प्रदीप कुमार
हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देशन में जनपद में शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में कचरा एवं ठोस अपशिष्ट के उचित निस्तारण को लेकर मुख्य विकास अधिकारी डॉ.ललित नारायण मिश्र की अध्यक्षता में जिला कार्यालय सभागार में जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि उच्चतम न्यायालय नई दिल्ली के आदेशों के अनुपालन में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में स्वच्छता व्यवस्था को सुदृढ़ करें तथा गीले एवं सूखे कूड़े का पृथक्करण कर उसका वैज्ञानिक एवं उचित निस्तारण सुनिश्चित करें। उन्होंने नगर निगम नगर पालिका नगर पंचायत जिला पंचायत पंचायतीराज विभाग एवं खंड विकास अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक क्षेत्र में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन हेतु स्पष्ट कार्ययोजना तैयार कर नियमित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। मुख्य विकास अधिकारी ने जिला पंचायत राज अधिकारी एवं खंड विकास अधिकारियों को निर्देश दिए कि ग्रामीण क्षेत्रों में उत्पन्न होने वाले कचरे के निस्तारण के लिए ग्राम प्रधानों एवं जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक कर ठोस कार्ययोजना तैयार की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि घरों दुकानों होटलों ढाबों फैक्ट्रियों एवं चिकित्सालयों से निकलने वाले कचरे के पृथक संग्रहण एवं निस्तारण की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि कूड़ा वाहनों में गीला कूड़ा सूखा कूड़ा प्लास्टिक मेडिकल वेस्ट सेनेटरी वेस्ट एवं अन्य ठोस अपशिष्ट के लिए अलग-अलग कंटेनर की व्यवस्था की जाए ताकि वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण संभव हो सके। बैठक में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को निर्देश दिए गए कि फैक्ट्रियों से निकलने वाले अपशिष्ट का उचित निस्तारण सुनिश्चित कराया जाए तथा नियमों का उल्लंघन करने वाली इकाइयों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए। मुख्य विकास अधिकारी ने जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए कि स्वच्छता अभियान में छात्र-छात्राओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए तथा विद्यालयों में निबंध एवं पेंटिंग प्रतियोगिताओं के माध्यम से स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाई जाए। उन्होंने नोडल अधिकारी स्वच्छता को निर्देश दिए कि सभी विभागों से प्रतिदिन स्वच्छता संबंधी रिपोर्ट प्राप्त कर संकलित की जाए तथा अनुपालन न करने वाले विभागों की सूची तैयार कर आवश्यक कार्रवाई हेतु प्रेषित की जाए।
मुख्य विकास अधिकारी ने आमजन से अपील की कि जनपद को स्वच्छ एवं सुंदर बनाने में सक्रिय सहयोग करें। उन्होंने बताया कि स्वच्छता संबंधी सुझाव एवं शिकायतें विकास भवन में स्थापित स्वच्छता कंट्रोल रूम के दूरभाष नंबर 8273371714 पर दर्ज कराई जा सकती हैं। उन्होंने कहा कि हरिद्वार चारधाम यात्रा का प्रवेश द्वार होने के साथ-साथ धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण जनपद है इसलिए यहां आने वाले श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों को स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण उपलब्ध कराना सभी की जिम्मेदारी है। बैठक में अपर जिलाधिकारी प्रशासन जितेंद्र कुमार मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ.आर.के.सिंह परियोजना निदेशक नलिनीत घिल्डियाल जिला विकास अधिकारी वेद प्रकाश जिला शिक्षा अधिकारी (प्रा. शि.) अमित कुमार चंद जिला पूर्ति अधिकारी मुकेश पाल जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी मीरा रावत स्वजल नोडल चंद्रकांत मणि त्रिपाठी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे तथा अन्य अधिकारी ऑनलाइन माध्यम से जुड़े रहे।
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प्रदीप कुमार
हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देशन में जनपद में शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में कचरा एवं ठोस अपशिष्ट के उचित निस्तारण को लेकर मुख्य विकास अधिकारी डॉ.ललित नारायण मिश्र की अध्यक्षता में जिला कार्यालय सभागार में जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि उच्चतम न्यायालय नई दिल्ली के आदेशों के अनुपालन में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में स्वच्छता व्यवस्था को सुदृढ़ करें तथा गीले एवं सूखे कूड़े का पृथक्करण कर उसका वैज्ञानिक एवं उचित निस्तारण सुनिश्चित करें। उन्होंने नगर निगम नगर पालिका नगर पंचायत जिला पंचायत पंचायतीराज विभाग एवं खंड विकास अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक क्षेत्र में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन हेतु स्पष्ट कार्ययोजना तैयार कर नियमित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। मुख्य विकास अधिकारी ने जिला पंचायत राज अधिकारी एवं खंड विकास अधिकारियों को निर्देश दिए कि ग्रामीण क्षेत्रों में उत्पन्न होने वाले कचरे के निस्तारण के लिए ग्राम प्रधानों एवं जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक कर ठोस कार्ययोजना तैयार की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि घरों दुकानों होटलों ढाबों फैक्ट्रियों एवं चिकित्सालयों से निकलने वाले कचरे के पृथक संग्रहण एवं निस्तारण की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि कूड़ा वाहनों में गीला कूड़ा सूखा कूड़ा प्लास्टिक मेडिकल वेस्ट सेनेटरी वेस्ट एवं अन्य ठोस अपशिष्ट के लिए अलग-अलग कंटेनर की व्यवस्था की जाए ताकि वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण संभव हो सके। बैठक में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को निर्देश दिए गए कि फैक्ट्रियों से निकलने वाले अपशिष्ट का उचित निस्तारण सुनिश्चित कराया जाए तथा नियमों का उल्लंघन करने वाली इकाइयों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए। मुख्य विकास अधिकारी ने जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए कि स्वच्छता अभियान में छात्र-छात्राओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए तथा विद्यालयों में निबंध एवं पेंटिंग प्रतियोगिताओं के माध्यम से स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाई जाए। उन्होंने नोडल अधिकारी स्वच्छता को निर्देश दिए कि सभी विभागों से प्रतिदिन स्वच्छता संबंधी रिपोर्ट प्राप्त कर संकलित की जाए तथा अनुपालन न करने वाले विभागों की सूची तैयार कर आवश्यक कार्रवाई हेतु प्रेषित की जाए।
मुख्य विकास अधिकारी ने आमजन से अपील की कि जनपद को स्वच्छ एवं सुंदर बनाने में सक्रिय सहयोग करें। उन्होंने बताया कि स्वच्छता संबंधी सुझाव एवं शिकायतें विकास भवन में स्थापित स्वच्छता कंट्रोल रूम के दूरभाष नंबर 8273371714 पर दर्ज कराई जा सकती हैं। उन्होंने कहा कि हरिद्वार चारधाम यात्रा का प्रवेश द्वार होने के साथ-साथ धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण जनपद है इसलिए यहां आने वाले श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों को स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण उपलब्ध कराना सभी की जिम्मेदारी है। बैठक में अपर जिलाधिकारी प्रशासन जितेंद्र कुमार मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ.आर.के.सिंह परियोजना निदेशक नलिनीत घिल्डियाल जिला विकास अधिकारी वेद प्रकाश जिला शिक्षा अधिकारी (प्रा. शि.) अमित कुमार चंद जिला पूर्ति अधिकारी मुकेश पाल जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी मीरा रावत स्वजल नोडल चंद्रकांत मणि त्रिपाठी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे तथा अन्य अधिकारी ऑनलाइन माध्यम से जुड़े रहे।