प्रदीप कुमार
रूद्रप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल। अंतर्राष्ट्रीय माहवारी स्वच्छता दिवस के अवसर पर महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग रुद्रप्रयाग द्वारा एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं और किशोरियों को माहवारी स्वच्छता स्वास्थ्य और पोषण के प्रति जागरूक करना रहा। कार्यक्रम में बाल विकास परियोजना अधिकारी शैली प्रजापति ने कहा कि माहवारी को हीन भावना से देखने की मानसिकता समाप्त होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इस विषय पर समाज में जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता है ताकि महिलाओं और बालिकाओं के स्वास्थ्य पर किसी प्रकार का प्रतिकूल प्रभाव न पड़े। विशिष्ट अतिथि स्वास्थ्य विभाग की डॉ.साक्षी ने मासिक धर्म के दौरान स्वच्छता बनाए रखने पर जोर देते हुए कहा कि सेनेटरी पैड हर 4 से 6 घंटे में बदलना चाहिए जिससे संक्रमण का खतरा कम हो सके। उन्होंने महिलाओं और किशोरियों को ढीले कपड़े पहनने तथा पर्याप्त मात्रा में पानी पीने की सलाह दी। कार्यशाला में डॉ.रुचिका ने किशोरावस्था के दौरान होने वाले शारीरिक और हार्मोनल परिवर्तनों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मासिक धर्म की शुरुआत के समय परिवार को बालिकाओं के खान-पान और स्वच्छता का विशेष ध्यान रखना चाहिए तथा उन्हें सेनेटरी पैड के सही उपयोग की जानकारी देना जरूरी है। स्वास्थ्य विभाग के काउंसलर जयदीप ने महिलाओं में मासिक धर्म से पहले होने वाले मानसिक तनाव और चिड़चिड़ापन पर चर्चा करते हुए कहा कि इस दौरान तला-भुना और भारी भोजन कम करना चाहिए। उन्होंने महिलाओं को आयरन युक्त भोजन लेने की सलाह भी दी। बाल विकास परियोजना अगस्त्यमुनि की सुपरवाइजर रागनी जोशी ने विभागीय योजनाओं की जानकारी दी। कार्यक्रम का संचालन वन स्टॉप सेंटर की केंद्र प्रशासक रंजना गैरोला भट्ट ने किया। कार्यशाला के समापन पर सभी आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्त्रियों को सेनेटरी नैपकिन वितरित किए गए। इस अवसर पर बाल विकास परियोजना अधिकारी देवेश्वरी कुंवर राष्ट्रीय पोषण मिशन के जिला समन्वयक चाणक्य कपरुवान सहायक सोनम भंडारी मिशन शक्ति की जिला समन्वयक डॉ.संध्या पैन्यूली जेंडर स्पेशलिस्ट प्रियंका उछोली वित्तीय साक्षरता विशेषज्ञ उदय सिंह सहायक अकाउंटेंट प्रियांशु सहित बड़ी संख्या में आंगनवाड़ी और आशा कार्यकर्त्रियां उपस्थित रहीं।
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प्रदीप कुमार
रूद्रप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल। अंतर्राष्ट्रीय माहवारी स्वच्छता दिवस के अवसर पर महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग रुद्रप्रयाग द्वारा एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं और किशोरियों को माहवारी स्वच्छता स्वास्थ्य और पोषण के प्रति जागरूक करना रहा। कार्यक्रम में बाल विकास परियोजना अधिकारी शैली प्रजापति ने कहा कि माहवारी को हीन भावना से देखने की मानसिकता समाप्त होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इस विषय पर समाज में जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता है ताकि महिलाओं और बालिकाओं के स्वास्थ्य पर किसी प्रकार का प्रतिकूल प्रभाव न पड़े। विशिष्ट अतिथि स्वास्थ्य विभाग की डॉ.साक्षी ने मासिक धर्म के दौरान स्वच्छता बनाए रखने पर जोर देते हुए कहा कि सेनेटरी पैड हर 4 से 6 घंटे में बदलना चाहिए जिससे संक्रमण का खतरा कम हो सके। उन्होंने महिलाओं और किशोरियों को ढीले कपड़े पहनने तथा पर्याप्त मात्रा में पानी पीने की सलाह दी। कार्यशाला में डॉ.रुचिका ने किशोरावस्था के दौरान होने वाले शारीरिक और हार्मोनल परिवर्तनों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मासिक धर्म की शुरुआत के समय परिवार को बालिकाओं के खान-पान और स्वच्छता का विशेष ध्यान रखना चाहिए तथा उन्हें सेनेटरी पैड के सही उपयोग की जानकारी देना जरूरी है। स्वास्थ्य विभाग के काउंसलर जयदीप ने महिलाओं में मासिक धर्म से पहले होने वाले मानसिक तनाव और चिड़चिड़ापन पर चर्चा करते हुए कहा कि इस दौरान तला-भुना और भारी भोजन कम करना चाहिए। उन्होंने महिलाओं को आयरन युक्त भोजन लेने की सलाह भी दी। बाल विकास परियोजना अगस्त्यमुनि की सुपरवाइजर रागनी जोशी ने विभागीय योजनाओं की जानकारी दी। कार्यक्रम का संचालन वन स्टॉप सेंटर की केंद्र प्रशासक रंजना गैरोला भट्ट ने किया। कार्यशाला के समापन पर सभी आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्त्रियों को सेनेटरी नैपकिन वितरित किए गए। इस अवसर पर बाल विकास परियोजना अधिकारी देवेश्वरी कुंवर राष्ट्रीय पोषण मिशन के जिला समन्वयक चाणक्य कपरुवान सहायक सोनम भंडारी मिशन शक्ति की जिला समन्वयक डॉ.संध्या पैन्यूली जेंडर स्पेशलिस्ट प्रियंका उछोली वित्तीय साक्षरता विशेषज्ञ उदय सिंह सहायक अकाउंटेंट प्रियांशु सहित बड़ी संख्या में आंगनवाड़ी और आशा कार्यकर्त्रियां उपस्थित रहीं।