Spread the love

प्रदीप कुमार
चमोली/श्रीनगर गढ़वाल। भू-बैकुण्ठ बद्रीनाथ धाम में उस समय भावुक पल देखने को मिले जब लगभग तीन वर्षीय एक मासूम बच्चा मंदिर परिसर के बाहर अपने माता-पिता से बिछड़ गया। भीड़भाड़ के बीच परिजनों से अलग होने पर बच्चा घबरा गया और रोने लगा। समय रहते चमोली पुलिस की तत्परता से मासूम को सुरक्षित उसके माता-पिता से मिलाया गया जिसके बाद परिवार की खुशियां लौट आईं। जानकारी के अनुसार बद्रीनाथ धाम में दर्शन के दौरान एक छोटा बच्चा अपने माता-पिता से बिछड़ गया। भीड़ के बीच अकेला रह जाने पर वह घबराकर रोने लगा। इसी दौरान एक जागरूक श्रद्धालु की नजर बच्चे पर पड़ी। बच्चे को परेशान और अकेला देखकर श्रद्धालु ने मानवता का परिचय देते हुए उसे सुरक्षित पुलिस कंट्रोल रूम पहुंचाया। कंट्रोल रूम में मौजूद थानाध्यक्ष बद्रीनाथ नवनीत भंडारी एवं आरक्षी चन्दन सिंह ने बच्चे को स्नेह और अपनापन देते हुए उसे शांत कराने का प्रयास किया। काफी देर बाद जब बच्चा थोड़ा सामान्य हुआ तो उसने तुतलाती जुबान में अपना नाम “शुभ” तथा अपने माता-पिता के नाम “राजू” और “प्रीति” बताए। बच्चे से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस कर्मियों ने तत्काल कंट्रोल रूम से अनाउंसमेंट कराई और बच्चे के परिजनों की तलाश शुरू कर दी। दूसरी ओर अपने लापता बेटे की तलाश में माता-पिता बदहवास होकर मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में उसे खोज रहे थे। जैसे ही उन्होंने पुलिस कंट्रोल रूम से की गई घोषणा सुनी वे तुरंत वहां पहुंचे। कंट्रोल रूम में अपने बेटे को सुरक्षित देखकर माता-पिता की आंखों में खुशी के आंसू आ गए। भावुक माहौल के बीच पुलिस कर्मियों ने बच्चे को सकुशल उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया। अपने बेटे को सुरक्षित वापस पाकर माता-पिता ने चमोली पुलिस का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि संकट की इस घड़ी में पुलिस ने परिवार की तरह उनकी सहायता की और उनके चेहरे पर फिर से मुस्कान लौटा दी। चारधाम यात्रा के दौरान चमोली पुलिस लगातार श्रद्धालुओं की सुरक्षा सहायता और सुविधा के लिए मुस्तैदी से कार्य कर रही है। यह घटना एक बार फिर दर्शाती है कि पुलिस केवल कानून व्यवस्था तक सीमित नहीं है बल्कि जरूरत पड़ने पर संवेदनशीलता और मानवीयता के साथ लोगों की मदद भी कर रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Whatsapp