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प्रदीप कुमार
हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल। आगामी कुंभ मेला-2027 के सुरक्षित सुव्यवस्थित और सफल आयोजन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) मेला प्रशासन उत्तराखंड पुलिस तथा विभिन्न विभागों के अधिकारियों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में संभावित आपदा जोखिमों भीड़ प्रबंधन निकासी योजना सुरक्षा व्यवस्थाओं तथा विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक की अध्यक्षता करते हुए मेलाधिकारी सोनिका ने कहा कि कुंभ मेला-2027 की तैयारियों में सुरक्षा और आपदा प्रबंधन सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि मेला प्रशासन सभी संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर रहा है। प्रत्येक सेक्टर में आपदा प्रबंधन संसाधनों की उपलब्धता आपातकालीन निकासी मार्गों का विकास संवेदनशील स्थलों की पहचान संचार तंत्र को मजबूत बनाने तथा त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि समय-समय पर मॉक ड्रिल और संयुक्त अभ्यास आयोजित कर सभी एजेंसियों की तत्परता सुनिश्चित की जाएगी। बैठक में अधिकारियों ने कहा कि विश्व के सबसे बड़े आध्यात्मिक आयोजनों में शामिल कुंभ मेले में देश-विदेश से करोड़ों श्रद्धालुओं के आने की संभावना रहती है। ऐसे में अत्यधिक भीड़ के कारण भगदड़ अग्निकांड गंगा घाटों पर जल दुर्घटनाएं प्रतिकूल मौसम सड़क एवं रेल यातायात पर दबाव अस्थायी संरचनाओं की सुरक्षा सार्वजनिक स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियां तथा प्राकृतिक एवं मानवजनित आपदाओं को प्रमुख जोखिमों के रूप में चिन्हित किया गया है। एनडीएमए के सलाहकार (संचालन एवं संचार) कर्नल कीर्ति प्रताप सिंह ने कहा कि कुंभ मेला-2027 जैसे विशाल आयोजन में आपदा जोखिम न्यूनीकरण के लिए बहुस्तरीय और व्यापक तैयारियां आवश्यक हैं। उन्होंने कहा कि एनडीएमए तकनीकी मार्गदर्शन जोखिम आकलन क्षमता विकास प्रशिक्षण मॉक ड्रिल तथा आपदा प्रबंधन योजनाओं के निर्माण में राज्य सरकार और मेला प्रशासन को हरसंभव सहयोग प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि कुंभ को सुरक्षित और आपदा-सहिष्णु आयोजन बनाने के लिए पूर्व अनुभवों और सर्वोत्तम व्यवस्थाओं का लाभ लिया जाएगा। कर्नल कीर्ति प्रताप सिंह ने संबंधित विभागों की संयुक्त टीम गठित कर होटलों अस्पतालों और अन्य भीड़भाड़ वाले स्थलों का अग्नि सुरक्षा ऑडिट कराने तथा आवश्यक सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने पर बल दिया। उन्होंने हरिद्वार रेलवे स्टेशन की आपदा प्रतिक्रिया व्यवस्थाओं को और अधिक मजबूत बनाने की आवश्यकता भी बताई। बैठक में पुलिस एनडीआरएफ एसडीआरएफ अग्निशमन स्वास्थ्य और रेलवे सहित विभिन्न विभागों की तैयारियों की समीक्षा करते हुए समन्वित रणनीति अपनाने पर जोर दिया गया। साथ ही यह निर्णय लिया गया कि कुंभ मेला-2027 से पूर्व विभिन्न संभावित आपदा परिदृश्यों को ध्यान में रखते हुए व्यापक स्तर पर मॉक ड्रिल आयोजित की जाएगी। भीड़ प्रबंधन को कुंभ मेले की सबसे बड़ी चुनौती बताते हुए आधुनिक तकनीक आधारित निगरानी प्रणाली सीसीटीवी नेटवर्क ड्रोन निगरानी वास्तविक समय निगरानी प्रणाली तथा अत्याधुनिक एकीकृत कमांड एवं नियंत्रण केंद्र के प्रभावी संचालन पर विशेष जोर दिया गया। प्रमुख स्नान पर्वों के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षित आवाजाही के लिए विस्तृत यातायात एवं पैदल यात्री प्रबंधन योजना तैयार की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर संवेदनशील क्षेत्रों में शून्य क्षेत्र व्यवस्था लागू करने पर भी चर्चा हुई। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (कुंभ मेला) आयुष अग्रवाल ने प्रस्तावित सुरक्षा एवं यातायात प्रबंधन व्यवस्था का प्रस्तुतीकरण करते हुए विभिन्न संभावित आपदा परिस्थितियों से निपटने की रणनीति साझा की। उन्होंने बताया कि प्रमुख स्नान पर्वों के दौरान सेक्टर आधारित प्रबंधन प्रणाली लागू की जाएगी। बैठक में निकासी योजना को सुरक्षा व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा बताते हुए भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में आपातकालीन निकासी मार्गों को चिह्नित करने और उनका परीक्षण करने का निर्णय लिया गया। साथ ही कुंभ मेला-2027 के लिए पृथक घटना प्रतिक्रिया प्रणाली गठित करने पर सहमति बनी जिसके अंतर्गत विभिन्न विभागों की भूमिकाएं स्पष्ट रूप से निर्धारित की जाएंगी तथा सेक्टर कमांडरों की नियुक्ति की जाएगी। मेला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.मनोज वर्मा ने बताया कि कुंभ क्षेत्र में 71 स्वास्थ्य सुविधाओं के माध्यम से कुल 3,456 बिस्तरों की व्यवस्था रहेगी तथा 343 चिकित्साधिकारी और 481 पैरामेडिकल कर्मियों की तैनाती की जाएगी। वहीं जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी मीरा रावत ने बताया कि जिले के 200 प्रशिक्षित आपदा मित्र मेले के दौरान सेवाएं देंगे तथा आवश्यकता अनुसार अतिरिक्त स्वयंसेवकों को भी प्रशिक्षित किया जाएगा। बैठक में नगर आयुक्त नंदन कुमार एनडीएमए के सहायक सलाहकार (संचालन) मेजर अशोक शुक्ल उप मेलाधिकारी मनजीत सिंह लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता डी.पी.सिंह यूपीसीएल के अधीक्षण अभियंता प्रदीप कुमार जल संस्थान के अधीक्षण अभियंता यशवीर मल्ल सहित एनडीआरएफ एसडीआरएफ अग्निशमन स्वास्थ्य उत्तर रेलवे परिवहन वन सिंचाई आपूर्ति युवा कल्याण एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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