प्रदीप कुमार
चमोली/श्रीनगर गढ़वाल। विकासखंड दशोली अंतर्गत मंडल घाटी सीएलएफ के तहत स्वयं सहायता समूह द्वारा संचालित सामुदायिक उद्यम हिलास भोजनालय का शुभारंभ रविवार को राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने किया। ग्रामोत्थान परियोजना के माध्यम से शुरू की गई यह पहल ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार और उद्यमिता से जोड़कर उनकी आर्थिक सशक्तता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य विकास अधिकारी डॉ.अभिषेक त्रिपाठी ने ग्रामोत्थान परियोजना के उद्देश्यों तथा आजीविका संवर्धन से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि परियोजना के माध्यम से स्वयं सहायता समूहों को स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं जिससे उनकी आय में वृद्धि होने के साथ आर्थिक स्थिति भी मजबूत हो रही है। राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उत्तराखंड के स्थानीय और पारंपरिक पहाड़ी उत्पादों को तीर्थयात्रियों तथा पर्यटकों तक पहुंचाना समय की आवश्यकता है। इससे एक ओर स्थानीय उत्पादों को व्यापक बाजार मिलेगा वहीं प्रदेश की समृद्ध खाद्य संस्कृति और पारंपरिक उत्पादों को भी नई पहचान प्राप्त होगी। उन्होंने कहा कि भोजनालय के संचालन में भोजन की गुणवत्ता स्वच्छता और ग्राहकों के प्रति व्यवहार का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए। बेहतर सेवाएं ही किसी भी उद्यम की सफलता की कुंजी होती हैं। इससे लोगों का विश्वास बढ़ेगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार तथा आय के नए अवसर सृजित होंगे। महेंद्र भट्ट ने परियोजना अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनपद के प्रमुख यात्रा मार्गों पर भी इस प्रकार के सामुदायिक भोजनालय स्थापित किए जाएं ताकि स्थानीय महिलाओं और युवाओं को रोजगार मिल सके तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान हो। कार्यक्रम में दर्जा राज्य मंत्री हरक सिंह नेगी जिला महामंत्री अरुण चमोली जिला विकास अधिकारी कमलेश पंत जिला परियोजना प्रबंधक शशिकांत यादव रीप परियोजना के सहायक प्रबंधक स्वयं सहायता समूहों की सदस्याएं तथा अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
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प्रदीप कुमार
चमोली/श्रीनगर गढ़वाल। विकासखंड दशोली अंतर्गत मंडल घाटी सीएलएफ के तहत स्वयं सहायता समूह द्वारा संचालित सामुदायिक उद्यम हिलास भोजनालय का शुभारंभ रविवार को राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने किया। ग्रामोत्थान परियोजना के माध्यम से शुरू की गई यह पहल ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार और उद्यमिता से जोड़कर उनकी आर्थिक सशक्तता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य विकास अधिकारी डॉ.अभिषेक त्रिपाठी ने ग्रामोत्थान परियोजना के उद्देश्यों तथा आजीविका संवर्धन से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि परियोजना के माध्यम से स्वयं सहायता समूहों को स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं जिससे उनकी आय में वृद्धि होने के साथ आर्थिक स्थिति भी मजबूत हो रही है। राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उत्तराखंड के स्थानीय और पारंपरिक पहाड़ी उत्पादों को तीर्थयात्रियों तथा पर्यटकों तक पहुंचाना समय की आवश्यकता है। इससे एक ओर स्थानीय उत्पादों को व्यापक बाजार मिलेगा वहीं प्रदेश की समृद्ध खाद्य संस्कृति और पारंपरिक उत्पादों को भी नई पहचान प्राप्त होगी। उन्होंने कहा कि भोजनालय के संचालन में भोजन की गुणवत्ता स्वच्छता और ग्राहकों के प्रति व्यवहार का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए। बेहतर सेवाएं ही किसी भी उद्यम की सफलता की कुंजी होती हैं। इससे लोगों का विश्वास बढ़ेगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार तथा आय के नए अवसर सृजित होंगे। महेंद्र भट्ट ने परियोजना अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनपद के प्रमुख यात्रा मार्गों पर भी इस प्रकार के सामुदायिक भोजनालय स्थापित किए जाएं ताकि स्थानीय महिलाओं और युवाओं को रोजगार मिल सके तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान हो। कार्यक्रम में दर्जा राज्य मंत्री हरक सिंह नेगी जिला महामंत्री अरुण चमोली जिला विकास अधिकारी कमलेश पंत जिला परियोजना प्रबंधक शशिकांत यादव रीप परियोजना के सहायक प्रबंधक स्वयं सहायता समूहों की सदस्याएं तथा अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।