प्रदीप कुमार
टिहरी/श्रीनगर गढ़वाल। जिलाधिकारी टिहरी गढ़वाल नितिका खण्डेलवाल की अध्यक्षता में बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में निर्वाचन नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्यक्रम को लेकर राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम की प्रगति ड्राफ्ट निर्वाचक नामावली दावे एवं आपत्तियों की प्रक्रिया तथा सुनवाई की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में अपर जिलाधिकारी शैलेन्द्र सिंह नेगी ने बताया कि जनपद की प्रारूप (ड्राफ्ट) निर्वाचक नामावली का प्रकाशन किया जा चुका है। इस पर 13 अगस्त 2026 तक दावे एवं आपत्तियां प्राप्त की जाएंगी। इसके बाद 11 सितम्बर 2026 तक नोटिसों की सुनवाई एवं प्राप्त दावे-आपत्तियों का नियमानुसार निस्तारण किया जाएगा तथा 15 सितम्बर 2026 को अंतिम निर्वाचक नामावली प्रकाशित की जाएगी। बैठक में जानकारी दी गई कि जनपद में मतदान केन्द्रों की संख्या 963 से बढ़ाकर 994 कर दी गई है। विधानसभा क्षेत्रवार घनसाली में 161 देवप्रयाग में 158 नरेंद्रनगर में 175 प्रतापनगर में 153 टिहरी में 156 तथा धनोल्टी में 191 मतदान केन्द्र निर्धारित किए गए हैं। अधिकारियों ने बताया कि ड्राफ्ट रोल से पहले जनपद में कुल 5,07,253 मतदाता थे जबकि वर्तमान ड्राफ्ट रोल के अनुसार मतदाताओं की संख्या 4,63,628 है। इनमें 1,04,402 मतदाता विसंगति (एनोमली) श्रेणी तथा 13,126 मतदाता अनमैप्ड श्रेणी में चिन्हित किए गए हैं। इस प्रकार कुल 1,17,528 मतदाताओं को नोटिस जारी किए जाएंगे। विधानसभा क्षेत्रवार विसंगति वाले मतदाताओं में घनसाली में 19,024 देवप्रयाग में 16,031 नरेंद्रनगर में 18,379 प्रतापनगर में 14,343 टिहरी में 15,918 तथा धनोल्टी में 20,707 मतदाता शामिल हैं। बैठक में बताया गया कि सभी नोटिस ईसीआई नेट एप के माध्यम से स्वतः तैयार किए जाएंगे। अनमैप्ड मतदाता विसंगति वाले मतदाता तथा दावे-आपत्तियों से जुड़े मामलों में नोटिस जारी किए जाएंगे। प्रमुख विसंगतियों में माता-पिता एवं मतदाता की आयु में असामान्य अंतर भाई-बहनों की आयु में अत्यधिक कम अंतर एक परिवार में छह से अधिक संतानों का दर्ज होना तथा मतदाता अथवा उसके संबंधियों के नाम में त्रुटियां शामिल हैं। अपर जिलाधिकारी ने बताया कि सभी निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों द्वारा विधानसभा क्षेत्रवार सुनवाई की कार्ययोजना तैयार की जा रही है। प्रत्येक सहायक निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (एईआरओ) को उनके कार्यक्षेत्र के अनुसार मतदान केन्द्र आवंटित किए गए हैं। ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों के मतदाताओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए निकटवर्ती मतदान केन्द्रों के क्लस्टर बनाकर सुनवाई आयोजित की जाएगी ताकि लोगों को अनावश्यक लंबी दूरी तय न करनी पड़े। मानसून की परिस्थितियों को देखते हुए आवश्यकतानुसार सुनवाई की तिथियों एवं स्थलों में व्यावहारिक संशोधन भी किया जा सकेगा। बैठक में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को नोटिस प्राप्त होने पर सुनवाई के दौरान प्रस्तुत किए जाने वाले आवश्यक दस्तावेजों की भी विस्तृत जानकारी दी गई। जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल ने सभी राजनीतिक दलों एवं मतदाताओं से विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान में सक्रिय सहयोग करने की अपील करते हुए कहा कि जिन मतदाताओं को नोटिस प्राप्त होंगे अथवा जिनकी मैपिंग नहीं हो पाई है या जो एएसडी श्रेणी में चिन्हित हैं वे निर्धारित समयावधि के भीतर आवश्यक अभिलेखों सहित अपना पक्ष अवश्य प्रस्तुत करें। उन्होंने कहा कि निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ईआरओ) सहायक निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (एईआरओ) एवं अतिरिक्त एईआरओ द्वारा पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी निष्पक्ष और समयबद्ध तरीके से संपन्न कराया जाएगा। साथ ही उन्होंने सभी राजनीतिक दलों एवं आम नागरिकों से अभियान को सफल बनाने में सहयोग करने की अपील की।
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प्रदीप कुमार
टिहरी/श्रीनगर गढ़वाल। जिलाधिकारी टिहरी गढ़वाल नितिका खण्डेलवाल की अध्यक्षता में बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में निर्वाचन नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्यक्रम को लेकर राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम की प्रगति ड्राफ्ट निर्वाचक नामावली दावे एवं आपत्तियों की प्रक्रिया तथा सुनवाई की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में अपर जिलाधिकारी शैलेन्द्र सिंह नेगी ने बताया कि जनपद की प्रारूप (ड्राफ्ट) निर्वाचक नामावली का प्रकाशन किया जा चुका है। इस पर 13 अगस्त 2026 तक दावे एवं आपत्तियां प्राप्त की जाएंगी। इसके बाद 11 सितम्बर 2026 तक नोटिसों की सुनवाई एवं प्राप्त दावे-आपत्तियों का नियमानुसार निस्तारण किया जाएगा तथा 15 सितम्बर 2026 को अंतिम निर्वाचक नामावली प्रकाशित की जाएगी। बैठक में जानकारी दी गई कि जनपद में मतदान केन्द्रों की संख्या 963 से बढ़ाकर 994 कर दी गई है। विधानसभा क्षेत्रवार घनसाली में 161 देवप्रयाग में 158 नरेंद्रनगर में 175 प्रतापनगर में 153 टिहरी में 156 तथा धनोल्टी में 191 मतदान केन्द्र निर्धारित किए गए हैं। अधिकारियों ने बताया कि ड्राफ्ट रोल से पहले जनपद में कुल 5,07,253 मतदाता थे जबकि वर्तमान ड्राफ्ट रोल के अनुसार मतदाताओं की संख्या 4,63,628 है। इनमें 1,04,402 मतदाता विसंगति (एनोमली) श्रेणी तथा 13,126 मतदाता अनमैप्ड श्रेणी में चिन्हित किए गए हैं। इस प्रकार कुल 1,17,528 मतदाताओं को नोटिस जारी किए जाएंगे। विधानसभा क्षेत्रवार विसंगति वाले मतदाताओं में घनसाली में 19,024 देवप्रयाग में 16,031 नरेंद्रनगर में 18,379 प्रतापनगर में 14,343 टिहरी में 15,918 तथा धनोल्टी में 20,707 मतदाता शामिल हैं। बैठक में बताया गया कि सभी नोटिस ईसीआई नेट एप के माध्यम से स्वतः तैयार किए जाएंगे। अनमैप्ड मतदाता विसंगति वाले मतदाता तथा दावे-आपत्तियों से जुड़े मामलों में नोटिस जारी किए जाएंगे। प्रमुख विसंगतियों में माता-पिता एवं मतदाता की आयु में असामान्य अंतर भाई-बहनों की आयु में अत्यधिक कम अंतर एक परिवार में छह से अधिक संतानों का दर्ज होना तथा मतदाता अथवा उसके संबंधियों के नाम में त्रुटियां शामिल हैं। अपर जिलाधिकारी ने बताया कि सभी निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों द्वारा विधानसभा क्षेत्रवार सुनवाई की कार्ययोजना तैयार की जा रही है। प्रत्येक सहायक निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (एईआरओ) को उनके कार्यक्षेत्र के अनुसार मतदान केन्द्र आवंटित किए गए हैं। ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों के मतदाताओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए निकटवर्ती मतदान केन्द्रों के क्लस्टर बनाकर सुनवाई आयोजित की जाएगी ताकि लोगों को अनावश्यक लंबी दूरी तय न करनी पड़े। मानसून की परिस्थितियों को देखते हुए आवश्यकतानुसार सुनवाई की तिथियों एवं स्थलों में व्यावहारिक संशोधन भी किया जा सकेगा। बैठक में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को नोटिस प्राप्त होने पर सुनवाई के दौरान प्रस्तुत किए जाने वाले आवश्यक दस्तावेजों की भी विस्तृत जानकारी दी गई। जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल ने सभी राजनीतिक दलों एवं मतदाताओं से विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान में सक्रिय सहयोग करने की अपील करते हुए कहा कि जिन मतदाताओं को नोटिस प्राप्त होंगे अथवा जिनकी मैपिंग नहीं हो पाई है या जो एएसडी श्रेणी में चिन्हित हैं वे निर्धारित समयावधि के भीतर आवश्यक अभिलेखों सहित अपना पक्ष अवश्य प्रस्तुत करें। उन्होंने कहा कि निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ईआरओ) सहायक निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (एईआरओ) एवं अतिरिक्त एईआरओ द्वारा पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी निष्पक्ष और समयबद्ध तरीके से संपन्न कराया जाएगा। साथ ही उन्होंने सभी राजनीतिक दलों एवं आम नागरिकों से अभियान को सफल बनाने में सहयोग करने की अपील की।