प्रदीप कुमार
रूद्रप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल। वैश्विक स्तर पर बढ़ते तनाव के कारण एलपीजी गैस और पेट्रोल की संभावित कमी की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन तैयारी कर रहा है। जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने आज जिला कार्यालय सभागार में वन विभाग व वन निगम के अधिकारियों तथा होटल एसोसिएशन के पदाधिकारियों के साथ बैठक की। जिलाधिकारी ने बताया कि बैठक का उद्देश्य एलपीजी गैस की कमी होने पर वैकल्पिक व्यवस्था बनाया जाना है। बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने सुझाव दिया कि होटल और अन्य व्यवसायिक प्रतिष्ठानों द्वारा एलपीजी के साथ-साथ इंडक्शन चूल्हे का इस्तेमाल किया जा सकता है। साथ ही जरूरत पड़ने पर कोयला और लकड़ी को भी विकल्प के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है।उन्होंने कहा कि मुख्यतःआगामी यात्रा के समय आने वाले पर्यटकों या भीड़ के समय खाना बनाने की व्यवस्था प्रभावित न हो इसलिए पहले से तैयारी की जानी आवश्यक है। जिलाधिकारी ने बताया कि प्रशासन होटल और ढाबों को पहले से ही तैयारी सुनिश्चित करने का सुझाव दे रहा है ताकि किसी तरह की असुविधा से बचा जा सके। उन्होंने बताया कि वैश्विक परिस्थितियों के कारण आने वाले समय में एलपीजी और पेट्रोल की सप्लाई में समस्या आने की आशंका को ध्यान में रखते हुए तैयारियों को मजबूत किया जा रहा है इसी क्रम में आज वन विभाग वन निगम तथा होटल एसोसिएशन के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। जिलाधिकारी ने कहा कि बैठक में उपस्थित वन विभाग व वन निगम के अधिकारियों को होटल एसोसिएशन को नियमानुसार लकड़ी उपलब्ध कराने हेतु निर्देशित किया गया है ताकि ईंधन की कमी होने पर उसका उपयोग किया जा सके। उन्होंने कहा कि आने वाली चारधाम यात्रा के दौरान रुद्रप्रयाग में श्रद्धालुओं की संख्या अधिक रहने की संभावना है इसलिए यात्रियों को रहने और खाने की बेहतर सुविधाएं मिलें और उन्हें किसी प्रकार की असुविधा न हो। इसी उद्देश्य से होटल एसोसिएशन के साथ आज बैठक कर आवश्यक व्यवस्थाओं को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। इस अवसर पर वन विभाग के अधिकारियों सहित होटल एसोसिएशन के पदाधिकारी मौजूद रहे।
