प्रदीप कुमार
हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल। राष्ट्रीय मत्स्य पालक दिवस के अवसर पर मत्स्य विभाग हरिद्वार द्वारा विकास भवन सभागार में विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे जबकि मुख्य कृषि अधिकारी मुख्य पशु चिकित्साधिकारी तथा स्वजल के नोडल अधिकारी विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम में जनपद के सभी विकासखंडों से आए मत्स्य पालकों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मत्स्य पालकों ने मत्स्य पालन के क्षेत्र में अपने अनुभव साझा किए तथा मत्स्य उत्पादन विपणन और आधुनिक तकनीकों से जुड़े विषयों पर विस्तार से चर्चा की। विभागीय अधिकारियों ने मत्स्य विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं एवं गतिविधियों की जानकारी देते हुए मत्स्य पालकों को योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। सहायक निदेशक मत्स्य ने अपने संबोधन में राष्ट्रीय मत्स्य पालक दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह दिवस वैज्ञानिक मत्स्य पालन को बढ़ावा देने मत्स्य पालकों के योगदान का सम्मान करने तथा उन्हें नवीन तकनीकों एवं विभागीय योजनाओं से जोड़ने के उद्देश्य से प्रतिवर्ष मनाया जाता है। उन्होंने मत्स्य पालकों से मत्स्य पालन को लाभकारी व्यवसाय के रूप में अपनाने और विभागीय योजनाओं का अधिकतम लाभ लेने का आह्वान किया। मुख्य विकास अधिकारी ने अपने संबोधन में कहा कि 9 जुलाई 2026 को हुई अतिवृष्टि एवं भारी वर्षा के कारण जिन मत्स्य पालकों के मत्स्य भंडार को नुकसान पहुंचा है वे अपनी क्षति का विवरण शीघ्र मत्स्य विभाग को उपलब्ध कराएं ताकि विभागीय स्तर पर आवश्यक कार्रवाई की जा सके। उन्होंने किसानों को वैज्ञानिक एवं सुरक्षित मत्स्य पालन अपनाने तथा प्राकृतिक आपदाओं के प्रति सतर्क रहने की सलाह भी दी। उन्होंने विभाग द्वारा संचालित आलंकारिक (ऑर्नामेंटल) मत्स्य पालन योजना की सराहना करते हुए कहा कि यह किसानों की आय बढ़ाने का प्रभावी माध्यम बन रही है। उन्होंने मत्स्य पालकों से सामान्य एवं आलंकारिक दोनों प्रकार की मछलियों का पालन कर बाजार की बढ़ती मांग का लाभ उठाने और अपनी आय में वृद्धि करने का आह्वान किया। राष्ट्रीय मत्स्य पालक दिवस के अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी ने विकास भवन परिसर में मत्स्य सहेली समूह की सदस्यों एवं मत्स्य विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ वृक्षारोपण भी किया। कार्यक्रम के दौरान मत्स्य पालन के क्षेत्र में उत्कृष्ट एवं उल्लेखनीय कार्य करने वाले प्रगतिशील मत्स्य कृषकों को प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। अधिकारियों ने सम्मानित कृषकों की उपलब्धियों की सराहना करते हुए अन्य किसानों से भी उनके अनुभवों और नवाचारों से प्रेरणा लेने का आह्वान किया। कार्यक्रम का समापन विभागीय अधिकारियों द्वारा सभी अतिथियों एवं प्रतिभागी मत्स्य पालकों के प्रति आभार व्यक्त करने के साथ हुआ।
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प्रदीप कुमार
हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल। राष्ट्रीय मत्स्य पालक दिवस के अवसर पर मत्स्य विभाग हरिद्वार द्वारा विकास भवन सभागार में विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे जबकि मुख्य कृषि अधिकारी मुख्य पशु चिकित्साधिकारी तथा स्वजल के नोडल अधिकारी विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम में जनपद के सभी विकासखंडों से आए मत्स्य पालकों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मत्स्य पालकों ने मत्स्य पालन के क्षेत्र में अपने अनुभव साझा किए तथा मत्स्य उत्पादन विपणन और आधुनिक तकनीकों से जुड़े विषयों पर विस्तार से चर्चा की। विभागीय अधिकारियों ने मत्स्य विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं एवं गतिविधियों की जानकारी देते हुए मत्स्य पालकों को योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। सहायक निदेशक मत्स्य ने अपने संबोधन में राष्ट्रीय मत्स्य पालक दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह दिवस वैज्ञानिक मत्स्य पालन को बढ़ावा देने मत्स्य पालकों के योगदान का सम्मान करने तथा उन्हें नवीन तकनीकों एवं विभागीय योजनाओं से जोड़ने के उद्देश्य से प्रतिवर्ष मनाया जाता है। उन्होंने मत्स्य पालकों से मत्स्य पालन को लाभकारी व्यवसाय के रूप में अपनाने और विभागीय योजनाओं का अधिकतम लाभ लेने का आह्वान किया। मुख्य विकास अधिकारी ने अपने संबोधन में कहा कि 9 जुलाई 2026 को हुई अतिवृष्टि एवं भारी वर्षा के कारण जिन मत्स्य पालकों के मत्स्य भंडार को नुकसान पहुंचा है वे अपनी क्षति का विवरण शीघ्र मत्स्य विभाग को उपलब्ध कराएं ताकि विभागीय स्तर पर आवश्यक कार्रवाई की जा सके। उन्होंने किसानों को वैज्ञानिक एवं सुरक्षित मत्स्य पालन अपनाने तथा प्राकृतिक आपदाओं के प्रति सतर्क रहने की सलाह भी दी। उन्होंने विभाग द्वारा संचालित आलंकारिक (ऑर्नामेंटल) मत्स्य पालन योजना की सराहना करते हुए कहा कि यह किसानों की आय बढ़ाने का प्रभावी माध्यम बन रही है। उन्होंने मत्स्य पालकों से सामान्य एवं आलंकारिक दोनों प्रकार की मछलियों का पालन कर बाजार की बढ़ती मांग का लाभ उठाने और अपनी आय में वृद्धि करने का आह्वान किया। राष्ट्रीय मत्स्य पालक दिवस के अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी ने विकास भवन परिसर में मत्स्य सहेली समूह की सदस्यों एवं मत्स्य विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ वृक्षारोपण भी किया। कार्यक्रम के दौरान मत्स्य पालन के क्षेत्र में उत्कृष्ट एवं उल्लेखनीय कार्य करने वाले प्रगतिशील मत्स्य कृषकों को प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। अधिकारियों ने सम्मानित कृषकों की उपलब्धियों की सराहना करते हुए अन्य किसानों से भी उनके अनुभवों और नवाचारों से प्रेरणा लेने का आह्वान किया। कार्यक्रम का समापन विभागीय अधिकारियों द्वारा सभी अतिथियों एवं प्रतिभागी मत्स्य पालकों के प्रति आभार व्यक्त करने के साथ हुआ।