प्रदीप कुमार
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में स्वास्थ्य क्षेत्र को प्राथमिकता देते हुए चिकित्सा अवसंरचना के विस्तार आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता और जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से जनपद पौड़ी गढ़वाल की स्वास्थ्य व्यवस्था में उल्लेखनीय बदलाव देखने को मिल रहा है। वर्षों तक पर्वतीय क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता एक बड़ी चुनौती रही लेकिन अब दूरस्थ गांवों तक भी बेहतर उपचार और आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंच रही हैं। सरकार की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है जिससे आमजन को स्थानीय स्तर पर बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हो रही हैं। जनपद में स्वास्थ्य अवसंरचना को सुदृढ़ बनाने के लिए थलीसैंण में उपजिला चिकित्सालय का निर्माण कार्य तेजी से प्रगति पर है। प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन के अंतर्गत दो ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिट संचालित की जा रही हैं जबकि सात नई इकाइयों का निर्माण कार्य जारी है। इसके अलावा जिला चिकित्सालय में डिस्ट्रिक्ट इंटीग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लैबोरेट्री की स्थापना की जा रही है जिससे विभिन्न रोगों की वैज्ञानिक सटीक और समयबद्ध जांच की सुविधा और अधिक मजबूत होगी। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त बनाने के उद्देश्य से जनपद के 151 स्वास्थ्य उपकेंद्रों को आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के रूप में विकसित किया गया है। इन केंद्रों पर सामान्य उपचार के साथ-साथ गैर-संचारी रोगों क्षय रोग मानसिक स्वास्थ्य नेत्र एवं कान संबंधी बीमारियों सहित 12 प्रकार की समग्र स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों की तैनाती से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य परामर्श और उपचार की गुणवत्ता में भी उल्लेखनीय सुधार हुआ है। मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में भी जनपद ने महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। वर्ष 2019-20 में जहां केवल तीन चिकित्सा इकाइयों में अल्ट्रासाउंड की सुविधा उपलब्ध थी वहीं अब यह सुविधा बढ़कर नौ चिकित्सा इकाइयों तक पहुंच चुकी है। गर्भवती महिलाओं को समय पर स्वास्थ्य जांच सुरक्षित परिवहन और संस्थागत प्रसव की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए 'खुशियों की सवारी' योजना प्रभावी रूप से संचालित की जा रही है जिससे सुरक्षित मातृत्व को बढ़ावा मिला है। आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं का भी लगातार विस्तार किया गया है। वर्ष 2019-20 में जनपद के 17 स्थानों पर उपलब्ध 108 एम्बुलेंस सेवा अब 28 स्थानों तक पहुंच चुकी है। इसके अतिरिक्त 11 'खुशियों की सवारी' वाहन गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित रूप से स्वास्थ्य संस्थानों तक पहुंचाने का कार्य कर रहे हैं जिससे समय पर उपचार और सुरक्षित प्रसव सुनिश्चित हो रहा है। स्वास्थ्य सेवाओं में हुए इन सुधारों का सकारात्मक असर जनपद के स्वास्थ्य सूचकांकों पर भी स्पष्ट दिखाई दे रहा है। मातृ मृत्यु दर 113 से घटकर 91 हो गई है जबकि शिशु मृत्यु दर 34 से घटकर 27 पर पहुंच गई है। कुल प्रजनन दर 2.1 से घटकर 1.8 हो गई है। प्रथम तिमाही में गर्भ पंजीकरण 56 प्रतिशत से बढ़कर 82 प्रतिशत चार एएनसी जांच का प्रतिशत 62 से बढ़कर 100 प्रतिशत गर्भवती महिलाओं का पूर्ण टीकाकरण 92 से बढ़कर 96 प्रतिशत तथा शिशुओं का पूर्ण टीकाकरण 92 से बढ़कर 98 प्रतिशत तक पहुंच गया है। इसके अलावा संस्थागत प्रसव 63 प्रतिशत से बढ़कर 92 प्रतिशत और लिंगानुपात 941 से बढ़कर 956 दर्ज किया गया है जो स्वास्थ्य सेवाओं में आए सुधार का स्पष्ट संकेत है। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ.शिव मोहन शुक्ला ने बताया कि सरकार द्वारा लंबे समय से रिक्त चिकित्सकों के पदों पर नियुक्तियां की जा रही हैं तथा विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती भी लगातार बढ़ाई जा रही है। स्वास्थ्य संस्थानों में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की कमी को दूर करने के लिए आउटसोर्स व्यवस्था के माध्यम से आवश्यक मानव संसाधन उपलब्ध कराया गया है। उन्होंने बताया कि दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों तक विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के उद्देश्य से नियमित रूप से विशेषज्ञ चिकित्सकों की मौजूदगी में चिकित्सा शिविर आयोजित किए जा रहे हैं जिससे ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर ही बेहतर उपचार मिल रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए स्वास्थ्य विभाग अभियान मोड में कार्य कर रहा है। आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता स्वास्थ्य संस्थानों का सुदृढ़ीकरण और ग्रामीण क्षेत्रों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में स्वास्थ्य क्षेत्र में किए जा रहे इन प्रयासों के परिणामस्वरूप पौड़ी गढ़वाल बेहतर चिकित्सा सुविधाओं सुरक्षित मातृत्व स्वस्थ बचपन और मजबूत सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। स्वास्थ्य सेवाओं में आया यह बदलाव केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं है बल्कि हजारों परिवारों के जीवन में आए सकारात्मक परिवर्तन का प्रमाण भी है। सरकार का लक्ष्य है कि जनपद के प्रत्येक नागरिक को समय पर सुलभ और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हों ताकि "स्वस्थ पौड़ी सशक्त उत्तराखंड" का संकल्प पूरी तरह साकार हो सके।
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प्रदीप कुमार
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में स्वास्थ्य क्षेत्र को प्राथमिकता देते हुए चिकित्सा अवसंरचना के विस्तार आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता और जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से जनपद पौड़ी गढ़वाल की स्वास्थ्य व्यवस्था में उल्लेखनीय बदलाव देखने को मिल रहा है। वर्षों तक पर्वतीय क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता एक बड़ी चुनौती रही लेकिन अब दूरस्थ गांवों तक भी बेहतर उपचार और आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंच रही हैं। सरकार की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है जिससे आमजन को स्थानीय स्तर पर बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हो रही हैं। जनपद में स्वास्थ्य अवसंरचना को सुदृढ़ बनाने के लिए थलीसैंण में उपजिला चिकित्सालय का निर्माण कार्य तेजी से प्रगति पर है। प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन के अंतर्गत दो ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिट संचालित की जा रही हैं जबकि सात नई इकाइयों का निर्माण कार्य जारी है। इसके अलावा जिला चिकित्सालय में डिस्ट्रिक्ट इंटीग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लैबोरेट्री की स्थापना की जा रही है जिससे विभिन्न रोगों की वैज्ञानिक सटीक और समयबद्ध जांच की सुविधा और अधिक मजबूत होगी। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त बनाने के उद्देश्य से जनपद के 151 स्वास्थ्य उपकेंद्रों को आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के रूप में विकसित किया गया है। इन केंद्रों पर सामान्य उपचार के साथ-साथ गैर-संचारी रोगों क्षय रोग मानसिक स्वास्थ्य नेत्र एवं कान संबंधी बीमारियों सहित 12 प्रकार की समग्र स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों की तैनाती से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य परामर्श और उपचार की गुणवत्ता में भी उल्लेखनीय सुधार हुआ है। मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में भी जनपद ने महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। वर्ष 2019-20 में जहां केवल तीन चिकित्सा इकाइयों में अल्ट्रासाउंड की सुविधा उपलब्ध थी वहीं अब यह सुविधा बढ़कर नौ चिकित्सा इकाइयों तक पहुंच चुकी है। गर्भवती महिलाओं को समय पर स्वास्थ्य जांच सुरक्षित परिवहन और संस्थागत प्रसव की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए ‘खुशियों की सवारी’ योजना प्रभावी रूप से संचालित की जा रही है जिससे सुरक्षित मातृत्व को बढ़ावा मिला है। आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं का भी लगातार विस्तार किया गया है। वर्ष 2019-20 में जनपद के 17 स्थानों पर उपलब्ध 108 एम्बुलेंस सेवा अब 28 स्थानों तक पहुंच चुकी है। इसके अतिरिक्त 11 ‘खुशियों की सवारी’ वाहन गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित रूप से स्वास्थ्य संस्थानों तक पहुंचाने का कार्य कर रहे हैं जिससे समय पर उपचार और सुरक्षित प्रसव सुनिश्चित हो रहा है। स्वास्थ्य सेवाओं में हुए इन सुधारों का सकारात्मक असर जनपद के स्वास्थ्य सूचकांकों पर भी स्पष्ट दिखाई दे रहा है। मातृ मृत्यु दर 113 से घटकर 91 हो गई है जबकि शिशु मृत्यु दर 34 से घटकर 27 पर पहुंच गई है। कुल प्रजनन दर 2.1 से घटकर 1.8 हो गई है। प्रथम तिमाही में गर्भ पंजीकरण 56 प्रतिशत से बढ़कर 82 प्रतिशत चार एएनसी जांच का प्रतिशत 62 से बढ़कर 100 प्रतिशत गर्भवती महिलाओं का पूर्ण टीकाकरण 92 से बढ़कर 96 प्रतिशत तथा शिशुओं का पूर्ण टीकाकरण 92 से बढ़कर 98 प्रतिशत तक पहुंच गया है। इसके अलावा संस्थागत प्रसव 63 प्रतिशत से बढ़कर 92 प्रतिशत और लिंगानुपात 941 से बढ़कर 956 दर्ज किया गया है जो स्वास्थ्य सेवाओं में आए सुधार का स्पष्ट संकेत है। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ.शिव मोहन शुक्ला ने बताया कि सरकार द्वारा लंबे समय से रिक्त चिकित्सकों के पदों पर नियुक्तियां की जा रही हैं तथा विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती भी लगातार बढ़ाई जा रही है। स्वास्थ्य संस्थानों में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की कमी को दूर करने के लिए आउटसोर्स व्यवस्था के माध्यम से आवश्यक मानव संसाधन उपलब्ध कराया गया है। उन्होंने बताया कि दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों तक विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के उद्देश्य से नियमित रूप से विशेषज्ञ चिकित्सकों की मौजूदगी में चिकित्सा शिविर आयोजित किए जा रहे हैं जिससे ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर ही बेहतर उपचार मिल रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए स्वास्थ्य विभाग अभियान मोड में कार्य कर रहा है। आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता स्वास्थ्य संस्थानों का सुदृढ़ीकरण और ग्रामीण क्षेत्रों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में स्वास्थ्य क्षेत्र में किए जा रहे इन प्रयासों के परिणामस्वरूप पौड़ी गढ़वाल बेहतर चिकित्सा सुविधाओं सुरक्षित मातृत्व स्वस्थ बचपन और मजबूत सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। स्वास्थ्य सेवाओं में आया यह बदलाव केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं है बल्कि हजारों परिवारों के जीवन में आए सकारात्मक परिवर्तन का प्रमाण भी है। सरकार का लक्ष्य है कि जनपद के प्रत्येक नागरिक को समय पर सुलभ और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हों ताकि “स्वस्थ पौड़ी सशक्त उत्तराखंड” का संकल्प पूरी तरह साकार हो सके।