प्रदीप कुमार
श्रीनगर गढ़वाल। हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय के शिक्षा विभाग एवं भौतिक विज्ञान विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित 10 दिवसीय आईसीएसएसआर प्रायोजित रिसर्च मेथडोलॉजी कार्यशाला का दूसरा दिन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। कार्यशाला का द्वितीय दिवस प्रतिभागियों के लिए अत्यंत ज्ञानवर्धक और उपयोगी साबित हुआ जिसमें विभिन्न विशेषज्ञों द्वारा शोध से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत जानकारी साझा की गई। द्वितीय दिवस के प्रथम सत्र में प्रो.सीमा धवन ने शोध हेतु एकीकृत सांख्यिकीय विधियों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने प्रतिभागियों को शोध कार्य में सांख्यिकी के प्रभावी उपयोग और उसकी उपयोगिता को सरल तरीके से समझाया। द्वितीय सत्र में डॉ.अखिलेश कुमार गौतम ने AI आधारित शोध कार्यप्रवाह के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए आधुनिक तकनीकों के उपयोग से शोध को अधिक प्रभावी बनाने के बारे में बताया। तृतीय सत्र में डॉ.हर सिंह ने ई-पुस्तकालय के विभिन्न उपकरणों और संसाधनों के उपयोग की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने प्रतिभागियों को डिजिटल संसाधनों के माध्यम से शोध कार्य को सुदृढ़ करने के तरीके समझाए। इसके पश्चात चतुर्थ सत्र में सभी प्रतिभागियों को चौरास परिसर स्थित केंद्रीय पुस्तकालय का भ्रमण करवाया गया जहां उन्हें पुस्तकालय की व्यवस्थाओं और उपलब्ध संसाधनों की जानकारी दी गई। कार्यक्रम के दौरान कार्यशाला के निदेशक डॉ.देवेंद्र सिंह (शिक्षा विभाग) एवं सह-निदेशक डॉ.आलोक कुमार गौतम (भौतिक विज्ञान विभाग) द्वारा सभी विशेषज्ञों का पुष्प अंगवस्त्र और स्मृति चिन्ह भेंट कर स्वागत किया गया तथा रिसोर्स पर्सन्स का आभार व्यक्त किया गया। कार्यशाला में प्रतिभागियों को केवल सैद्धांतिक ज्ञान तक सीमित न रखते हुए शोध से जुड़े व्यावहारिक पहलुओं का भी प्रशिक्षण दिया जा रहा है जिससे वे वास्तविक शोध कार्य में दक्षता प्राप्त कर सकें। कार्यक्रम का संचालन कोर्स प्रतिभागी पायल विज और वैभव कुमार द्विवेदी द्वारा किया गया।
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प्रदीप कुमार
श्रीनगर गढ़वाल। हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय के शिक्षा विभाग एवं भौतिक विज्ञान विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित 10 दिवसीय आईसीएसएसआर प्रायोजित रिसर्च मेथडोलॉजी कार्यशाला का दूसरा दिन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। कार्यशाला का द्वितीय दिवस प्रतिभागियों के लिए अत्यंत ज्ञानवर्धक और उपयोगी साबित हुआ जिसमें विभिन्न विशेषज्ञों द्वारा शोध से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत जानकारी साझा की गई। द्वितीय दिवस के प्रथम सत्र में प्रो.सीमा धवन ने शोध हेतु एकीकृत सांख्यिकीय विधियों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने प्रतिभागियों को शोध कार्य में सांख्यिकी के प्रभावी उपयोग और उसकी उपयोगिता को सरल तरीके से समझाया। द्वितीय सत्र में डॉ.अखिलेश कुमार गौतम ने AI आधारित शोध कार्यप्रवाह के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए आधुनिक तकनीकों के उपयोग से शोध को अधिक प्रभावी बनाने के बारे में बताया। तृतीय सत्र में डॉ.हर सिंह ने ई-पुस्तकालय के विभिन्न उपकरणों और संसाधनों के उपयोग की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने प्रतिभागियों को डिजिटल संसाधनों के माध्यम से शोध कार्य को सुदृढ़ करने के तरीके समझाए। इसके पश्चात चतुर्थ सत्र में सभी प्रतिभागियों को चौरास परिसर स्थित केंद्रीय पुस्तकालय का भ्रमण करवाया गया जहां उन्हें पुस्तकालय की व्यवस्थाओं और उपलब्ध संसाधनों की जानकारी दी गई। कार्यक्रम के दौरान कार्यशाला के निदेशक डॉ.देवेंद्र सिंह (शिक्षा विभाग) एवं सह-निदेशक डॉ.आलोक कुमार गौतम (भौतिक विज्ञान विभाग) द्वारा सभी विशेषज्ञों का पुष्प अंगवस्त्र और स्मृति चिन्ह भेंट कर स्वागत किया गया तथा रिसोर्स पर्सन्स का आभार व्यक्त किया गया। कार्यशाला में प्रतिभागियों को केवल सैद्धांतिक ज्ञान तक सीमित न रखते हुए शोध से जुड़े व्यावहारिक पहलुओं का भी प्रशिक्षण दिया जा रहा है जिससे वे वास्तविक शोध कार्य में दक्षता प्राप्त कर सकें। कार्यक्रम का संचालन कोर्स प्रतिभागी पायल विज और वैभव कुमार द्विवेदी द्वारा किया गया।