प्रदीप कुमार
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। जनपद में अपराध नियंत्रण कानून व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने तथा पुलिस कार्यप्रणाली की समीक्षा के उद्देश्य से वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सर्वेश पंवार ने शनिवार को पुलिस लाइन पौड़ी में मासिक अपराध समीक्षा गोष्ठी आयोजित की। बैठक में सभी राजपत्रित अधिकारी थाना प्रभारी और अन्य पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे। इस दौरान अपराधों की स्थिति लंबित विवेचनाओं कानून व्यवस्था महिला सुरक्षा साइबर अपराध नशा उन्मूलन यातायात प्रबंधन और जनसुरक्षा से जुड़े विभिन्न विषयों की विस्तार से समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। बैठक में एसएसपी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि पुलिस मुख्यालय द्वारा संचालित सभी अभियानों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। महिला सुरक्षा साइबर अपराध नियंत्रण नशा उन्मूलन सत्यापन अभियान अपराधियों की गिरफ्तारी ऑपरेशन प्रहार तथा जनजागरूकता अभियानों को लक्ष्य आधारित और परिणामोन्मुखी तरीके से संचालित किया जाए तथा उनकी नियमित समीक्षा भी की जाए। लंबित विवेचनाओं पर सख्त नाराजगी जताते हुए उन्होंने संबंधित थाना प्रभारियों को फटकार लगाई। निर्देश दिए कि छोटे अपराधों का निस्तारण 15 दिन के भीतर तथा अन्य मामलों का 60 से 90 दिनों के भीतर हर हाल में किया जाए। अनावश्यक रूप से विवेचना लंबित रखने वाले थाना प्रभारियों और विवेचकों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। साथ ही सभी विवेचकों को ई-साक्ष्य एप पर शत-प्रतिशत कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। एसएसपी ने कहा कि शिकायतकर्ताओं की सुविधा के लिए ई-एफआईआर और जीरो एफआईआर की व्यवस्था उपलब्ध है। जनपद में अब तक केवल पांच ई-एफआईआर दर्ज होना चिंता का विषय है। सभी थाना प्रभारी शिकायतकर्ताओं को इस सुविधा की जानकारी दें तथा ऐसे मामलों में तत्काल एफआईआर दर्ज कर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करें। अग्निकांड की घटनाओं को देखते हुए सभी फायर यूनिटों को अपने-अपने क्षेत्रों में कोचिंग संस्थानों अस्पतालों कार्यालयों वेडिंग प्वाइंट होटल तथा अन्य सार्वजनिक संस्थानों का नियमित फायर सुरक्षा ऑडिट करने तथा वहां लगे अग्निशमन उपकरणों की कार्यशीलता जांचने के निर्देश दिए गए। साथ ही कर्मचारियों को अग्निशमन और बचाव संबंधी प्रशिक्षण देकर जागरूक करने को कहा गया। नशा उन्मूलन अभियान की समीक्षा करते हुए एसएसपी ने कहा कि कार्रवाई केवल तस्करों की गिरफ्तारी तक सीमित न रहे बल्कि पूरे सप्लाई नेटवर्क को ध्वस्त किया जाए। मादक पदार्थों की तस्करी में शामिल स्रोतों सप्लायरों परिवहनकर्ताओं आर्थिक सहयोगियों और संरक्षण देने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। नशा प्रभावित क्षेत्रों और चिन्हित ड्रग्स हॉटस्पॉट पर विशेष निगरानी नियमित चेकिंग और सघन गश्त के निर्देश भी दिए गए। बैठक में बताया गया कि वर्ष 2026 में अब तक भारतीय न्याय संहिता के अंतर्गत 170 अभियोग दर्ज किए गए जिनमें 74 आरोपियों की गिरफ्तारी की गई। एनडीपीएस अधिनियम के 14 मामलों में 26 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया जबकि आबकारी अधिनियम के अंतर्गत 27 मामलों में प्रभावी कार्रवाई की गई। सत्यापन अभियान को लेकर भी एसएसपी ने सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किरायेदारों घरेलू सहायकों बाहरी श्रमिकों फेरी-फड़ व्यवसायियों निर्माण कार्यों में लगे मजदूरों छात्रों और अन्य बाहरी व्यक्तियों का समयबद्ध सत्यापन अनिवार्य रूप से किया जाए। बिना सत्यापन के व्यक्तियों को आश्रय या रोजगार देने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए तथा सत्यापन अभियान में किसी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी। सामाजिक सौहार्द और कानून व्यवस्था बनाए रखने पर विशेष जोर देते हुए उन्होंने सभी अधिकारियों को संवेदनशील मामलों में पूरी गंभीरता और सतर्कता के साथ कार्रवाई करने के निर्देश दिए। शांति समिति के सदस्यों जनप्रतिनिधियों और धर्मगुरुओं के साथ नियमित संवाद बनाए रखने तथा सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाली भ्रामक और आपत्तिजनक सामग्री पर लगातार निगरानी रखने को कहा। समाज में वैमनस्य फैलाने वाले तत्वों के विरुद्ध तत्काल विधिसम्मत कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए। सीएम हेल्पलाइन और अन्य ऑनलाइन शिकायत पोर्टलों की समीक्षा करते हुए एसएसपी ने जनशिकायतों का गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक शिकायत का निस्तारण पूरी संवेदनशीलता और पारदर्शिता के साथ किया जाए तथा शिकायतकर्ता की संतुष्टि को प्राथमिकता दी जाए। जनजागरूकता अभियानों को और प्रभावी बनाने के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि नशा उन्मूलन साइबर अपराध महिला एवं बाल सुरक्षा यातायात नियमों और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े कार्यक्रम विद्यालयों महाविद्यालयों ग्राम सभाओं और सार्वजनिक स्थलों पर नियमित रूप से आयोजित किए जाएं ताकि पुलिस और जनता के बीच विश्वास और सहभागिता मजबूत हो सके। बैठक के दौरान मई माह में उत्कृष्ट कार्य करने वाले 17 पुलिस कार्मिकों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। इनमें उपनिरीक्षक दिनेश चमोली उपनिरीक्षक राजाराम डोभाल उपनिरीक्षक विनोद चपराना अपर उपनिरीक्षक विजय नौटियाल मुख्य आरक्षी करन सिंह मुख्य आरक्षी बलबीर मुख्य आरक्षी संदीप मुख्य आरक्षी राजूलाल आरक्षी रविन्द्र सिंह आरक्षी कुलदीप सिंह आरक्षी चन्द्रपाल आरक्षी दिनेश दिलवाल आरक्षी टीपी निर्मल कुमार आरक्षी बद्रीलाल आरक्षी सुरेन्द्र कुमार होमगार्ड कुलदीप और होमगार्ड अमन कुमार शामिल रहे। बैठक में अपर पुलिस अधीक्षक कोटद्वार मनोज ठाकुर अपर पुलिस अधीक्षक संचार अनूप काला अभियोजन अधिकारी जावेद अहमद क्षेत्राधिकारी सदर तपेश कुमार क्षेत्राधिकारी कोटद्वार अस्मिता मंगाई मुख्य अग्निशमन अधिकारी राजेंद्र खाती सहित सभी निकटवर्ती थाना प्रभारी उपस्थित रहे।
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प्रदीप कुमार
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। जनपद में अपराध नियंत्रण कानून व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने तथा पुलिस कार्यप्रणाली की समीक्षा के उद्देश्य से वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सर्वेश पंवार ने शनिवार को पुलिस लाइन पौड़ी में मासिक अपराध समीक्षा गोष्ठी आयोजित की। बैठक में सभी राजपत्रित अधिकारी थाना प्रभारी और अन्य पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे। इस दौरान अपराधों की स्थिति लंबित विवेचनाओं कानून व्यवस्था महिला सुरक्षा साइबर अपराध नशा उन्मूलन यातायात प्रबंधन और जनसुरक्षा से जुड़े विभिन्न विषयों की विस्तार से समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। बैठक में एसएसपी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि पुलिस मुख्यालय द्वारा संचालित सभी अभियानों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। महिला सुरक्षा साइबर अपराध नियंत्रण नशा उन्मूलन सत्यापन अभियान अपराधियों की गिरफ्तारी ऑपरेशन प्रहार तथा जनजागरूकता अभियानों को लक्ष्य आधारित और परिणामोन्मुखी तरीके से संचालित किया जाए तथा उनकी नियमित समीक्षा भी की जाए। लंबित विवेचनाओं पर सख्त नाराजगी जताते हुए उन्होंने संबंधित थाना प्रभारियों को फटकार लगाई। निर्देश दिए कि छोटे अपराधों का निस्तारण 15 दिन के भीतर तथा अन्य मामलों का 60 से 90 दिनों के भीतर हर हाल में किया जाए। अनावश्यक रूप से विवेचना लंबित रखने वाले थाना प्रभारियों और विवेचकों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। साथ ही सभी विवेचकों को ई-साक्ष्य एप पर शत-प्रतिशत कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। एसएसपी ने कहा कि शिकायतकर्ताओं की सुविधा के लिए ई-एफआईआर और जीरो एफआईआर की व्यवस्था उपलब्ध है। जनपद में अब तक केवल पांच ई-एफआईआर दर्ज होना चिंता का विषय है। सभी थाना प्रभारी शिकायतकर्ताओं को इस सुविधा की जानकारी दें तथा ऐसे मामलों में तत्काल एफआईआर दर्ज कर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करें। अग्निकांड की घटनाओं को देखते हुए सभी फायर यूनिटों को अपने-अपने क्षेत्रों में कोचिंग संस्थानों अस्पतालों कार्यालयों वेडिंग प्वाइंट होटल तथा अन्य सार्वजनिक संस्थानों का नियमित फायर सुरक्षा ऑडिट करने तथा वहां लगे अग्निशमन उपकरणों की कार्यशीलता जांचने के निर्देश दिए गए। साथ ही कर्मचारियों को अग्निशमन और बचाव संबंधी प्रशिक्षण देकर जागरूक करने को कहा गया। नशा उन्मूलन अभियान की समीक्षा करते हुए एसएसपी ने कहा कि कार्रवाई केवल तस्करों की गिरफ्तारी तक सीमित न रहे बल्कि पूरे सप्लाई नेटवर्क को ध्वस्त किया जाए। मादक पदार्थों की तस्करी में शामिल स्रोतों सप्लायरों परिवहनकर्ताओं आर्थिक सहयोगियों और संरक्षण देने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। नशा प्रभावित क्षेत्रों और चिन्हित ड्रग्स हॉटस्पॉट पर विशेष निगरानी नियमित चेकिंग और सघन गश्त के निर्देश भी दिए गए। बैठक में बताया गया कि वर्ष 2026 में अब तक भारतीय न्याय संहिता के अंतर्गत 170 अभियोग दर्ज किए गए जिनमें 74 आरोपियों की गिरफ्तारी की गई। एनडीपीएस अधिनियम के 14 मामलों में 26 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया जबकि आबकारी अधिनियम के अंतर्गत 27 मामलों में प्रभावी कार्रवाई की गई। सत्यापन अभियान को लेकर भी एसएसपी ने सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किरायेदारों घरेलू सहायकों बाहरी श्रमिकों फेरी-फड़ व्यवसायियों निर्माण कार्यों में लगे मजदूरों छात्रों और अन्य बाहरी व्यक्तियों का समयबद्ध सत्यापन अनिवार्य रूप से किया जाए। बिना सत्यापन के व्यक्तियों को आश्रय या रोजगार देने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए तथा सत्यापन अभियान में किसी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी। सामाजिक सौहार्द और कानून व्यवस्था बनाए रखने पर विशेष जोर देते हुए उन्होंने सभी अधिकारियों को संवेदनशील मामलों में पूरी गंभीरता और सतर्कता के साथ कार्रवाई करने के निर्देश दिए। शांति समिति के सदस्यों जनप्रतिनिधियों और धर्मगुरुओं के साथ नियमित संवाद बनाए रखने तथा सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाली भ्रामक और आपत्तिजनक सामग्री पर लगातार निगरानी रखने को कहा। समाज में वैमनस्य फैलाने वाले तत्वों के विरुद्ध तत्काल विधिसम्मत कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए। सीएम हेल्पलाइन और अन्य ऑनलाइन शिकायत पोर्टलों की समीक्षा करते हुए एसएसपी ने जनशिकायतों का गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक शिकायत का निस्तारण पूरी संवेदनशीलता और पारदर्शिता के साथ किया जाए तथा शिकायतकर्ता की संतुष्टि को प्राथमिकता दी जाए। जनजागरूकता अभियानों को और प्रभावी बनाने के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि नशा उन्मूलन साइबर अपराध महिला एवं बाल सुरक्षा यातायात नियमों और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े कार्यक्रम विद्यालयों महाविद्यालयों ग्राम सभाओं और सार्वजनिक स्थलों पर नियमित रूप से आयोजित किए जाएं ताकि पुलिस और जनता के बीच विश्वास और सहभागिता मजबूत हो सके। बैठक के दौरान मई माह में उत्कृष्ट कार्य करने वाले 17 पुलिस कार्मिकों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। इनमें उपनिरीक्षक दिनेश चमोली उपनिरीक्षक राजाराम डोभाल उपनिरीक्षक विनोद चपराना अपर उपनिरीक्षक विजय नौटियाल मुख्य आरक्षी करन सिंह मुख्य आरक्षी बलबीर मुख्य आरक्षी संदीप मुख्य आरक्षी राजूलाल आरक्षी रविन्द्र सिंह आरक्षी कुलदीप सिंह आरक्षी चन्द्रपाल आरक्षी दिनेश दिलवाल आरक्षी टीपी निर्मल कुमार आरक्षी बद्रीलाल आरक्षी सुरेन्द्र कुमार होमगार्ड कुलदीप और होमगार्ड अमन कुमार शामिल रहे। बैठक में अपर पुलिस अधीक्षक कोटद्वार मनोज ठाकुर अपर पुलिस अधीक्षक संचार अनूप काला अभियोजन अधिकारी जावेद अहमद क्षेत्राधिकारी सदर तपेश कुमार क्षेत्राधिकारी कोटद्वार अस्मिता मंगाई मुख्य अग्निशमन अधिकारी राजेंद्र खाती सहित सभी निकटवर्ती थाना प्रभारी उपस्थित रहे।