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प्रदीप कुमार
टिहरी/श्रीनगर गढ़वाल। उत्तराखंड सरकार के आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास मंत्री मदन कौशिक ने कहा कि आपदा प्रबंधन में पूर्व तैयारी प्रशिक्षण और त्वरित प्रतिक्रिया ही सबसे बड़ी ताकत है। राज्य सरकार मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में आपदा प्रबंधन प्रणाली को और अधिक सुदृढ़ बनाने तथा आपदा के समय रिस्पॉन्स टाइम कम करने पर विशेष फोकस के साथ कार्य कर रही है। शनिवार को नई टिहरी स्थित क्रीड़ा सभागार में आपदा प्रबंधन सलाहकार समिति के उपाध्यक्ष लेफ्टिनेंट कर्नल रघुवीर सिंह भंडारी (सेवानिवृत्त) तथा राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सचिव विनोद कुमार सुमन की उपस्थिति में ‘आपदा जोखिम न्यूनीकरण’ विषय पर जनपद स्तरीय एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। कार्यशाला को संबोधित करते हुए मदन कौशिक ने कहा कि उत्तराखंड ने पिछले 25 वर्षों में आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किया है। उन्होंने कहा कि आपदा प्रबंधन केवल संसाधन उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है बल्कि आपदा के समय किस क्रम में कौन-सा कार्य किया जाना है इसके लिए सभी संबंधित विभागों और कार्मिकों का प्रशिक्षित एवं तैयार होना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि आपदा आने से पहले की तैयारी ही प्रभावी आपदा प्रबंधन की सबसे महत्वपूर्ण कुंजी है। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सचिव विनोद कुमार सुमन ने कहा कि अब आपदा प्रबंधन विभाग केवल आपदा आने पर ही सक्रिय नहीं होता बल्कि पूरे वर्ष प्रशिक्षण कार्यशालाएं मॉक ड्रिल जनजागरूकता कार्यक्रम आधुनिक उपकरणों का उपयोग ‘सचेत’ ऐप सेल ब्रॉडकास्ट प्रणाली तथा अन्य तकनीकी माध्यमों के जरिए पूर्व तैयारियां सुनिश्चित की जाती हैं। उन्होंने कहा कि कार्यशाला में विशेषज्ञों द्वारा प्रतिभागियों को व्यवहारिक और उपयोगी जानकारी दी गई जिससे आपदा की स्थिति में प्रभावी ढंग से कार्य किया जा सके। जिलाधिकारी नितिका खंडेलवाल ने अतिथियों का स्वागत करते हुए जनपद में मानसून और आपदा प्रबंधन की तैयारियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जिले में जेसीबी मशीनों की जीपीएस लोकेशन के साथ तैनाती की गई है। एसडीआरएफ की टीमों को देवप्रयाग और कीर्तिनगर में गंगा नदी क्षेत्र के लिए तैनात किया गया है तथा दूरस्थ क्षेत्रों में तीन माह का आवश्यक राशन पहले से उपलब्ध करा दिया गया है। इसके अलावा टिहरी बांध की सुरक्षा और आपदा प्रबंधन को लेकर अलग से बैठक कर सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। कार्यशाला के तकनीकी सत्र में विशेषज्ञों ने विभिन्न विषयों पर विस्तार से जानकारी दी। डॉ.पूजा राणा ने ‘सचेत’ ऐप एवं एकीकृत संचार प्रणाली डॉ.पी.डी.माथुर ने आपदा जोखिम न्यूनीकरण के फ्रेमवर्क और लक्ष्यों डॉ.वेदिका तथा रॉबिन अग्रवाल ने इंसिडेंट रिस्पॉन्स सिस्टम (आईआरएस) के प्रभावी क्रियान्वयन तथा रोहित और धर्मेंद्र ने आपदा प्रबंधन से संबंधित पोर्टल एवं मोबाइल ऐप के उपयोग की जानकारी प्रतिभागियों को दी। कार्यक्रम में भाजपा जिलाध्यक्ष उदय रावत वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्वेता चौबे मुख्य विकास अधिकारी वरुणा अग्रवाल अपर जिलाधिकारी शैलेंद्र नेगी जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी बृजेश भट्ट, सभी उप जिलाधिकारी जिला स्तरीय अधिकारी तथा बड़ी संख्या में पत्रकार उपस्थित रहे।

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