प्रदीप कुमार
रुद्रप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल। जनपद में वनाग्नि की घटनाओं की रोकथाम और त्वरित नियंत्रण को लेकर वन विभाग पूरी तरह सतर्क नजर आ रहा है। जनपद के लिए नामित वनाग्नि नोडल अधिकारी एवं मुख्य वन संरक्षक डॉ.विनय भार्गव ने रुद्रप्रयाग वन प्रभाग में वनाग्नि रोकथाम संबंधी तैयारियों का स्थलीय निरीक्षण कर विस्तृत समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान उन्होंने जखनी क्रू स्टेशन और अगस्त्यमुनि स्थित मॉडल क्रू स्टेशन का जायजा लिया। इसके साथ ही मास्टर कंट्रोल रूम मॉनिटरिंग सिस्टम और मोबाइल ऐप के माध्यम से चिन्हित सक्रिय वनाग्नि स्थलों की निगरानी व्यवस्था का भी अवलोकन किया। इस दौरान परिचालन सुरक्षा कार्मिकों की उपलब्धता संसाधनों की स्थिति और उनके त्वरित उपयोग फील्ड स्टाफ की दक्षता तथा वनाग्नि सीजन से जुड़े महत्वपूर्ण अभिलेखों की विस्तार से समीक्षा की गई। डॉ.विनय भार्गव ने मौके पर संचालित फील्ड ऑपरेशनों का विश्लेषण करते हुए वन कर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। बैठक में वनाग्नि हॉटस्पॉट्स की स्थिति, ड्रोन सर्वेक्षण को और अधिक प्रभावी बनाने वनाग्नि की शीघ्र पहचान के लिए रिस्पॉन्स समय कम करने तथा प्रवर्तन और राहत तंत्र को और मजबूत बनाने को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। साथ ही इन उपायों के प्रभावी फील्ड क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया गया। निरीक्षण के दौरान प्रभागीय वनाधिकारी राजत सुमन उप प्रभागीय वनाधिकारी क्षेत्राधिकारी सहित अन्य वन कर्मी मौजूद रहे।
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प्रदीप कुमार
रुद्रप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल। जनपद में वनाग्नि की घटनाओं की रोकथाम और त्वरित नियंत्रण को लेकर वन विभाग पूरी तरह सतर्क नजर आ रहा है। जनपद के लिए नामित वनाग्नि नोडल अधिकारी एवं मुख्य वन संरक्षक डॉ.विनय भार्गव ने रुद्रप्रयाग वन प्रभाग में वनाग्नि रोकथाम संबंधी तैयारियों का स्थलीय निरीक्षण कर विस्तृत समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान उन्होंने जखनी क्रू स्टेशन और अगस्त्यमुनि स्थित मॉडल क्रू स्टेशन का जायजा लिया। इसके साथ ही मास्टर कंट्रोल रूम मॉनिटरिंग सिस्टम और मोबाइल ऐप के माध्यम से चिन्हित सक्रिय वनाग्नि स्थलों की निगरानी व्यवस्था का भी अवलोकन किया। इस दौरान परिचालन सुरक्षा कार्मिकों की उपलब्धता संसाधनों की स्थिति और उनके त्वरित उपयोग फील्ड स्टाफ की दक्षता तथा वनाग्नि सीजन से जुड़े महत्वपूर्ण अभिलेखों की विस्तार से समीक्षा की गई। डॉ.विनय भार्गव ने मौके पर संचालित फील्ड ऑपरेशनों का विश्लेषण करते हुए वन कर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। बैठक में वनाग्नि हॉटस्पॉट्स की स्थिति, ड्रोन सर्वेक्षण को और अधिक प्रभावी बनाने वनाग्नि की शीघ्र पहचान के लिए रिस्पॉन्स समय कम करने तथा प्रवर्तन और राहत तंत्र को और मजबूत बनाने को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। साथ ही इन उपायों के प्रभावी फील्ड क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया गया। निरीक्षण के दौरान प्रभागीय वनाधिकारी राजत सुमन उप प्रभागीय वनाधिकारी क्षेत्राधिकारी सहित अन्य वन कर्मी मौजूद रहे।