प्रदीप कुमार
हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल। आगामी 30 जुलाई से 11 अगस्त 2026 तक आयोजित होने वाले कांवड़ मेला-2026 के सफल सुरक्षित और सुव्यवस्थित संचालन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में हरिद्वार स्थित मेला नियंत्रण भवन के सभागार में अंतर्राज्यीय समन्वय बैठक आयोजित की गई। बैठक में आगामी कांवड़ यात्रा के दौरान कानून-व्यवस्था सुरक्षा यातायात प्रबंधन भीड़ नियंत्रण स्वास्थ्य सेवाओं स्वच्छता पेयजल संचार व्यवस्था आपदा प्रबंधन तथा संबंधित राज्यों के बीच समन्वय को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। सभी राज्यों ने साझा कार्ययोजना के तहत समन्वित और एकजुट होकर कार्य करने की प्रतिबद्धता जताई। बैठक में निर्णय लिया गया कि कांवड़ मेले के प्रभावी प्रबंधन के लिए संबंधित राज्यों के बीच सूचनाओं का त्वरित आदान-प्रदान सुनिश्चित किया जाएगा। साथ ही साझा सर्विलांस व्यवस्था विकसित करते हुए उत्तराखंड की सीमाओं पर पड़ोसी राज्यों की पुलिस के साथ संयुक्त चेक पोस्ट और बैरियर स्थापित किए जाएंगे। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने कहा कि कांवड़ यात्रा देश के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में से एक है जिसमें करोड़ों श्रद्धालु हरिद्वार से गंगाजल लेकर अपने-अपने गंतव्यों की ओर प्रस्थान करते हैं। ऐसे में यात्रा का सफल संचालन सभी संबंधित राज्यों और एजेंसियों के प्रभावी समन्वय पर निर्भर करता है। उन्होंने कांवड़ यात्रियों की सुविधा सुरक्षा और सुगमता को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सभी राज्यों से समय रहते सभी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने तथा पूरी यात्रा अवधि के दौरान सतर्क और सजग रहकर कार्य करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि रियल टाइम समन्वय त्वरित सूचना आदान-प्रदान आधुनिक सर्विलांस प्रणाली प्रभावी सुरक्षा व्यवस्था और वैज्ञानिक भीड़ प्रबंधन कांवड़ यात्रा की सफलता की आधारशिला होंगे। हरिद्वार यात्रा का प्रमुख केंद्र है लेकिन यात्रा मार्ग से जुड़े किसी भी राज्य अथवा जिले में होने वाली किसी भी घटना का व्यापक प्रभाव पड़ सकता है। इसलिए सभी राज्यों को अपने-अपने क्षेत्रों में सुरक्षा यातायात और आपदा प्रबंधन की व्यापक तैयारियां सुनिश्चित करनी होंगी। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि कांवड़ यात्रियों के प्रवेश के प्रारंभिक बिंदुओं पर ही यात्रा से संबंधित दिशा-निर्देशों प्रतिबंधों और सुरक्षा मानकों की जानकारी प्रभावी ढंग से उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि सभी कांवड़ यात्रियों को अपने साथ वैध पहचान पत्र रखने के लिए प्रेरित किया जाए तथा किसी भी प्रकार के घातक हथियार अथवा प्रतिबंधित सामग्री के साथ यात्रा में प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध का कड़ाई से पालन कराया जाए। उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को अनुशासित और सुरक्षित यात्रा के लिए प्रेरित करने हेतु प्रमुख संतों एवं धार्मिक गुरुओं के संदेशों का विभिन्न मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। मुख्य सचिव ने यात्रा मार्गों पर स्वच्छता पेयजल चिकित्सा सेवाओं तथा अन्य मूलभूत सुविधाओं की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो इसके लिए सभी विभाग बेहतर समन्वय के साथ कार्य करें। उपयुक्त स्थानों पर साइनेज स्थापित कर मार्गों की जानकारी पार्किंग व्यवस्था और डायवर्जन योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। मुख्य सचिव ने स्पष्ट निर्देश दिए कि दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर (एक्सप्रेस-वे) का उपयोग कांवड़ यात्रा के लिए नहीं किया जाएगा। इस व्यवस्था का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए उन्होंने दिल्ली और उत्तर प्रदेश के अधिकारियों को समय रहते आवश्यक प्रबंधन करने के निर्देश दिए। उन्होंने सोशल मीडिया की सतत निगरानी पर विशेष बल देते हुए कहा कि किसी भी प्रकार की अफवाह भ्रामक सूचना अथवा आपत्तिजनक सामग्री का तत्काल तथ्यात्मक खंडन किया जाए। इसके लिए सभी राज्यों के सोशल मीडिया सेल और साइबर इकाइयों के बीच प्रभावी समन्वय स्थापित किया जाए ताकि किसी भी अफवाह को शुरुआती स्तर पर ही रोका जा सके। रेलवे अधिकारियों को निर्देशित करते हुए मुख्य सचिव ने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान विशेष ट्रेनों के संचालन रेलवे स्टेशनों पर भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा के समुचित प्रबंध सुनिश्चित किए जाएं। उन्होंने हरिद्वार और आसपास के प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर पर्याप्त होल्डिंग एरिया विकसित करने तथा यात्रियों की सुविधाओं के अनुरूप व्यवस्थाएं करने के भी निर्देश दिए। बैठक में पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ पुलिस महानिदेशक (अभिसूचना) अभिनव कुमार तथा सचिव गृह शैलेश बगौली ने कांवड़ मेला-2026 की तैयारियों की जानकारी देते हुए सभी संबंधित राज्यों और एजेंसियों से बेहतर समन्वय स्थापित कर मेले के सुरक्षित सुव्यवस्थित और सफल आयोजन में सहयोग करने का आग्रह किया। हरिद्वार के जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने बताया कि कांवड़ मेला 30 जुलाई से 11 अगस्त 2026 तक आयोजित होगा। उन्होंने बताया कि 31 जुलाई से 4 अगस्त तक पंचक अवधि रहेगी तथा 5 अगस्त से श्रद्धालुओं की संख्या में तेजी से वृद्धि होने लगेगी। उन्होंने कहा कि 8 अगस्त से प्रारंभ होने वाला डाक कांवड़ चरण मेले का सबसे चुनौतीपूर्ण और अत्यधिक भीड़ वाला चरण होगा। उन्होंने स्थानीय स्तर पर की जा रही व्यवस्थाओं सुरक्षा उपायों यातायात प्रबंधन प्रतिबंधों और मेले के लिए तैयार की गई विस्तृत कार्ययोजना की भी जानकारी दी। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर ने कांवड़ यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था भीड़ प्रबंधन यातायात एवं पार्किंग प्रबंधन संयुक्त निगरानी प्रणाली तथा एकीकृत नियंत्रण एवं कमांड व्यवस्था को लेकर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। बैठक में सचिव शहरी विकास नितेश कुमार झा सचिव लोक निर्माण विभाग विनीत कुमार अपर पुलिस महानिदेशक (कानून एवं व्यवस्था) डॉ.वी.मुरूगेशन कुंभ मेलाधिकारी सोनिका आयुक्त गढ़वाल मंडल आनंद स्वरूप पुलिस महानिरीक्षक गढ़वाल राजीव स्वरूप पुलिस महानिरीक्षक कुंभ मेला डॉ.योगेन्द्र सिंह रावत सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक का संचालन एसपी निशा यादव ने किया। बैठक में उत्तराखंड के अलावा उत्तर प्रदेश दिल्ली हरियाणा राजस्थान पंजाब और हिमाचल प्रदेश के प्रशासन एवं पुलिस विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आईटीबीपी एसएसबी सीआरपीएफ आरपीएफ एनडीआरएफ भारतीय रेलवे तथा विभिन्न केंद्रीय और राज्य स्तरीय एजेंसियों के प्रतिनिधियों ने प्रतिभाग किया। बैठक से पूर्व मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने हरकी पैड़ी स्थित ब्रह्मकुंड में मां गंगा की पूजा-अर्चना कर कांवड़ मेला-2026 के सफल सुरक्षित और निर्विघ्न आयोजन की कामना की।
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प्रदीप कुमार
हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल। आगामी 30 जुलाई से 11 अगस्त 2026 तक आयोजित होने वाले कांवड़ मेला-2026 के सफल सुरक्षित और सुव्यवस्थित संचालन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में हरिद्वार स्थित मेला नियंत्रण भवन के सभागार में अंतर्राज्यीय समन्वय बैठक आयोजित की गई। बैठक में आगामी कांवड़ यात्रा के दौरान कानून-व्यवस्था सुरक्षा यातायात प्रबंधन भीड़ नियंत्रण स्वास्थ्य सेवाओं स्वच्छता पेयजल संचार व्यवस्था आपदा प्रबंधन तथा संबंधित राज्यों के बीच समन्वय को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। सभी राज्यों ने साझा कार्ययोजना के तहत समन्वित और एकजुट होकर कार्य करने की प्रतिबद्धता जताई। बैठक में निर्णय लिया गया कि कांवड़ मेले के प्रभावी प्रबंधन के लिए संबंधित राज्यों के बीच सूचनाओं का त्वरित आदान-प्रदान सुनिश्चित किया जाएगा। साथ ही साझा सर्विलांस व्यवस्था विकसित करते हुए उत्तराखंड की सीमाओं पर पड़ोसी राज्यों की पुलिस के साथ संयुक्त चेक पोस्ट और बैरियर स्थापित किए जाएंगे। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने कहा कि कांवड़ यात्रा देश के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में से एक है जिसमें करोड़ों श्रद्धालु हरिद्वार से गंगाजल लेकर अपने-अपने गंतव्यों की ओर प्रस्थान करते हैं। ऐसे में यात्रा का सफल संचालन सभी संबंधित राज्यों और एजेंसियों के प्रभावी समन्वय पर निर्भर करता है। उन्होंने कांवड़ यात्रियों की सुविधा सुरक्षा और सुगमता को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सभी राज्यों से समय रहते सभी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने तथा पूरी यात्रा अवधि के दौरान सतर्क और सजग रहकर कार्य करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि रियल टाइम समन्वय त्वरित सूचना आदान-प्रदान आधुनिक सर्विलांस प्रणाली प्रभावी सुरक्षा व्यवस्था और वैज्ञानिक भीड़ प्रबंधन कांवड़ यात्रा की सफलता की आधारशिला होंगे। हरिद्वार यात्रा का प्रमुख केंद्र है लेकिन यात्रा मार्ग से जुड़े किसी भी राज्य अथवा जिले में होने वाली किसी भी घटना का व्यापक प्रभाव पड़ सकता है। इसलिए सभी राज्यों को अपने-अपने क्षेत्रों में सुरक्षा यातायात और आपदा प्रबंधन की व्यापक तैयारियां सुनिश्चित करनी होंगी। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि कांवड़ यात्रियों के प्रवेश के प्रारंभिक बिंदुओं पर ही यात्रा से संबंधित दिशा-निर्देशों प्रतिबंधों और सुरक्षा मानकों की जानकारी प्रभावी ढंग से उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि सभी कांवड़ यात्रियों को अपने साथ वैध पहचान पत्र रखने के लिए प्रेरित किया जाए तथा किसी भी प्रकार के घातक हथियार अथवा प्रतिबंधित सामग्री के साथ यात्रा में प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध का कड़ाई से पालन कराया जाए। उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को अनुशासित और सुरक्षित यात्रा के लिए प्रेरित करने हेतु प्रमुख संतों एवं धार्मिक गुरुओं के संदेशों का विभिन्न मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। मुख्य सचिव ने यात्रा मार्गों पर स्वच्छता पेयजल चिकित्सा सेवाओं तथा अन्य मूलभूत सुविधाओं की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो इसके लिए सभी विभाग बेहतर समन्वय के साथ कार्य करें। उपयुक्त स्थानों पर साइनेज स्थापित कर मार्गों की जानकारी पार्किंग व्यवस्था और डायवर्जन योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। मुख्य सचिव ने स्पष्ट निर्देश दिए कि दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर (एक्सप्रेस-वे) का उपयोग कांवड़ यात्रा के लिए नहीं किया जाएगा। इस व्यवस्था का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए उन्होंने दिल्ली और उत्तर प्रदेश के अधिकारियों को समय रहते आवश्यक प्रबंधन करने के निर्देश दिए। उन्होंने सोशल मीडिया की सतत निगरानी पर विशेष बल देते हुए कहा कि किसी भी प्रकार की अफवाह भ्रामक सूचना अथवा आपत्तिजनक सामग्री का तत्काल तथ्यात्मक खंडन किया जाए। इसके लिए सभी राज्यों के सोशल मीडिया सेल और साइबर इकाइयों के बीच प्रभावी समन्वय स्थापित किया जाए ताकि किसी भी अफवाह को शुरुआती स्तर पर ही रोका जा सके। रेलवे अधिकारियों को निर्देशित करते हुए मुख्य सचिव ने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान विशेष ट्रेनों के संचालन रेलवे स्टेशनों पर भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा के समुचित प्रबंध सुनिश्चित किए जाएं। उन्होंने हरिद्वार और आसपास के प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर पर्याप्त होल्डिंग एरिया विकसित करने तथा यात्रियों की सुविधाओं के अनुरूप व्यवस्थाएं करने के भी निर्देश दिए। बैठक में पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ पुलिस महानिदेशक (अभिसूचना) अभिनव कुमार तथा सचिव गृह शैलेश बगौली ने कांवड़ मेला-2026 की तैयारियों की जानकारी देते हुए सभी संबंधित राज्यों और एजेंसियों से बेहतर समन्वय स्थापित कर मेले के सुरक्षित सुव्यवस्थित और सफल आयोजन में सहयोग करने का आग्रह किया। हरिद्वार के जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने बताया कि कांवड़ मेला 30 जुलाई से 11 अगस्त 2026 तक आयोजित होगा। उन्होंने बताया कि 31 जुलाई से 4 अगस्त तक पंचक अवधि रहेगी तथा 5 अगस्त से श्रद्धालुओं की संख्या में तेजी से वृद्धि होने लगेगी। उन्होंने कहा कि 8 अगस्त से प्रारंभ होने वाला डाक कांवड़ चरण मेले का सबसे चुनौतीपूर्ण और अत्यधिक भीड़ वाला चरण होगा। उन्होंने स्थानीय स्तर पर की जा रही व्यवस्थाओं सुरक्षा उपायों यातायात प्रबंधन प्रतिबंधों और मेले के लिए तैयार की गई विस्तृत कार्ययोजना की भी जानकारी दी। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर ने कांवड़ यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था भीड़ प्रबंधन यातायात एवं पार्किंग प्रबंधन संयुक्त निगरानी प्रणाली तथा एकीकृत नियंत्रण एवं कमांड व्यवस्था को लेकर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। बैठक में सचिव शहरी विकास नितेश कुमार झा सचिव लोक निर्माण विभाग विनीत कुमार अपर पुलिस महानिदेशक (कानून एवं व्यवस्था) डॉ.वी.मुरूगेशन कुंभ मेलाधिकारी सोनिका आयुक्त गढ़वाल मंडल आनंद स्वरूप पुलिस महानिरीक्षक गढ़वाल राजीव स्वरूप पुलिस महानिरीक्षक कुंभ मेला डॉ.योगेन्द्र सिंह रावत सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक का संचालन एसपी निशा यादव ने किया। बैठक में उत्तराखंड के अलावा उत्तर प्रदेश दिल्ली हरियाणा राजस्थान पंजाब और हिमाचल प्रदेश के प्रशासन एवं पुलिस विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आईटीबीपी एसएसबी सीआरपीएफ आरपीएफ एनडीआरएफ भारतीय रेलवे तथा विभिन्न केंद्रीय और राज्य स्तरीय एजेंसियों के प्रतिनिधियों ने प्रतिभाग किया। बैठक से पूर्व मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने हरकी पैड़ी स्थित ब्रह्मकुंड में मां गंगा की पूजा-अर्चना कर कांवड़ मेला-2026 के सफल सुरक्षित और निर्विघ्न आयोजन की कामना की।