प्रदीप कुमार
रुद्रप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में जनपद न्यायालय रुद्रप्रयाग एवं बाह्य न्यायालय ऊखीमठ में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की अध्यक्ष एवं जनपद न्यायाधीश नीना अग्रवाल के मार्गदर्शन में किया गया। सिविल जज एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव पायल सिंह ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत में बैंकों से संबंधित प्री-लिटिगेशन मामलों के कुल 23 प्रकरणों का आपसी सुलह-समझौते के आधार पर निस्तारण किया गया जिसमें कुल 18 लाख 97 हजार 248 रुपये की समझौता राशि वसूल की गई। उन्होंने बताया कि पीठ संख्या-01 में जिला एवं सत्र न्यायाधीश नीना अग्रवाल तथा अधिवक्ता सदस्य सूरत सिंह बिष्ट द्वारा 07 मामलों का निस्तारण कर 16 लाख 82 हजार रुपये की समझौता राशि वसूल की गई। पीठ संख्या-02 में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अशोक कुमार और अधिवक्ता सदस्य सुरेन्द्र सिंह नेगी द्वारा कुल 41 मामलों का निस्तारण किया गया जिसमें 27 लाख 06 हजार 158 रुपये की समझौता राशि वसूल की गई। इसी प्रकार पीठ संख्या-03 में बाह्य न्यायालय ऊखीमठ के सिविल जज एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट सन्तोष पच्छिमी तथा अधिवक्ता सदस्य राजेन्द्र देव भट्ट द्वारा कुल 15 मामलों का निस्तारण किया गया। इसमें 2 लाख 08 हजार 500 रुपये की समझौता राशि वसूल की गई। राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 86 मामलों का निस्तारण कर 64 लाख 93 हजार 906 रुपये की समझौता राशि वसूल की गई। राष्ट्रीय लोक अदालत के सफल संचालन में संभागीय परिवहन अधिकारी धर्मेन्द्र बिष्ट पुलिस विभाग के कर्मचारियों बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं तथा न्यायालय कर्मियों का सहयोग रहा। वरिष्ठ सहायक कमलेश नेगी सहित अन्य कर्मचारियों ने भी कार्यक्रम के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
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प्रदीप कुमार
रुद्रप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में जनपद न्यायालय रुद्रप्रयाग एवं बाह्य न्यायालय ऊखीमठ में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की अध्यक्ष एवं जनपद न्यायाधीश नीना अग्रवाल के मार्गदर्शन में किया गया। सिविल जज एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव पायल सिंह ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत में बैंकों से संबंधित प्री-लिटिगेशन मामलों के कुल 23 प्रकरणों का आपसी सुलह-समझौते के आधार पर निस्तारण किया गया जिसमें कुल 18 लाख 97 हजार 248 रुपये की समझौता राशि वसूल की गई। उन्होंने बताया कि पीठ संख्या-01 में जिला एवं सत्र न्यायाधीश नीना अग्रवाल तथा अधिवक्ता सदस्य सूरत सिंह बिष्ट द्वारा 07 मामलों का निस्तारण कर 16 लाख 82 हजार रुपये की समझौता राशि वसूल की गई। पीठ संख्या-02 में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अशोक कुमार और अधिवक्ता सदस्य सुरेन्द्र सिंह नेगी द्वारा कुल 41 मामलों का निस्तारण किया गया जिसमें 27 लाख 06 हजार 158 रुपये की समझौता राशि वसूल की गई। इसी प्रकार पीठ संख्या-03 में बाह्य न्यायालय ऊखीमठ के सिविल जज एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट सन्तोष पच्छिमी तथा अधिवक्ता सदस्य राजेन्द्र देव भट्ट द्वारा कुल 15 मामलों का निस्तारण किया गया। इसमें 2 लाख 08 हजार 500 रुपये की समझौता राशि वसूल की गई। राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 86 मामलों का निस्तारण कर 64 लाख 93 हजार 906 रुपये की समझौता राशि वसूल की गई। राष्ट्रीय लोक अदालत के सफल संचालन में संभागीय परिवहन अधिकारी धर्मेन्द्र बिष्ट पुलिस विभाग के कर्मचारियों बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं तथा न्यायालय कर्मियों का सहयोग रहा। वरिष्ठ सहायक कमलेश नेगी सहित अन्य कर्मचारियों ने भी कार्यक्रम के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।