प्रदीप कुमार
श्रीनगर गढ़वाल। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर में उत्साह और अनुशासन के साथ योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कॉलेज के संकाय सदस्यों एमबीबीएस छात्रों एवं कर्मचारियों ने सामूहिक रूप से विभिन्न योगासन और प्राणायाम कर स्वस्थ एवं संतुलित जीवन जीने का संकल्प लिया। पूरे परिसर में योग और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता का संदेश देखने को मिला। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ.आशुतोष सयाना ने कहा कि वर्तमान भागदौड़ भरे जीवन में योग केवल एक व्यायाम नहीं बल्कि बेहतर स्वास्थ्य मानसिक शांति और सकारात्मक जीवनशैली का आधार बन चुका है। उन्होंने कहा कि योग भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर है जिसे आज पूरा विश्व अपना रहा है। डॉ.सयाना ने कहा कि नियमित योग अभ्यास से शरीर स्वस्थ मन शांत और विचार सकारात्मक बने रहते हैं। उन्होंने कहा कि योग की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी श्वास और प्रश्वास की प्रक्रिया है। सही तरीके से सांस लेना और छोड़ना ही योग की प्रभावशीलता को बढ़ाता है इसलिए योगाभ्यास प्रशिक्षित योग विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में करना चाहिए। उन्होंने सभी से अपील की कि योग को केवल एक दिवस तक सीमित न रखते हुए इसे अपनी दैनिक दिनचर्या का अभिन्न हिस्सा बनाएं जिससे जीवन में शारीरिक मानसिक और आध्यात्मिक संतुलन स्थापित किया जा सके। कार्यक्रम में हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय के योग विभाग के शोधार्थी आयन सिंह एवं छात्र तनिष्क कोहली ने प्रतिभागियों को ताड़ासन वृक्षासन भुजंगासन वज्रासन सहित विभिन्न योगासन एवं प्राणायाम का अभ्यास कराया तथा उनके स्वास्थ्य लाभों की भी जानकारी दी। इस अवसर पर डॉ.विनिता रावत डॉ.ए.एन.पांडेय डॉ.सतेंद्र यादव डॉ.सुरेंद्र सिंह डॉ.मोहित सैनी प्रदीप नेगी प्रमोद पंवार सहित मेडिकल कॉलेज के संकाय सदस्य कर्मचारी और बड़ी संख्या में एमबीबीएस छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
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प्रदीप कुमार
श्रीनगर गढ़वाल। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर में उत्साह और अनुशासन के साथ योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कॉलेज के संकाय सदस्यों एमबीबीएस छात्रों एवं कर्मचारियों ने सामूहिक रूप से विभिन्न योगासन और प्राणायाम कर स्वस्थ एवं संतुलित जीवन जीने का संकल्प लिया। पूरे परिसर में योग और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता का संदेश देखने को मिला। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ.आशुतोष सयाना ने कहा कि वर्तमान भागदौड़ भरे जीवन में योग केवल एक व्यायाम नहीं बल्कि बेहतर स्वास्थ्य मानसिक शांति और सकारात्मक जीवनशैली का आधार बन चुका है। उन्होंने कहा कि योग भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर है जिसे आज पूरा विश्व अपना रहा है। डॉ.सयाना ने कहा कि नियमित योग अभ्यास से शरीर स्वस्थ मन शांत और विचार सकारात्मक बने रहते हैं। उन्होंने कहा कि योग की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी श्वास और प्रश्वास की प्रक्रिया है। सही तरीके से सांस लेना और छोड़ना ही योग की प्रभावशीलता को बढ़ाता है इसलिए योगाभ्यास प्रशिक्षित योग विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में करना चाहिए। उन्होंने सभी से अपील की कि योग को केवल एक दिवस तक सीमित न रखते हुए इसे अपनी दैनिक दिनचर्या का अभिन्न हिस्सा बनाएं जिससे जीवन में शारीरिक मानसिक और आध्यात्मिक संतुलन स्थापित किया जा सके। कार्यक्रम में हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय के योग विभाग के शोधार्थी आयन सिंह एवं छात्र तनिष्क कोहली ने प्रतिभागियों को ताड़ासन वृक्षासन भुजंगासन वज्रासन सहित विभिन्न योगासन एवं प्राणायाम का अभ्यास कराया तथा उनके स्वास्थ्य लाभों की भी जानकारी दी। इस अवसर पर डॉ.विनिता रावत डॉ.ए.एन.पांडेय डॉ.सतेंद्र यादव डॉ.सुरेंद्र सिंह डॉ.मोहित सैनी प्रदीप नेगी प्रमोद पंवार सहित मेडिकल कॉलेज के संकाय सदस्य कर्मचारी और बड़ी संख्या में एमबीबीएस छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।