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प्रदीप कुमार
हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल। जनपद में आपदा प्रबंधन व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने के उद्देश्य से जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण एवं राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) के संयुक्त तत्वावधान में आपदा मित्रों और ग्रामीण स्वयंसेवकों के लिए पांच दिवसीय आपदा प्रबंधन खोज एवं बचाव प्राथमिक उपचार तथा वाटर रेस्क्यू प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ आपदा प्रबंधन सभागार में किया गया। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी मीरा रावत ने बताया कि यह प्रशिक्षण कार्यक्रम जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देशन में आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में सभी प्रशिक्षकों और प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य आपदा मित्रों और स्वयंसेवकों को बाढ़ प्रबंधन जलजनित आपदाओं खोज एवं बचाव कार्यों तथा प्राथमिक सहायता से संबंधित सैद्धांतिक और व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान कर उनकी क्षमता में वृद्धि करना है ताकि आपदा की स्थिति में वे प्रभावी भूमिका निभा सकें। उन्होंने प्रतिभागियों को जनपद स्तर पर 24 घंटे संचालित आपदा प्रबंधन कंट्रोल रूम की जानकारी देते हुए किसी भी आपदा की स्थिति में तत्काल स्पष्ट सूचना उपलब्ध कराने के लिए प्रेरित किया। इस दौरान कंट्रोल रूम के दूरभाष नंबर 01334-223999, 9528250926 एवं 7055258800 की जानकारी भी दी गई। प्रशिक्षण कार्यक्रम में मास्टर ट्रेनर मनोज कण्डियाल ने आपदा प्रबंधन अधिनियम-2005 तथा जनपद में इंसिडेंट रिस्पांस सिस्टम (आईआरएस) की भूमिका पर पावर प्वाइंट प्रस्तुति के माध्यम से विस्तृत जानकारी दी। एनडीआरएफ टीम के सब इंस्पेक्टर रविन्द्र कुमार ने प्रतिभागियों को आधुनिक खोज एवं बचाव तकनीकों आपदा जोखिम न्यूनीकरण समुदाय आधारित आपदा प्रबंधन तथा आपदा के समय स्थानीय स्वयंसेवकों की भूमिका के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षित स्वयंसेवक आपदा की स्थिति में राहत एवं बचाव कार्यों को अधिक प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। प्रशिक्षण कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में एनडीआरएफ के रविन्द्र कुमार अमित गुप्ता कमला सचिन कुमार सहित आपदा प्रबंधन विभाग की टीम और अन्य प्रतिभागी उपस्थित रहे। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को आपदा प्रबंधन से जुड़े विभिन्न विषयों पर सैद्धांतिक एवं व्यवहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा जिससे जनपद की आपदा से निपटने की क्षमता को और अधिक सुदृढ़ बनाया जा सके।

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