प्रदीप कुमार
हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल। उत्तराखंड के लोकपर्व हरेला के पावन अवसर पर ऋषिकुल चौक स्थित कश्यप घाट में जिलाधिकारी के निर्देशों के अनुपालन में जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी की प्रेरणा तथा नगर निगम हरिद्वार के उप आयुक्त दीपक गोस्वामी के मार्गदर्शन में विशेष स्वच्छता अभियान गाजर घास उन्मूलन और “एक वृक्ष माँ के नाम” अभियान के तहत वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन नगर निगम हरिद्वार आईटीसी मिशन सुनहरा कल श्री भुवनेश्वरी महिला आश्रम बंधन प्रथम एजुकेशन फाउंडेशन एवं आईजीडी संस्था के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। हरेला उत्तराखंड की समृद्ध लोक संस्कृति प्रकृति प्रेम और पर्यावरण संरक्षण का प्रतीक पर्व है। यह पर्व हरियाली नई फसल समृद्धि और प्रकृति के प्रति कृतज्ञता का संदेश देता है। इस अवसर पर वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया गया तथा आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ और हरित वातावरण के निर्माण का संदेश दिया गया। अभियान के दौरान स्वयंसेवकों और विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने कश्यप घाट परिसर में व्यापक स्वच्छता अभियान चलाकर 37 कट्टे सूखा कचरा एकत्रित किया जिसे वैज्ञानिक निस्तारण के लिए नगर निगम को सौंपा गया। साथ ही घाट परिसर में फैली गाजर घास का व्यापक उन्मूलन कर स्वच्छ सुरक्षित और स्वास्थ्यवर्धक वातावरण बनाने का प्रयास किया गया। इस अवसर पर स्थानीय दुकानदारों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करते हुए गार्बेज बैग वितरित किए गए। उन्हें अपने प्रतिष्ठानों का कचरा निर्धारित स्थान पर एकत्रित कर नगर निगम के सहयोग से उसका उचित निस्तारण कराने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम के दौरान नगर निगम के उप आयुक्त दीपक गोस्वामी जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नगर निगम पार्षद ललित रावत तथा उपस्थित गणमान्य नागरिकों ने “एक वृक्ष माँ के नाम” अभियान के अंतर्गत फलदार पौधों का रोपण कर पर्यावरण संरक्षण और संवर्धन का सामूहिक संकल्प लिया। वक्ताओं ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति यदि अपने जीवन में कम से कम एक पौधा लगाकर उसका संरक्षण करे तो यह पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा। कार्यक्रम में उपस्थित सभी प्रतिभागियों ने स्वच्छता को जनआंदोलन बनाने तथा हरिद्वार को स्वच्छ स्वस्थ और हरित बनाने का संकल्प दोहराया। आयोजकों ने कहा कि स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी दायित्व नहीं बल्कि प्रत्येक नागरिक की नैतिक जिम्मेदारी है। जनभागीदारी से ही स्वच्छ और सुंदर समाज का निर्माण संभव है। कार्यक्रम का समापन “स्वच्छता ही सेवा स्वच्छता ही संस्कार” तथा “एक वृक्ष माँ के नाम” के संदेश के साथ हुआ। इस अवसर पर सभी नागरिकों से हरेला पर्व पर अधिक से अधिक वृक्ष लगाने और लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल कर पर्यावरण संरक्षण में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया गया।
