प्रदीप कुमार
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। कृषि भूमि की उर्वरा शक्ति को संरक्षित करने तथा किसानों को प्राकृतिक खेती के प्रति जागरूक बनाने के उद्देश्य से विकास भवन सभागार में “खेत बचाओ अभियान” के अंतर्गत एक दिवसीय कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी गई तथा कृषि क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले प्रगतिशील किसानों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में जनपद के लगभग 130 किसानों ने प्रतिभाग किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक राजकुमार पोरी ने कहा कि उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था में कृषि की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने किसानों से प्राकृतिक एवं जैविक खेती को अपनाकर भूमि की उर्वरा शक्ति को सुरक्षित रखने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि कृषि उद्यान पशुपालन तथा अन्य विभागों द्वारा संचालित योजनाओं का लाभ लेकर किसान अपनी आय में उल्लेखनीय वृद्धि कर सकते हैं। प्रगतिशील किसानों के अनुभव अन्य किसानों के लिए प्रेरणास्रोत हैं और ऐसे प्रयास कृषि क्षेत्र को नई दिशा प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों की आय बढ़ाने तथा कृषि को अधिक सशक्त और लाभकारी बनाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। मुख्य कृषि अधिकारी ऋतु कुकरेती जुयाल ने कहा कि रासायनिक खाद और उर्वरकों के अत्यधिक प्रयोग से भूमि की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है। उन्होंने किसानों से प्राकृतिक और टिकाऊ खेती की ओर बढ़ने का आग्रह करते हुए कृषि विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ.अरदीप ने प्राकृतिक खेती के महत्व, इसके दीर्घकालिक लाभ तथा कम लागत में अधिक उत्पादन प्राप्त करने की तकनीकों पर विस्तार से जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि प्राकृतिक खेती उत्पादन लागत कम करने के साथ-साथ मिट्टी के स्वास्थ्य को भी बेहतर बनाती है तथा पर्यावरण संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। कार्यक्रम में ब्लॉक प्रमुख अस्मिता नेगी किसान आयोग के सदस्य ओमप्रकाश जुगरान फसल बीमा समन्वयक राकेश शर्मा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी कृषि विशेषज्ञ और बड़ी संख्या में प्रगतिशील किसान उपस्थित रहे।
खेत बचाओ अभियान में प्राकृतिक खेती पर जोर विधायक राजकुमार पोरी ने प्रगतिशील किसानों को किया सम्मानित
