प्रदीप कुमार
हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल। जिला सभागार हरिद्वार में पशुपालन विभाग के तत्वावधान में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें मुख्य विकास अधिकारी डॉ.ललित नारायण मिश्र द्वारा जनपद में कृत्रिम गर्भाधान (ए.आई.) के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले 12 प्राइवेट ए.आई.कार्यकर्ताओं को प्रशस्ति पत्र एवं पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने पशुपालन क्षेत्र में हो रहे नवाचारों और योजनाओं पर विस्तृत जानकारी दी। उत्तराखंड लाइवस्टॉक डेवलपमेंट बोर्ड (ULDB) के मुख्य अधिशासी अधिकारी डॉ.आर.एस.नेगी ने बताया कि जनपद में पशुओं की नस्ल सुधार एवं दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए भ्रूण प्रत्यारोपण तकनीक (Embryo Transfer Technology) को व्यापक स्तर पर लागू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस आधुनिक तकनीक के माध्यम से उच्च नस्ल एवं अधिक उत्पादकता वाले पशुओं का संवर्धन संभव होगा जिससे पशुपालकों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। उन्होंने यह भी बताया कि इस तकनीक के सफल क्रियान्वयन हेतु जिलाधिकारी द्वारा जिला योजना के अंतर्गत आवश्यक धनराशि स्वीकृत की जा चुकी है। मुख्य विकास अधिकारी डॉ.ललित नारायण मिश्र ने सम्मानित कार्यकर्ताओं को बधाई देते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में पशुधन की गुणवत्ता सुधार में प्राइवेट ए.आई.कार्यकर्ताओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक और योजनाओं के समन्वय से जनपद पशुपालन के क्षेत्र में नई उपलब्धियां प्राप्त करेगा। कार्यक्रम में विभिन्न जिलास्तरीय अधिकारी एवं विभागीय कर्मचारी उपस्थित रहे।
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प्रदीप कुमार
हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल। जिला सभागार हरिद्वार में पशुपालन विभाग के तत्वावधान में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें मुख्य विकास अधिकारी डॉ.ललित नारायण मिश्र द्वारा जनपद में कृत्रिम गर्भाधान (ए.आई.) के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले 12 प्राइवेट ए.आई.कार्यकर्ताओं को प्रशस्ति पत्र एवं पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने पशुपालन क्षेत्र में हो रहे नवाचारों और योजनाओं पर विस्तृत जानकारी दी। उत्तराखंड लाइवस्टॉक डेवलपमेंट बोर्ड (ULDB) के मुख्य अधिशासी अधिकारी डॉ.आर.एस.नेगी ने बताया कि जनपद में पशुओं की नस्ल सुधार एवं दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए भ्रूण प्रत्यारोपण तकनीक (Embryo Transfer Technology) को व्यापक स्तर पर लागू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस आधुनिक तकनीक के माध्यम से उच्च नस्ल एवं अधिक उत्पादकता वाले पशुओं का संवर्धन संभव होगा जिससे पशुपालकों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। उन्होंने यह भी बताया कि इस तकनीक के सफल क्रियान्वयन हेतु जिलाधिकारी द्वारा जिला योजना के अंतर्गत आवश्यक धनराशि स्वीकृत की जा चुकी है। मुख्य विकास अधिकारी डॉ.ललित नारायण मिश्र ने सम्मानित कार्यकर्ताओं को बधाई देते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में पशुधन की गुणवत्ता सुधार में प्राइवेट ए.आई.कार्यकर्ताओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक और योजनाओं के समन्वय से जनपद पशुपालन के क्षेत्र में नई उपलब्धियां प्राप्त करेगा। कार्यक्रम में विभिन्न जिलास्तरीय अधिकारी एवं विभागीय कर्मचारी उपस्थित रहे।