प्रदीप कुमार
चमोली/श्रीनगर गढ़वाल। चार दिन से अपने परिवार से बिछड़े एक बुजुर्ग श्रद्धालु को चमोली पुलिस ने सकुशल उनके परिजनों से मिलाकर मानवीय संवेदनशीलता और सेवा का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया। बद्रीनाथ धाम में हुआ यह भावुक मिलन परिजनों के लिए किसी राहत से कम नहीं था। जानकारी के अनुसार छत्तीसगढ़ निवासी एक बुजुर्ग श्रद्धालु अपने परिवार के साथ श्री केदारनाथ धाम की यात्रा पर आए थे। यात्रा के दौरान किसी कारणवश वे अपने परिजनों से बिछड़ गए। इसके बाद परिवार के सदस्यों ने उनकी तलाश के लिए हरसंभव प्रयास किए और विभिन्न स्थानों पर खोजबीन की लेकिन चार दिनों तक उनका कोई पता नहीं चल सका। इसी दौरान बुजुर्ग श्रद्धालु भटकते-भटकते भू-बैकुण्ठ श्री बद्रीनाथ धाम पहुंच गए। बद्रीनाथ क्षेत्र में अकेले और परेशान अवस्था में घूम रहे बुजुर्ग पर पुलिस कर्मियों की नजर पड़ी। पुलिस ने तुरंत उनसे बातचीत कर उनकी पहचान और परिजनों के बारे में जानकारी जुटाई। पूरी स्थिति की जानकारी मिलने के बाद पुलिस टीम ने सक्रियता दिखाते हुए उनके परिजनों से संपर्क स्थापित किया और उन्हें कोतवाली बद्रीनाथ बुलाया। सूचना मिलते ही परिजन तुरंत बद्रीनाथ पहुंचे। चार दिनों से लापता बुजुर्ग को सुरक्षित अपने सामने देखकर परिजनों की आंखें खुशी और राहत के आंसुओं से भर गईं। भावुक माहौल के बीच परिवार के सदस्यों ने बुजुर्ग को गले लगाकर उनका हालचाल जाना और चमोली पुलिस का हृदय से आभार व्यक्त किया। परिजनों ने कहा कि लगातार चार दिनों तक बुजुर्ग की कोई जानकारी न मिलने से पूरा परिवार चिंतित था लेकिन चमोली पुलिस की तत्परता और संवेदनशीलता के कारण उनकी बिछड़ी खुशियां वापस लौट आईं। चारधाम यात्रा के दौरान चमोली पुलिस श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सहायता के लिए लगातार मुस्तैदी से कार्य कर रही है। यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि पुलिस केवल सुरक्षा व्यवस्था तक सीमित नहीं है बल्कि जरूरत पड़ने पर मानवीय संवेदनाओं के साथ लोगों की सहायता भी करती है और परिवारों को फिर से जोड़ने का कार्य करती है।
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प्रदीप कुमार
चमोली/श्रीनगर गढ़वाल। चार दिन से अपने परिवार से बिछड़े एक बुजुर्ग श्रद्धालु को चमोली पुलिस ने सकुशल उनके परिजनों से मिलाकर मानवीय संवेदनशीलता और सेवा का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया। बद्रीनाथ धाम में हुआ यह भावुक मिलन परिजनों के लिए किसी राहत से कम नहीं था। जानकारी के अनुसार छत्तीसगढ़ निवासी एक बुजुर्ग श्रद्धालु अपने परिवार के साथ श्री केदारनाथ धाम की यात्रा पर आए थे। यात्रा के दौरान किसी कारणवश वे अपने परिजनों से बिछड़ गए। इसके बाद परिवार के सदस्यों ने उनकी तलाश के लिए हरसंभव प्रयास किए और विभिन्न स्थानों पर खोजबीन की लेकिन चार दिनों तक उनका कोई पता नहीं चल सका। इसी दौरान बुजुर्ग श्रद्धालु भटकते-भटकते भू-बैकुण्ठ श्री बद्रीनाथ धाम पहुंच गए। बद्रीनाथ क्षेत्र में अकेले और परेशान अवस्था में घूम रहे बुजुर्ग पर पुलिस कर्मियों की नजर पड़ी। पुलिस ने तुरंत उनसे बातचीत कर उनकी पहचान और परिजनों के बारे में जानकारी जुटाई। पूरी स्थिति की जानकारी मिलने के बाद पुलिस टीम ने सक्रियता दिखाते हुए उनके परिजनों से संपर्क स्थापित किया और उन्हें कोतवाली बद्रीनाथ बुलाया। सूचना मिलते ही परिजन तुरंत बद्रीनाथ पहुंचे। चार दिनों से लापता बुजुर्ग को सुरक्षित अपने सामने देखकर परिजनों की आंखें खुशी और राहत के आंसुओं से भर गईं। भावुक माहौल के बीच परिवार के सदस्यों ने बुजुर्ग को गले लगाकर उनका हालचाल जाना और चमोली पुलिस का हृदय से आभार व्यक्त किया। परिजनों ने कहा कि लगातार चार दिनों तक बुजुर्ग की कोई जानकारी न मिलने से पूरा परिवार चिंतित था लेकिन चमोली पुलिस की तत्परता और संवेदनशीलता के कारण उनकी बिछड़ी खुशियां वापस लौट आईं। चारधाम यात्रा के दौरान चमोली पुलिस श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सहायता के लिए लगातार मुस्तैदी से कार्य कर रही है। यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि पुलिस केवल सुरक्षा व्यवस्था तक सीमित नहीं है बल्कि जरूरत पड़ने पर मानवीय संवेदनाओं के साथ लोगों की सहायता भी करती है और परिवारों को फिर से जोड़ने का कार्य करती है।