प्रदीप कुमार
चमोली/श्रीनगर गढ़वाल। नंदप्रयाग में निर्माणाधीन तहसील भवन एवं आवासीय परिसर के कार्यों का निरीक्षण करते हुए जिलाधिकारी गौरव कुमार ने अधिकारियों और कार्यदायी संस्था को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुरक्षा मानकों के अनुपालन तथा निर्धारित समयसीमा में कार्य पूर्ण करने पर विशेष बल दिया। लगभग 265.34 लाख रुपये की लागत से ग्रामीण निर्माण विभाग द्वारा बनाए जा रहे जी+1 तहसील भवन के विभिन्न कक्षों का निरीक्षण कर जिलाधिकारी ने उनकी उपयोगिता एवं कार्यात्मक आवश्यकताओं की समीक्षा की। उन्होंने भूतल पर प्रस्तावित नायब तहसीलदार कक्ष तहसीलदार कक्ष कोर्ट रूम खतौनी कक्ष आरके रूम रिकॉर्ड रूम तथा लॉकर रूम का निरीक्षण करते हुए आवश्यक सुधार एवं व्यवस्थाओं के निर्देश दिए। वहीं प्रथम तल पर स्थित प्रशासनिक कक्ष उपजिलाधिकारी कक्ष पेशकार कक्ष उपजिलाधिकारी न्यायालय तथा मीटिंग हॉल का भी अवलोकन किया। जिलाधिकारी ने कहा कि तहसील भवन में आने वाले आम नागरिकों की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने आगंतुकों के लिए स्वच्छ एवं पर्याप्त शौचालय व्यवस्था बैठने की समुचित सुविधा तथा नागरिक-अनुकूल वातावरण विकसित करने के निर्देश दिए। साथ ही भवन को दिव्यांगजन-अनुकूल बनाने पर विशेष जोर देते हुए रैंप सुगम पहुंच और अन्य आवश्यक सुविधाएं निर्धारित मानकों के अनुरूप विकसित करने को कहा। रिकॉर्ड प्रबंधन को अधिक व्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी ने स्टोर एवं रिकॉर्ड रूम को आवश्यकता के अनुरूप विकसित करने के निर्देश दिए ताकि अभिलेखों के सुरक्षित रखरखाव और व्यवस्थित रिकॉर्ड प्रबंधन में किसी प्रकार की कठिनाई न हो। इसके अतिरिक्त उन्होंने भवन परिसर में लिफ्ट स्थापना का कार्य भी निर्माण कार्य के साथ-साथ पूर्ण करने के निर्देश दिए जिससे कर्मचारियों और आमजन को बेहतर सुविधा मिल सके। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने निर्माण स्थल पर श्रमिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए सभी सुरक्षा मानकों एवं श्रम सुरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कार्यदायी संस्था को उच्च गुणवत्ता के साथ निर्माण कार्य को समयबद्ध ढंग से पूरा करने को कहा और स्पष्ट किया कि निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। इसके उपरांत जिलाधिकारी ने निर्माणाधीन तहसील आवासीय परिसर का भी निरीक्षण किया। लगभग 236.50 लाख रुपये की लागत से निर्मित किए जा रहे आवासीय भवनों में चार टाइप-1 चार टाइप-2 एक टाइप-3 तथा एक टाइप-4 आवासीय क्वार्टर शामिल हैं। उन्होंने निर्माण कार्यों की प्रगति का जायजा लेते हुए कार्यदायी संस्था को निर्माण की गति बढ़ाने के निर्देश दिए तथा सभी आवासीय इकाइयों का कार्य जनवरी माह तक पूर्ण करने को कहा। निरीक्षण के दौरान उपजिलाधिकारी राजकुमार पांडे अधिशासी अभियंता ग्रामीण निर्माण विभाग आल्हा दिया सहित अन्य संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
