प्रदीप कुमार
हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल। सहायक श्रम आयुक्त प्रशांत कुमार ने बताया कि जनपद हरिद्वार स्थित विभिन्न औद्योगिक प्रतिष्ठानों में संविदा श्रमिकों के बीच वेतन वृद्धि को लेकर भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो रही थी। लगभग 25 औद्योगिक प्रतिष्ठानों के श्रमिक वेतन वृद्धि और अन्य मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन कर रहे थे। स्थिति को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी मयूर दीक्षित द्वारा सिडकुल क्षेत्र के लिए वरिष्ठ अधिकारियों को नोडल अधिकारी नामित किया गया तथा श्रम विभाग को श्रमिक समस्याओं और धरना प्रदर्शन के त्वरित समाधान के निर्देश दिए गए। इसके बाद उप श्रम आयुक्त और सहायक श्रम आयुक्त हरिद्वार द्वारा दोनों पक्षों के बीच सौहार्दपूर्ण वातावरण में वार्ता कराई गई जिससे सभी समस्याओं का सफलतापूर्वक समाधान कराया गया। सहायक श्रम आयुक्त ने बताया कि श्रमिकों में वेतन वृद्धि को लेकर फैली अफवाहों और भ्रम की स्थिति को दूर करते हुए राज्य सरकार द्वारा जारी न्यूनतम वेतन और परिवर्तनीय महंगाई भत्ते की जानकारी स्पष्ट रूप से दी गई। साथ ही इंजीनियरिंग और नॉन इंजीनियरिंग उद्योगों में लागू संशोधित वेतनमान के संबंध में भी श्रमिकों को जागरूक किया गया। उन्होंने बताया कि श्रमिकों के बीच लगातार संवाद स्थापित कर उन्हें सही जानकारी उपलब्ध कराई गई। इसके लिए प्रेस नोट और वीडियो फुटेज भी जारी किए गए तथा प्राप्त शिकायतों का त्वरित निस्तारण किया गया। श्रम विभाग द्वारा विभिन्न स्थानों पर प्रचार-प्रसार कर यह भी बताया गया कि यदि किसी श्रमिक को वेतन या अन्य किसी विषय में समस्या हो तो वह सीधे विभाग को जानकारी दें ताकि समयबद्ध तरीके से उसका समाधान किया जा सके। सहायक श्रम आयुक्त प्रशांत कुमार ने कहा कि वर्तमान में सभी समस्याओं का समाधान कर लिया गया है। सिडकुल क्षेत्र में कहीं भी धरना प्रदर्शन नहीं चल रहा है और सभी औद्योगिक प्रतिष्ठानों में श्रमिक सामान्य रूप से कार्य कर रहे हैं। औद्योगिक क्षेत्र में शांति बनी हुई है तथा उत्पादन प्रक्रिया सुचारू रूप से संचालित हो रही है।
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प्रदीप कुमार
हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल। सहायक श्रम आयुक्त प्रशांत कुमार ने बताया कि जनपद हरिद्वार स्थित विभिन्न औद्योगिक प्रतिष्ठानों में संविदा श्रमिकों के बीच वेतन वृद्धि को लेकर भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो रही थी। लगभग 25 औद्योगिक प्रतिष्ठानों के श्रमिक वेतन वृद्धि और अन्य मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन कर रहे थे। स्थिति को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी मयूर दीक्षित द्वारा सिडकुल क्षेत्र के लिए वरिष्ठ अधिकारियों को नोडल अधिकारी नामित किया गया तथा श्रम विभाग को श्रमिक समस्याओं और धरना प्रदर्शन के त्वरित समाधान के निर्देश दिए गए। इसके बाद उप श्रम आयुक्त और सहायक श्रम आयुक्त हरिद्वार द्वारा दोनों पक्षों के बीच सौहार्दपूर्ण वातावरण में वार्ता कराई गई जिससे सभी समस्याओं का सफलतापूर्वक समाधान कराया गया। सहायक श्रम आयुक्त ने बताया कि श्रमिकों में वेतन वृद्धि को लेकर फैली अफवाहों और भ्रम की स्थिति को दूर करते हुए राज्य सरकार द्वारा जारी न्यूनतम वेतन और परिवर्तनीय महंगाई भत्ते की जानकारी स्पष्ट रूप से दी गई। साथ ही इंजीनियरिंग और नॉन इंजीनियरिंग उद्योगों में लागू संशोधित वेतनमान के संबंध में भी श्रमिकों को जागरूक किया गया। उन्होंने बताया कि श्रमिकों के बीच लगातार संवाद स्थापित कर उन्हें सही जानकारी उपलब्ध कराई गई। इसके लिए प्रेस नोट और वीडियो फुटेज भी जारी किए गए तथा प्राप्त शिकायतों का त्वरित निस्तारण किया गया। श्रम विभाग द्वारा विभिन्न स्थानों पर प्रचार-प्रसार कर यह भी बताया गया कि यदि किसी श्रमिक को वेतन या अन्य किसी विषय में समस्या हो तो वह सीधे विभाग को जानकारी दें ताकि समयबद्ध तरीके से उसका समाधान किया जा सके। सहायक श्रम आयुक्त प्रशांत कुमार ने कहा कि वर्तमान में सभी समस्याओं का समाधान कर लिया गया है। सिडकुल क्षेत्र में कहीं भी धरना प्रदर्शन नहीं चल रहा है और सभी औद्योगिक प्रतिष्ठानों में श्रमिक सामान्य रूप से कार्य कर रहे हैं। औद्योगिक क्षेत्र में शांति बनी हुई है तथा उत्पादन प्रक्रिया सुचारू रूप से संचालित हो रही है।