प्रदीप कुमार
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। अंतर्राष्ट्रीय मासिक धर्म स्वच्छता दिवस के अवसर पर महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग द्वारा पौड़ी गढ़वाल जनपद के सभी विकासखंडों में व्यापक जागरुकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रमों के माध्यम से आंगनबाड़ी केंद्रों में पंजीकृत किशोरियों और महिलाओं को मासिक धर्म स्वच्छता प्रबंधन व्यक्तिगत स्वच्छता और प्रजनन स्वास्थ्य से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं। अभियान के दौरान विभाग द्वारा 500 से अधिक किशोरियों को निःशुल्क सैनिटरी नैपकिन वितरित किए गए। इसके साथ ही सैनिटरी नैपकिन के स्वच्छ और सुरक्षित उपयोग उचित निस्तारण तथा स्वास्थ्य संबंधी सावधानियों के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी गई। जिला कार्यक्रम अधिकारी देवेंद्र थपलियाल ने बताया कि जनपद के सभी विकासखंडों में यह विशेष जागरुकता अभियान संचालित किया गया। उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा पहले से ही विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों केंद्रों और सार्वजनिक स्थलों पर सैनिटरी नैपकिन वेंडिंग मशीनें स्थापित कराई जा रही हैं ताकि किशोरियों और महिलाओं को आवश्यक सुविधाएं आसानी से उपलब्ध हो सकें। उन्होंने बताया कि प्रत्येक वर्ष 28 मई को अंतर्राष्ट्रीय मासिक धर्म स्वच्छता दिवस मनाया जाता है। यह दिन महिलाओं के औसत 28 दिवसीय मासिक धर्म चक्र और लगभग पांच दिनों की मासिक अवधि का प्रतीक माना जाता है। कार्यक्रमों में किशोरियों को यह संदेश दिया गया कि मासिक धर्म एक प्राकृतिक प्रक्रिया है जिसे लेकर जागरुकता स्वच्छता और सही जानकारी बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के जागरुकता कार्यक्रम महिलाओं और किशोरियों के स्वास्थ्य आत्मविश्वास और सम्मानजनक जीवनशैली को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
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प्रदीप कुमार
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। अंतर्राष्ट्रीय मासिक धर्म स्वच्छता दिवस के अवसर पर महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग द्वारा पौड़ी गढ़वाल जनपद के सभी विकासखंडों में व्यापक जागरुकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रमों के माध्यम से आंगनबाड़ी केंद्रों में पंजीकृत किशोरियों और महिलाओं को मासिक धर्म स्वच्छता प्रबंधन व्यक्तिगत स्वच्छता और प्रजनन स्वास्थ्य से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं। अभियान के दौरान विभाग द्वारा 500 से अधिक किशोरियों को निःशुल्क सैनिटरी नैपकिन वितरित किए गए। इसके साथ ही सैनिटरी नैपकिन के स्वच्छ और सुरक्षित उपयोग उचित निस्तारण तथा स्वास्थ्य संबंधी सावधानियों के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी गई। जिला कार्यक्रम अधिकारी देवेंद्र थपलियाल ने बताया कि जनपद के सभी विकासखंडों में यह विशेष जागरुकता अभियान संचालित किया गया। उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा पहले से ही विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों केंद्रों और सार्वजनिक स्थलों पर सैनिटरी नैपकिन वेंडिंग मशीनें स्थापित कराई जा रही हैं ताकि किशोरियों और महिलाओं को आवश्यक सुविधाएं आसानी से उपलब्ध हो सकें। उन्होंने बताया कि प्रत्येक वर्ष 28 मई को अंतर्राष्ट्रीय मासिक धर्म स्वच्छता दिवस मनाया जाता है। यह दिन महिलाओं के औसत 28 दिवसीय मासिक धर्म चक्र और लगभग पांच दिनों की मासिक अवधि का प्रतीक माना जाता है। कार्यक्रमों में किशोरियों को यह संदेश दिया गया कि मासिक धर्म एक प्राकृतिक प्रक्रिया है जिसे लेकर जागरुकता स्वच्छता और सही जानकारी बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के जागरुकता कार्यक्रम महिलाओं और किशोरियों के स्वास्थ्य आत्मविश्वास और सम्मानजनक जीवनशैली को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।