक सुरक्षित होगा। साथ ही केदारनाथ और बद्रीनाथ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं के साथ-साथ स्थानीय लोगों की आवाजाही भी सुगम होगी। जिला प्रशासन जनसुरक्षा और जनसुविधाओं को प्राथमिकता देते हुए निरंतर कार्य कर रहा है।
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प्रदीप कुमार
रूद्रप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल। जनपद रुद्रप्रयाग में जिला प्रशासन के लगातार प्रयासों और प्रभावी समन्वय के चलते सिरोबगड़ भूस्खलन ट्रीटमेंट कार्य को स्वीकृति मिल गई है।राष्ट्रीय राजमार्ग-07 पर स्थित इस संवेदनशील क्षेत्र में भूस्खलन उपचार कार्य को सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय भारत सरकार द्वारा वार्षिक योजना 2025-26 के अंतर्गत मंजूरी प्रदान की गई है। स्वीकृत परियोजना के तहत सिरोबगड़ क्षेत्र में चेनाज 350.767 से 350.938 तक भूस्खलन उपचार कार्य कराया जाएगा। इस परियोजना की कुल स्वीकृत लागत 95.12 करोड़ रुपये निर्धारित की गई है। इससे पूर्व लोक निर्माण विभाग द्वारा 96.11 करोड़ रुपये का प्रस्ताव भेजा गया था,जिसे तकनीकी परीक्षण के बाद संशोधित करते हुए अंतिम स्वीकृति दी गई।सिरोबगड़ क्षेत्र में लंबे समय से भूस्खलन की समस्या बनी हुई थी,जिससे राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात बाधित होता रहा है।इसका सीधा असर यात्रियों और स्थानीय लोगों की आवाजाही पर पड़ता था। जिला प्रशासन ने इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए लगातार स्थलीय निरीक्षण,तकनीकी परीक्षण और प्रस्ताव को शीघ्र स्वीकृति दिलाने के लिए उच्च स्तर पर प्रभावी समन्वय किया। परियोजना के अंतर्गत ढीली चट्टानों की स्केलिंग,हाई टेन्साइल केबल नेट,डीटी मेष और रॉक एंकर के माध्यम से पहाड़ी ढलानों को मजबूत किया जाएगा। इससे भविष्य में भूस्खलन की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण संभव हो सकेगा। यह कार्य ईपीसी आधार पर कराया जाएगा। जिलाधिकारी ने बताया कि सिरोबगड़ भूस्खलन ट्रीटमेंट कार्य की स्वीकृति से राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात अधिक सुरक्षित होगा। साथ ही केदारनाथ और बद्रीनाथ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं के साथ-साथ स्थानीय लोगों की आवाजाही भी सुगम होगी। जिला प्रशासन जनसुरक्षा और जनसुविधाओं को प्राथमिकता देते हुए निरंतर कार्य कर रहा है।