प्रदीप कुमार
रुद्रप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल। प्रदेश सरकार द्वारा कृषि एवं कृषक कल्याण को बढ़ावा देने तथा किसानों की आय में वृद्धि सुनिश्चित करने के उद्देश्य से संचालित खेत बचाओ अभियान के अंतर्गत शनिवार को विकासखंड जखोली के ग्राम मेदनपुर में कृषक गोष्ठी एवं संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में प्रदेश के कृषि एवं कृषक कल्याण मंत्री तथा जनपद रुद्रप्रयाग के प्रभारी मंत्री गणेश जोशी ने किसानों से सीधा संवाद स्थापित करते हुए आधुनिक वैज्ञानिक एवं प्राकृतिक खेती अपनाने का आह्वान किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए गणेश जोशी ने कहा कि भारत एक कृषि प्रधान देश है और आज भी देश की बड़ी आबादी गांवों में निवास कर खेती-किसानी से जुड़ी हुई है। किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाने और खेती को अधिक लाभकारी बनाने के लिए केंद्र और राज्य सरकार निरंतर कार्य कर रही हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में स्थानीय महिलाओं द्वारा मिलेट्स और चौलाई से बने लड्डुओं को केदारनाथ एवं बदरीनाथ धाम में श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद के रूप में तैयार किया जा रहा है जिससे स्थानीय उत्पादों को नई पहचान मिल रही है। इसके साथ ही प्रदेश में उन्नत किस्म के खीरे टमाटर और जैविक खेती को भी बढ़ावा दिया जा रहा है जिससे किसानों की आय में वृद्धि हो रही है। कृषि मंत्री ने बताया कि प्रदेश में 50 हजार पॉलीहाउस स्थापित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है जिसके प्रथम चरण में 16 हजार पॉलीहाउस लगाए जाएंगे। इसके अलावा मिलेट्स ड्रैगन फ्रूट और कीवी की खेती के लिए किसानों को अनुदान उपलब्ध कराया जा रहा है। अरोमा मिशन के अंतर्गत 91 हजार किसानों को जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है ताकि किसान औषधीय और सुगंधित पौधों की खेती से अतिरिक्त आय अर्जित कर सकें। उन्होंने मेदनपुर के किसानों की सराहना करते हुए कहा कि यहां के कृषक नई तकनीकों को अपनाकर खेती के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित कर रहे हैं। सरकार किसानों के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है और इसी उद्देश्य से खेत बचाओ अभियान संचालित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि खेत किसान की आत्मा होते हैं और खेतों में लहलहाती फसलें ही किसान के जीवन में खुशहाली लाती हैं। हालांकि ओलावृष्टि अतिवृष्टि असंतुलित उर्वरक प्रयोग तथा अन्य प्राकृतिक और मानवीय कारणों से फसलों को नुकसान पहुंच सकता है। ऐसे जोखिमों से बचाव के लिए कृषि वैज्ञानिक किसानों को आधुनिक एवं वैज्ञानिक खेती के नए तरीकों की जानकारी दे रहे हैं तथा प्राकृतिक खेती को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि लखपति दीदी योजना के माध्यम से भी महिलाओं की आर्थिक स्थिति में उल्लेखनीय सुधार आया है। स्वस्थ मिट्टी सशक्त किसान समृद्ध भारत की अवधारणा पर आधारित खेत बचाओ अभियान के अंतर्गत जनपद की सभी न्याय पंचायतों में कृषक गोष्ठियों और कृषक-वैज्ञानिक संवाद कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है जिनमें प्रगतिशील किसान भी अपने अनुभव साझा कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि जनपद रुद्रप्रयाग में इस अभियान की शुरुआत 1 जून 2026 से की गई है। अभियान का मुख्य उद्देश्य कृषि भूमि का संरक्षण परती एवं अनुपयोगी भूमि को पुनः खेती योग्य बनाना मृदा स्वास्थ्य में सुधार लाना तथा किसानों को आधुनिक एवं वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों के प्रति जागरूक करना है। अभियान के माध्यम से कृषि विभाग किसानों को मृदा परीक्षण एवं मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन संतुलित उर्वरक उपयोग जैविक एवं प्राकृतिक खेती जल संरक्षण तकनीक फसल विविधीकरण समेकित कीट एवं रोग प्रबंधन तथा जलवायु परिवर्तन के अनुरूप कृषि पद्धतियों की विस्तृत जानकारी उपलब्ध करा रहा है। साथ ही उत्पादन लागत कम करने और उत्पादकता बढ़ाने के लिए नवीन कृषि तकनीकों से भी किसानों को अवगत कराया जा रहा है। इसके अतिरिक्त प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन कृषि यंत्रीकरण उन्नत बीज वितरण कृषक प्रशिक्षण कार्यक्रम कृषि निवेश सहायता सहित विभाग की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी किसानों तक पहुंचाई जा रही है जिससे अधिक से अधिक कृषक इन योजनाओं का लाभ प्राप्त कर अपनी आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ बना सकें। खेत बचाओ अभियान की एक महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि इसके माध्यम से किसानों को कृषि विशेषज्ञों और विभागीय अधिकारियों से सीधे संवाद का अवसर मिल रहा है। किसान अपनी खेती से जुड़ी समस्याओं और जिज्ञासाओं का समाधान मौके पर ही प्राप्त कर रहे हैं जिससे आधुनिक तकनीकों को अपनाने के प्रति उनका विश्वास बढ़ रहा है और कृषि उत्पादन तथा उत्पादकता में वृद्धि की संभावनाएं मजबूत हो रही हैं। जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में इस अभियान को किसानों का उत्साहपूर्ण सहयोग मिल रहा है तथा कृषि विभाग की इस पहल की व्यापक सराहना की जा रही है।
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प्रदीप कुमार
रुद्रप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल। प्रदेश सरकार द्वारा कृषि एवं कृषक कल्याण को बढ़ावा देने तथा किसानों की आय में वृद्धि सुनिश्चित करने के उद्देश्य से संचालित खेत बचाओ अभियान के अंतर्गत शनिवार को विकासखंड जखोली के ग्राम मेदनपुर में कृषक गोष्ठी एवं संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में प्रदेश के कृषि एवं कृषक कल्याण मंत्री तथा जनपद रुद्रप्रयाग के प्रभारी मंत्री गणेश जोशी ने किसानों से सीधा संवाद स्थापित करते हुए आधुनिक वैज्ञानिक एवं प्राकृतिक खेती अपनाने का आह्वान किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए गणेश जोशी ने कहा कि भारत एक कृषि प्रधान देश है और आज भी देश की बड़ी आबादी गांवों में निवास कर खेती-किसानी से जुड़ी हुई है। किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाने और खेती को अधिक लाभकारी बनाने के लिए केंद्र और राज्य सरकार निरंतर कार्य कर रही हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में स्थानीय महिलाओं द्वारा मिलेट्स और चौलाई से बने लड्डुओं को केदारनाथ एवं बदरीनाथ धाम में श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद के रूप में तैयार किया जा रहा है जिससे स्थानीय उत्पादों को नई पहचान मिल रही है। इसके साथ ही प्रदेश में उन्नत किस्म के खीरे टमाटर और जैविक खेती को भी बढ़ावा दिया जा रहा है जिससे किसानों की आय में वृद्धि हो रही है। कृषि मंत्री ने बताया कि प्रदेश में 50 हजार पॉलीहाउस स्थापित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है जिसके प्रथम चरण में 16 हजार पॉलीहाउस लगाए जाएंगे। इसके अलावा मिलेट्स ड्रैगन फ्रूट और कीवी की खेती के लिए किसानों को अनुदान उपलब्ध कराया जा रहा है। अरोमा मिशन के अंतर्गत 91 हजार किसानों को जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है ताकि किसान औषधीय और सुगंधित पौधों की खेती से अतिरिक्त आय अर्जित कर सकें। उन्होंने मेदनपुर के किसानों की सराहना करते हुए कहा कि यहां के कृषक नई तकनीकों को अपनाकर खेती के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित कर रहे हैं। सरकार किसानों के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है और इसी उद्देश्य से खेत बचाओ अभियान संचालित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि खेत किसान की आत्मा होते हैं और खेतों में लहलहाती फसलें ही किसान के जीवन में खुशहाली लाती हैं। हालांकि ओलावृष्टि अतिवृष्टि असंतुलित उर्वरक प्रयोग तथा अन्य प्राकृतिक और मानवीय कारणों से फसलों को नुकसान पहुंच सकता है। ऐसे जोखिमों से बचाव के लिए कृषि वैज्ञानिक किसानों को आधुनिक एवं वैज्ञानिक खेती के नए तरीकों की जानकारी दे रहे हैं तथा प्राकृतिक खेती को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि लखपति दीदी योजना के माध्यम से भी महिलाओं की आर्थिक स्थिति में उल्लेखनीय सुधार आया है। स्वस्थ मिट्टी सशक्त किसान समृद्ध भारत की अवधारणा पर आधारित खेत बचाओ अभियान के अंतर्गत जनपद की सभी न्याय पंचायतों में कृषक गोष्ठियों और कृषक-वैज्ञानिक संवाद कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है जिनमें प्रगतिशील किसान भी अपने अनुभव साझा कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि जनपद रुद्रप्रयाग में इस अभियान की शुरुआत 1 जून 2026 से की गई है। अभियान का मुख्य उद्देश्य कृषि भूमि का संरक्षण परती एवं अनुपयोगी भूमि को पुनः खेती योग्य बनाना मृदा स्वास्थ्य में सुधार लाना तथा किसानों को आधुनिक एवं वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों के प्रति जागरूक करना है। अभियान के माध्यम से कृषि विभाग किसानों को मृदा परीक्षण एवं मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन संतुलित उर्वरक उपयोग जैविक एवं प्राकृतिक खेती जल संरक्षण तकनीक फसल विविधीकरण समेकित कीट एवं रोग प्रबंधन तथा जलवायु परिवर्तन के अनुरूप कृषि पद्धतियों की विस्तृत जानकारी उपलब्ध करा रहा है। साथ ही उत्पादन लागत कम करने और उत्पादकता बढ़ाने के लिए नवीन कृषि तकनीकों से भी किसानों को अवगत कराया जा रहा है। इसके अतिरिक्त प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन कृषि यंत्रीकरण उन्नत बीज वितरण कृषक प्रशिक्षण कार्यक्रम कृषि निवेश सहायता सहित विभाग की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी किसानों तक पहुंचाई जा रही है जिससे अधिक से अधिक कृषक इन योजनाओं का लाभ प्राप्त कर अपनी आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ बना सकें। खेत बचाओ अभियान की एक महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि इसके माध्यम से किसानों को कृषि विशेषज्ञों और विभागीय अधिकारियों से सीधे संवाद का अवसर मिल रहा है। किसान अपनी खेती से जुड़ी समस्याओं और जिज्ञासाओं का समाधान मौके पर ही प्राप्त कर रहे हैं जिससे आधुनिक तकनीकों को अपनाने के प्रति उनका विश्वास बढ़ रहा है और कृषि उत्पादन तथा उत्पादकता में वृद्धि की संभावनाएं मजबूत हो रही हैं। जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में इस अभियान को किसानों का उत्साहपूर्ण सहयोग मिल रहा है तथा कृषि विभाग की इस पहल की व्यापक सराहना की जा रही है।