प्रदीप कुमार
हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल। यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए हरिद्वार में यातायात पुलिस सीपीयू और परिवहन विभाग द्वारा संयुक्त रूप से विशेष जागरूकता एवं निरीक्षण अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान टूरिस्ट एवं यात्री बसों का गहन निरीक्षण कर सुरक्षा मानकों की जांच की गई तथा चालकों और परिचालकों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। 10 जून 2026 को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार के निर्देशानुसार पुलिस अधीक्षक यातायात के मार्गदर्शन एवं पुलिस उपाधीक्षक यातायात के पर्यवेक्षण में यह संयुक्त अभियान संचालित किया गया। अभियान का मुख्य उद्देश्य बसों में आग लगने की बढ़ती घटनाओं की रोकथाम करना तथा यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना रहा। निरीक्षण के दौरान इलेक्ट्रिक बसों सहित अन्य यात्री बसों की विस्तृत जांच की गई। टीम द्वारा बसों में उपलब्ध अग्निशमन यंत्रों की स्थिति उनकी वैधता और उपयोगिता का परीक्षण किया गया। साथ ही वाहन चालकों और परिचालकों को अग्निशमन यंत्रों के सही उपयोग नियमित जांच और रखरखाव के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। अभियान के दौरान बसों के आपातकालीन निकास द्वार और निकासी मार्गों का भी निरीक्षण किया गया। अधिकारियों ने निर्देश दिए कि आपातकालीन निकास द्वार हर समय अवरोध मुक्त और सुगम स्थिति में रखे जाएं ताकि किसी भी आपात स्थिति में यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके। इसके अलावा बसों में स्थापित अन्य सुरक्षा उपकरणों की भी जांच की गई। यात्रियों की सुरक्षा से संबंधित दिशा-निर्देशों को बसों की खिड़कियों और अन्य प्रमुख स्थानों पर प्रदर्शित करने के निर्देश भी दिए गए जिससे आपात स्थिति में यात्रियों को आवश्यक जानकारी आसानी से उपलब्ध हो सके। यातायात पुलिस हरिद्वार सीपीयू एवं परिवहन विभाग ने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा को और अधिक सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाने के लिए भविष्य में भी ऐसे जागरूकता और निरीक्षण अभियान लगातार चलाए जाएंगे। विभागों ने वाहन संचालकों से निर्धारित सुरक्षा मानकों का पूर्ण पालन करने की अपील करते हुए कहा कि किसी भी आपात स्थिति में घबराने के बजाय उपलब्ध सुरक्षा उपकरणों का सही उपयोग करें तथा यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में सहयोग करें।
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प्रदीप कुमार
हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल। यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए हरिद्वार में यातायात पुलिस सीपीयू और परिवहन विभाग द्वारा संयुक्त रूप से विशेष जागरूकता एवं निरीक्षण अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान टूरिस्ट एवं यात्री बसों का गहन निरीक्षण कर सुरक्षा मानकों की जांच की गई तथा चालकों और परिचालकों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। 10 जून 2026 को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार के निर्देशानुसार पुलिस अधीक्षक यातायात के मार्गदर्शन एवं पुलिस उपाधीक्षक यातायात के पर्यवेक्षण में यह संयुक्त अभियान संचालित किया गया। अभियान का मुख्य उद्देश्य बसों में आग लगने की बढ़ती घटनाओं की रोकथाम करना तथा यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना रहा। निरीक्षण के दौरान इलेक्ट्रिक बसों सहित अन्य यात्री बसों की विस्तृत जांच की गई। टीम द्वारा बसों में उपलब्ध अग्निशमन यंत्रों की स्थिति उनकी वैधता और उपयोगिता का परीक्षण किया गया। साथ ही वाहन चालकों और परिचालकों को अग्निशमन यंत्रों के सही उपयोग नियमित जांच और रखरखाव के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। अभियान के दौरान बसों के आपातकालीन निकास द्वार और निकासी मार्गों का भी निरीक्षण किया गया। अधिकारियों ने निर्देश दिए कि आपातकालीन निकास द्वार हर समय अवरोध मुक्त और सुगम स्थिति में रखे जाएं ताकि किसी भी आपात स्थिति में यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके। इसके अलावा बसों में स्थापित अन्य सुरक्षा उपकरणों की भी जांच की गई। यात्रियों की सुरक्षा से संबंधित दिशा-निर्देशों को बसों की खिड़कियों और अन्य प्रमुख स्थानों पर प्रदर्शित करने के निर्देश भी दिए गए जिससे आपात स्थिति में यात्रियों को आवश्यक जानकारी आसानी से उपलब्ध हो सके। यातायात पुलिस हरिद्वार सीपीयू एवं परिवहन विभाग ने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा को और अधिक सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाने के लिए भविष्य में भी ऐसे जागरूकता और निरीक्षण अभियान लगातार चलाए जाएंगे। विभागों ने वाहन संचालकों से निर्धारित सुरक्षा मानकों का पूर्ण पालन करने की अपील करते हुए कहा कि किसी भी आपात स्थिति में घबराने के बजाय उपलब्ध सुरक्षा उपकरणों का सही उपयोग करें तथा यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में सहयोग करें।