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प्रदीप कुमार
श्रीनगर गढ़वाल। 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय में शनिवार प्रात भव्य योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के अधिकारियों शिक्षकों शोधार्थियों विद्यार्थियों तथा नगरवासियों ने बड़ी संख्या में प्रतिभाग कर योग के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो.श्रीप्रकाश सिंह ने प्रतिभागियों को नियमित योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं बल्कि मानसिक शारीरिक और आध्यात्मिक संतुलन स्थापित करने का प्रभावी माध्यम है। योग व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है तथा उसे स्वस्थ और संतुलित जीवन जीने की प्रेरणा देता है। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस संदेश के सामूहिक श्रवण के साथ हुआ। इसके बाद निर्धारित कॉमन योग प्रोटोकॉल के अनुसार विभिन्न योगासनों प्राणायाम और ध्यान का सामूहिक अभ्यास कराया गया। योगाभ्यास का संचालन डॉ.विनोद नौटियाल एवं डॉ.रजनी नौटियाल ने किया। उन्होंने प्रतिभागियों को विभिन्न योग क्रियाओं के साथ उनके स्वास्थ्य लाभों की भी जानकारी दी। योग कार्यक्रम में कुलसचिव प्रो. वाई.पी.रैवानी डीन भर्ती एवं पदोन्नति प्रो.एम.एस.पंवार मुख्य प्रॉक्टर प्रो.दीपक कुमार मुख्य छात्रावास अधीक्षक प्रो.एस.एस.बिष्ट टिहरी परिसर निदेशक प्रो.बौराई चौरास परिसर निदेशक प्रो.आर.एस. नेगी सहित विश्वविद्यालय के अनेक वरिष्ठ शिक्षक अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। विशेष अतिथि के रूप में राज्य युवा कल्याण सलाहकार परिषद के उपाध्यक्ष एवं राज्यमंत्री दर्जा प्राप्त विनोद सुयाल तथा उनकी समिति के सदस्य भी कार्यक्रम में शामिल हुए। योगाभ्यास के उपरांत विभागाध्यक्ष डॉ.अनुजा रावत ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का स्वागत किया जबकि अधिष्ठाता छात्र कल्याण (डीएसडब्ल्यू) प्रो.ओ.पी.गुसाईं ने कार्यक्रम की सफलता के लिए सभी के प्रति आभार व्यक्त किया। विश्वविद्यालय के लिए यह विशेष उपलब्धि रही कि आयुष मंत्रालय के ‘संगम’ पोर्टल पर पंजीकरण के उपरांत संस्थान को मंत्रालय की ओर से सहभागिता प्रमाण-पत्र भी प्राप्त हुआ। इसे विश्वविद्यालय की सक्रिय भागीदारी तथा योग के प्रति उसकी प्रतिबद्धता का महत्वपूर्ण प्रमाण माना जा रहा है। कार्यक्रम के सफल आयोजन में विश्वविद्यालय के शिक्षकों कर्मचारियों शोधार्थियों विद्यार्थियों एवं स्थानीय नागरिकों का उल्लेखनीय योगदान रहा। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के इस आयोजन ने योग को जन-जन तक पहुंचाने और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने का सशक्त संदेश दिया।

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