प्रदीप कुमार
रुद्रप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल। श्री केदारनाथ धाम में प्रतिवर्ष बढ़ रही श्रद्धालुओं की संख्या दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों तथा सीमित संसाधनों के बावजूद जिला प्रशासन श्रद्धालुओं को स्वच्छ सुरक्षित और बेहतर यात्रा अनुभव उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रहा है। जिलाधिकारी विशाल मिश्रा के निर्देशन में धाम क्षेत्र में स्वच्छता व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए विभिन्न विभागों और संस्थाओं के समन्वय से व्यापक सफाई अभियान संचालित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में बुधवार को श्री केदारनाथ धाम में विभिन्न स्थानों पर बिखरे जूते-चप्पलों के सुव्यवस्थित प्रबंधन और सफाई को लेकर विशेष अभियान चलाया गया। अभियान के तहत मंदिर परिसर केदारपुरी तथा नदी तट के आसपास फैले जूते-चप्पलों को हटाते हुए व्यापक सफाई कार्य किया गया। इस दौरान पर्यावरण मित्रों स्वच्छता कर्मियों और सहयोगी संस्थाओं ने सक्रिय भागीदारी निभाते हुए श्रद्धालुओं को स्वच्छता पर्यावरण संरक्षण तथा ग्रीन एवं क्लीन यात्रा का संदेश दिया। जिला प्रशासन द्वारा यात्रा अवधि के दौरान संपूर्ण यात्रा मार्ग से लेकर श्री केदारनाथ धाम तक स्वच्छता एवं जनसुविधाओं की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। यात्रा मार्ग पर 240 से अधिक शौचालय संचालित किए जा रहे हैं जिनमें महिलाओं और पुरुषों के लिए 600 से अधिक शौचालय सीटें उपलब्ध हैं। साथ ही प्रत्येक शौचालय में दिव्यांगजनों के लिए भी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। धाम और यात्रा मार्ग की नियमित सफाई व्यवस्था के लिए सुलभ इंटरनेशनल द्वारा 410 पर्यावरण मित्रों और 32 सुपरवाइजरों की तैनाती की गई है। वहीं ठोस अपशिष्ट के प्रभावी संग्रहण के लिए पैदल यात्रा मार्ग पर 600 से अधिक डस्टबिन लगाए गए हैं। श्री केदारनाथ धाम में स्वच्छता व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए सुलभ इंटरनेशनल नगर पंचायत केदारनाथ जिला पंचायत तथा बदरी-केदार मंदिर समिति के माध्यम से समन्वित रूप से कार्य किया जा रहा है। श्रद्धालुओं के जूते-चप्पलों के बेहतर प्रबंधन के लिए केदारनाथ मास्टर प्लान के अंतर्गत शू कलेक्शन प्वाइंट और शू डिस्ट्रीब्यूशन प्वाइंट विकसित किए जाने का प्रस्ताव है। वर्तमान में यह व्यवस्था विभिन्न संस्थाओं के सहयोग से संचालित की जा रही है जिससे धाम परिसर की स्वच्छता और सुव्यवस्था बनाए रखने में मदद मिल रही है। सोनप्रयाग में स्थापित कम्पैक्टर मशीन के माध्यम से प्रतिदिन औसतन 3.05 टन ठोस अपशिष्ट का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण किया जा रहा है जिससे अपशिष्ट प्रबंधन प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाया गया है। स्वच्छता व्यवस्था को नई दिशा देते हुए नगर पंचायत केदारनाथ द्वारा हीलिंग हिमालयाज फाउंडेशन और सुलभ इंटरनेशनल के सहयोग से कैरी मी बैक पॉलिसी लागू की गई है। इस पहल के तहत श्रद्धालुओं को लगभग 400 से 500 ग्राम क्षमता वाले बैग उपलब्ध कराए जा रहे हैं जिनमें वे सूखा कूड़ा एकत्र कर गौरीकुंड तक वापस लेकर आ रहे हैं। इससे धाम क्षेत्र में कूड़े का अनावश्यक संचय नहीं हो रहा है और पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिल रहा है। जिला प्रशासन का उद्देश्य केवल स्वच्छता व्यवस्था बनाए रखना ही नहीं बल्कि प्रत्येक श्रद्धालु को स्वच्छ सुव्यवस्थित और पर्यावरण-अनुकूल यात्रा अनुभव उपलब्ध कराना भी है। इसी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए सभी संबंधित विभाग और संस्थाएं समन्वित रूप से कार्य करते हुए श्री केदारनाथ धाम की गरिमा पवित्रता और प्राकृतिक सौंदर्य को अक्षुण्ण बनाए रखने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं।
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प्रदीप कुमार
रुद्रप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल। श्री केदारनाथ धाम में प्रतिवर्ष बढ़ रही श्रद्धालुओं की संख्या दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों तथा सीमित संसाधनों के बावजूद जिला प्रशासन श्रद्धालुओं को स्वच्छ सुरक्षित और बेहतर यात्रा अनुभव उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रहा है। जिलाधिकारी विशाल मिश्रा के निर्देशन में धाम क्षेत्र में स्वच्छता व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए विभिन्न विभागों और संस्थाओं के समन्वय से व्यापक सफाई अभियान संचालित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में बुधवार को श्री केदारनाथ धाम में विभिन्न स्थानों पर बिखरे जूते-चप्पलों के सुव्यवस्थित प्रबंधन और सफाई को लेकर विशेष अभियान चलाया गया। अभियान के तहत मंदिर परिसर केदारपुरी तथा नदी तट के आसपास फैले जूते-चप्पलों को हटाते हुए व्यापक सफाई कार्य किया गया। इस दौरान पर्यावरण मित्रों स्वच्छता कर्मियों और सहयोगी संस्थाओं ने सक्रिय भागीदारी निभाते हुए श्रद्धालुओं को स्वच्छता पर्यावरण संरक्षण तथा ग्रीन एवं क्लीन यात्रा का संदेश दिया। जिला प्रशासन द्वारा यात्रा अवधि के दौरान संपूर्ण यात्रा मार्ग से लेकर श्री केदारनाथ धाम तक स्वच्छता एवं जनसुविधाओं की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। यात्रा मार्ग पर 240 से अधिक शौचालय संचालित किए जा रहे हैं जिनमें महिलाओं और पुरुषों के लिए 600 से अधिक शौचालय सीटें उपलब्ध हैं। साथ ही प्रत्येक शौचालय में दिव्यांगजनों के लिए भी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। धाम और यात्रा मार्ग की नियमित सफाई व्यवस्था के लिए सुलभ इंटरनेशनल द्वारा 410 पर्यावरण मित्रों और 32 सुपरवाइजरों की तैनाती की गई है। वहीं ठोस अपशिष्ट के प्रभावी संग्रहण के लिए पैदल यात्रा मार्ग पर 600 से अधिक डस्टबिन लगाए गए हैं। श्री केदारनाथ धाम में स्वच्छता व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए सुलभ इंटरनेशनल नगर पंचायत केदारनाथ जिला पंचायत तथा बदरी-केदार मंदिर समिति के माध्यम से समन्वित रूप से कार्य किया जा रहा है। श्रद्धालुओं के जूते-चप्पलों के बेहतर प्रबंधन के लिए केदारनाथ मास्टर प्लान के अंतर्गत शू कलेक्शन प्वाइंट और शू डिस्ट्रीब्यूशन प्वाइंट विकसित किए जाने का प्रस्ताव है। वर्तमान में यह व्यवस्था विभिन्न संस्थाओं के सहयोग से संचालित की जा रही है जिससे धाम परिसर की स्वच्छता और सुव्यवस्था बनाए रखने में मदद मिल रही है। सोनप्रयाग में स्थापित कम्पैक्टर मशीन के माध्यम से प्रतिदिन औसतन 3.05 टन ठोस अपशिष्ट का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण किया जा रहा है जिससे अपशिष्ट प्रबंधन प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाया गया है। स्वच्छता व्यवस्था को नई दिशा देते हुए नगर पंचायत केदारनाथ द्वारा हीलिंग हिमालयाज फाउंडेशन और सुलभ इंटरनेशनल के सहयोग से कैरी मी बैक पॉलिसी लागू की गई है। इस पहल के तहत श्रद्धालुओं को लगभग 400 से 500 ग्राम क्षमता वाले बैग उपलब्ध कराए जा रहे हैं जिनमें वे सूखा कूड़ा एकत्र कर गौरीकुंड तक वापस लेकर आ रहे हैं। इससे धाम क्षेत्र में कूड़े का अनावश्यक संचय नहीं हो रहा है और पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिल रहा है। जिला प्रशासन का उद्देश्य केवल स्वच्छता व्यवस्था बनाए रखना ही नहीं बल्कि प्रत्येक श्रद्धालु को स्वच्छ सुव्यवस्थित और पर्यावरण-अनुकूल यात्रा अनुभव उपलब्ध कराना भी है। इसी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए सभी संबंधित विभाग और संस्थाएं समन्वित रूप से कार्य करते हुए श्री केदारनाथ धाम की गरिमा पवित्रता और प्राकृतिक सौंदर्य को अक्षुण्ण बनाए रखने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं।