प्रदीप कुमार
चमोली। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को गोपेश्वर स्थित पुलिस मैदान में आयोजित ‘सेवा सुशासन एवं समर्पण’ सेवा पखवाड़े के अंतर्गत ‘जन-जन की सरकार जन-जन के द्वार’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि जनता की सेवा ही सरकार का सर्वोच्च धर्म है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य लोगों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगवाना नहीं, बल्कि प्रशासन को स्वयं जनता के द्वार तक पहुंचाकर उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान करना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अभियान केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं बल्कि शासन और जनता के बीच की दूरी समाप्त करने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने बताया कि अभियान के प्रथम चरण में प्रदेशभर में छह लाख से अधिक लोगों ने भागीदारी की और 60 हजार से अधिक लोगों की समस्याओं का मौके पर ही समाधान किया गया। सेवा सुशासन एवं समर्पण के पांच वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर सरकार जनता के बीच पहुंचकर अपनी जवाबदेही निभा रही है। उन्होंने बताया कि चमोली जनपद में सेवा पखवाड़े के अंतर्गत अब तक 13 जनकल्याण शिविर आयोजित किए जा चुके हैं जिनमें हजारों लोगों ने भागीदारी की। इन शिविरों में 752 शिकायतें दर्ज हुईं जिनमें से 683 का मौके पर ही निस्तारण किया गया जबकि 2500 से अधिक लोगों को विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्रदान किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा सीमांत गांवों को देश का प्रथम गांव बनाने की अवधारणा को राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ा रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का "21वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखंड का दशक होगा" का संकल्प आज विकास कार्यों के माध्यम से धरातल पर उतर रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड ने पिछले वर्षों में कई ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं। पहली बार राज्य में जी-20 की बैठकों का आयोजन हुआ राष्ट्रीय खेलों की सफल मेजबानी की गई तथा शीतकालीन यात्रा की शुरुआत कर पर्यटन और स्थानीय रोजगार को नई दिशा दी गई। उन्होंने बताया कि राज्य में 3.75 लाख करोड़ रुपये के निवेश समझौते हुए हैं जिनमें एक लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश पर कार्य शुरू हो चुका है। राज्य की अर्थव्यवस्था लगातार मजबूत हुई है जीएसटी संग्रह और प्रति व्यक्ति आय में वृद्धि हुई है तथा स्टार्टअप पर्यटन और होमस्टे के क्षेत्र में उल्लेखनीय विस्तार हुआ है। उन्होंने कहा कि अब उत्तराखंड में रिवर्स पलायन की सकारात्मक तस्वीर दिखाई दे रही है और युवा अपने गांव लौटकर स्वरोजगार अपना रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने समान नागरिक संहिता लागू कर देश में ऐतिहासिक पहल की है। इसके साथ ही धर्मांतरण विरोधी कानून नकल विरोधी कानून तथा भ्रष्टाचार के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए कठोर कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि योग्यता और पारदर्शिता के आधार पर अब तक 34 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां दी जा चुकी हैं। चमोली जनपद के विकास का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले पांच वर्षों में जिले में हजारों करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया गया है। बदरीनाथ धाम माणा नीति तथा आसपास के क्षेत्रों में मास्टर प्लान के तहत व्यापक विकास कार्य चल रहे हैं। उन्होंने कहा कि बुधवार को भी 155 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 63 विकास योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया गया जिससे जिले के विकास को नई गति मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना तेजी से आगे बढ़ रही है जिससे पर्यटन व्यापार और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। उन्होंने बताया कि वर्ष 2024 से अब तक हेली एम्बुलेंस सेवा के माध्यम से चमोली के 76 गंभीर मरीजों को समय पर उच्च चिकित्सा संस्थानों तक पहुंचाकर उनका जीवन बचाया गया है। साथ ही हजारों परिवारों को पक्के आवास उपलब्ध कराए गए हैं। उन्होंने कहा कि चमोली की 42 हजार से अधिक महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़ चुकी हैं तथा 25 हजार से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। किसान सम्मान निधि के तहत 48 हजार से अधिक किसानों को 196 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता दी गई है। वहीं दीनदयाल होमस्टे योजना के अंतर्गत जिले में 872 नए होमस्टे स्थापित हुए हैं, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़े हैं। मुख्यमंत्री ने लोगों से जन-जन की सरकार जन-जन के द्वार अभियान के अंतर्गत आयोजित शिविरों में अधिकाधिक संख्या में भाग लेकर सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने बद्रीनाथ मंदिर चोरी प्रकरण का उल्लेख करते हुए कहा कि यह अत्यंत गंभीर मामला है। सरकार इस मामले में किसी भी प्रकार की राजनीति नहीं होने देगी तथा दोषियों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अपराधियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। कार्यक्रम में चमोली के प्रभारी मंत्री भरत सिंह चौधरी थराली विधायक भूपाल राम टम्टा कर्णप्रयाग विधायक अनिल नौटियाल बदरीनाथ विधायक लखपत बुटोला जिला पंचायत अध्यक्ष दौलत सिंह बिष्ट नगर पालिका परिषद चमोली-गोपेश्वर अध्यक्ष संदीप रावत नगर पालिका परिषद कर्णप्रयाग अध्यक्ष गणेश शाह महिला आयोग की उपाध्यक्ष चंद्रकला तिवारी राज्य मंत्री हरक सिंह रामचंद्र गौड़ बलवीर घुनियाल बीकेटीसी उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती जनजाति आयोग के उपाध्यक्ष प्रेम सिंह राणा भाजपा जिलाध्यक्ष गजपाल बर्त्वाल महामंत्री अरुण मैठाणी विनोद कनवासी दलवीर दानू जिलाधिकारी गौरव कुमार पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार मुख्य विकास अधिकारी डॉ. अभिषेक त्रिपाठी अपर जिलाधिकारी विवेक प्रकाश सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि अधिकारी एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
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प्रदीप कुमार
चमोली। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को गोपेश्वर स्थित पुलिस मैदान में आयोजित ‘सेवा सुशासन एवं समर्पण’ सेवा पखवाड़े के अंतर्गत ‘जन-जन की सरकार जन-जन के द्वार’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि जनता की सेवा ही सरकार का सर्वोच्च धर्म है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य लोगों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगवाना नहीं, बल्कि प्रशासन को स्वयं जनता के द्वार तक पहुंचाकर उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान करना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अभियान केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं बल्कि शासन और जनता के बीच की दूरी समाप्त करने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने बताया कि अभियान के प्रथम चरण में प्रदेशभर में छह लाख से अधिक लोगों ने भागीदारी की और 60 हजार से अधिक लोगों की समस्याओं का मौके पर ही समाधान किया गया। सेवा सुशासन एवं समर्पण के पांच वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर सरकार जनता के बीच पहुंचकर अपनी जवाबदेही निभा रही है। उन्होंने बताया कि चमोली जनपद में सेवा पखवाड़े के अंतर्गत अब तक 13 जनकल्याण शिविर आयोजित किए जा चुके हैं जिनमें हजारों लोगों ने भागीदारी की। इन शिविरों में 752 शिकायतें दर्ज हुईं जिनमें से 683 का मौके पर ही निस्तारण किया गया जबकि 2500 से अधिक लोगों को विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्रदान किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा सीमांत गांवों को देश का प्रथम गांव बनाने की अवधारणा को राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ा रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का “21वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखंड का दशक होगा” का संकल्प आज विकास कार्यों के माध्यम से धरातल पर उतर रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड ने पिछले वर्षों में कई ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं। पहली बार राज्य में जी-20 की बैठकों का आयोजन हुआ राष्ट्रीय खेलों की सफल मेजबानी की गई तथा शीतकालीन यात्रा की शुरुआत कर पर्यटन और स्थानीय रोजगार को नई दिशा दी गई। उन्होंने बताया कि राज्य में 3.75 लाख करोड़ रुपये के निवेश समझौते हुए हैं जिनमें एक लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश पर कार्य शुरू हो चुका है। राज्य की अर्थव्यवस्था लगातार मजबूत हुई है जीएसटी संग्रह और प्रति व्यक्ति आय में वृद्धि हुई है तथा स्टार्टअप पर्यटन और होमस्टे के क्षेत्र में उल्लेखनीय विस्तार हुआ है। उन्होंने कहा कि अब उत्तराखंड में रिवर्स पलायन की सकारात्मक तस्वीर दिखाई दे रही है और युवा अपने गांव लौटकर स्वरोजगार अपना रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने समान नागरिक संहिता लागू कर देश में ऐतिहासिक पहल की है। इसके साथ ही धर्मांतरण विरोधी कानून नकल विरोधी कानून तथा भ्रष्टाचार के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए कठोर कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि योग्यता और पारदर्शिता के आधार पर अब तक 34 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां दी जा चुकी हैं। चमोली जनपद के विकास का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले पांच वर्षों में जिले में हजारों करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया गया है। बदरीनाथ धाम माणा नीति तथा आसपास के क्षेत्रों में मास्टर प्लान के तहत व्यापक विकास कार्य चल रहे हैं। उन्होंने कहा कि बुधवार को भी 155 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 63 विकास योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया गया जिससे जिले के विकास को नई गति मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना तेजी से आगे बढ़ रही है जिससे पर्यटन व्यापार और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। उन्होंने बताया कि वर्ष 2024 से अब तक हेली एम्बुलेंस सेवा के माध्यम से चमोली के 76 गंभीर मरीजों को समय पर उच्च चिकित्सा संस्थानों तक पहुंचाकर उनका जीवन बचाया गया है। साथ ही हजारों परिवारों को पक्के आवास उपलब्ध कराए गए हैं। उन्होंने कहा कि चमोली की 42 हजार से अधिक महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़ चुकी हैं तथा 25 हजार से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। किसान सम्मान निधि के तहत 48 हजार से अधिक किसानों को 196 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता दी गई है। वहीं दीनदयाल होमस्टे योजना के अंतर्गत जिले में 872 नए होमस्टे स्थापित हुए हैं, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़े हैं। मुख्यमंत्री ने लोगों से जन-जन की सरकार जन-जन के द्वार अभियान के अंतर्गत आयोजित शिविरों में अधिकाधिक संख्या में भाग लेकर सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने बद्रीनाथ मंदिर चोरी प्रकरण का उल्लेख करते हुए कहा कि यह अत्यंत गंभीर मामला है। सरकार इस मामले में किसी भी प्रकार की राजनीति नहीं होने देगी तथा दोषियों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अपराधियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। कार्यक्रम में चमोली के प्रभारी मंत्री भरत सिंह चौधरी थराली विधायक भूपाल राम टम्टा कर्णप्रयाग विधायक अनिल नौटियाल बदरीनाथ विधायक लखपत बुटोला जिला पंचायत अध्यक्ष दौलत सिंह बिष्ट नगर पालिका परिषद चमोली-गोपेश्वर अध्यक्ष संदीप रावत नगर पालिका परिषद कर्णप्रयाग अध्यक्ष गणेश शाह महिला आयोग की उपाध्यक्ष चंद्रकला तिवारी राज्य मंत्री हरक सिंह रामचंद्र गौड़ बलवीर घुनियाल बीकेटीसी उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती जनजाति आयोग के उपाध्यक्ष प्रेम सिंह राणा भाजपा जिलाध्यक्ष गजपाल बर्त्वाल महामंत्री अरुण मैठाणी विनोद कनवासी दलवीर दानू जिलाधिकारी गौरव कुमार पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार मुख्य विकास अधिकारी डॉ. अभिषेक त्रिपाठी अपर जिलाधिकारी विवेक प्रकाश सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि अधिकारी एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।