प्रदीप कुमार
रुद्रप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल। जिलाधिकारी विशाल मिश्रा के सतत मार्गदर्शन एवं निर्देशन में जिला प्रशासन रुद्रप्रयाग ने एक बार फिर आपातकालीन स्थिति में त्वरित और संवेदनशील कार्रवाई करते हुए मदमहेश्वर क्षेत्र में गंभीर रूप से बीमार यात्री का सफल एयर रेस्क्यू कराया। प्रशासन की तत्परता और समन्वित प्रयासों से यात्री को समय रहते उपचार उपलब्ध कराया जा सका। प्राप्त जानकारी के अनुसार शिवा पुत्र कुलदीप सिंह आयु लगभग 30 वर्ष मदमहेश्वर मंदिर के समीप मौजूद थे। उनकी स्वास्थ्य स्थिति अत्यंत गंभीर हो गई थी तथा उन्हें दो बार हृदयाघात आने की सूचना प्राप्त हुई थी। दुर्गम पर्वतीय क्षेत्र में होने के कारण तत्काल उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना चुनौतीपूर्ण था। चिकित्सकीय दृष्टि से प्रत्येक क्षण महत्वपूर्ण होने के कारण प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई शुरू की। सूचना मिलते ही जिलाधिकारी के निर्देशन में जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र स्वास्थ्य विभाग तथा संबंधित एजेंसियों के बीच त्वरित समन्वय स्थापित किया गया। मरीज की गंभीर स्थिति को देखते हुए बिना किसी विलंब के आवश्यक अनुमतियां और व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गईं तथा एयर रेस्क्यू अभियान तत्काल शुरू किया गया। प्रशासन की तत्परता के परिणामस्वरूप गंभीर रूप से बीमार यात्री को मदमहेश्वर क्षेत्र से हेलीकॉप्टर के माध्यम से सायं 6 बजकर 3 मिनट पर सफलतापूर्वक रेस्क्यू कर सुरक्षित जिला चिकित्सालय रुद्रप्रयाग पहुंचाया गया। अस्पताल पहुंचने के बाद चिकित्सकों की निगरानी में उसका उपचार शुरू कर दिया गया जहां उसकी स्वास्थ्य स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। जिला प्रशासन ने कहा कि चारधाम यात्रा और पर्वतीय क्षेत्रों में आने वाले सभी श्रद्धालुओं एवं यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी आपातकालीन स्थिति में त्वरित सहायता उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन स्वास्थ्य विभाग और आपदा प्रबंधन से जुड़े सभी विभाग पूरी तरह सतर्क और प्रतिबद्ध हैं। प्रशासन ने बताया कि पर्वतीय और दुर्गम क्षेत्रों में आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सक्रिय रखी गई हैं ताकि जरूरत पड़ने पर तत्काल राहत और बचाव कार्य संचालित किए जा सकें। जिला प्रशासन की इस त्वरित कार्रवाई से गंभीर रूप से बीमार यात्री को समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा सकी जिससे उसकी जान बचाने की दिशा में महत्वपूर्ण सफलता मिली है।
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प्रदीप कुमार
रुद्रप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल। जिलाधिकारी विशाल मिश्रा के सतत मार्गदर्शन एवं निर्देशन में जिला प्रशासन रुद्रप्रयाग ने एक बार फिर आपातकालीन स्थिति में त्वरित और संवेदनशील कार्रवाई करते हुए मदमहेश्वर क्षेत्र में गंभीर रूप से बीमार यात्री का सफल एयर रेस्क्यू कराया। प्रशासन की तत्परता और समन्वित प्रयासों से यात्री को समय रहते उपचार उपलब्ध कराया जा सका। प्राप्त जानकारी के अनुसार शिवा पुत्र कुलदीप सिंह आयु लगभग 30 वर्ष मदमहेश्वर मंदिर के समीप मौजूद थे। उनकी स्वास्थ्य स्थिति अत्यंत गंभीर हो गई थी तथा उन्हें दो बार हृदयाघात आने की सूचना प्राप्त हुई थी। दुर्गम पर्वतीय क्षेत्र में होने के कारण तत्काल उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना चुनौतीपूर्ण था। चिकित्सकीय दृष्टि से प्रत्येक क्षण महत्वपूर्ण होने के कारण प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई शुरू की। सूचना मिलते ही जिलाधिकारी के निर्देशन में जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र स्वास्थ्य विभाग तथा संबंधित एजेंसियों के बीच त्वरित समन्वय स्थापित किया गया। मरीज की गंभीर स्थिति को देखते हुए बिना किसी विलंब के आवश्यक अनुमतियां और व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गईं तथा एयर रेस्क्यू अभियान तत्काल शुरू किया गया। प्रशासन की तत्परता के परिणामस्वरूप गंभीर रूप से बीमार यात्री को मदमहेश्वर क्षेत्र से हेलीकॉप्टर के माध्यम से सायं 6 बजकर 3 मिनट पर सफलतापूर्वक रेस्क्यू कर सुरक्षित जिला चिकित्सालय रुद्रप्रयाग पहुंचाया गया। अस्पताल पहुंचने के बाद चिकित्सकों की निगरानी में उसका उपचार शुरू कर दिया गया जहां उसकी स्वास्थ्य स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। जिला प्रशासन ने कहा कि चारधाम यात्रा और पर्वतीय क्षेत्रों में आने वाले सभी श्रद्धालुओं एवं यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी आपातकालीन स्थिति में त्वरित सहायता उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन स्वास्थ्य विभाग और आपदा प्रबंधन से जुड़े सभी विभाग पूरी तरह सतर्क और प्रतिबद्ध हैं। प्रशासन ने बताया कि पर्वतीय और दुर्गम क्षेत्रों में आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सक्रिय रखी गई हैं ताकि जरूरत पड़ने पर तत्काल राहत और बचाव कार्य संचालित किए जा सकें। जिला प्रशासन की इस त्वरित कार्रवाई से गंभीर रूप से बीमार यात्री को समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा सकी जिससे उसकी जान बचाने की दिशा में महत्वपूर्ण सफलता मिली है।