प्रदीप कुमार
रुद्रप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल। जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने सोमवार को विकास भवन सभागार में ग्राम्य विकास विभाग के अंतर्गत संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं एवं कार्यक्रमों की विस्तृत समीक्षा बैठक की। बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के निर्धारित लक्ष्यों के सापेक्ष योजनाओं की प्रगति उपलब्धियों तथा शेष कार्यों की विस्तार से समीक्षा की गई। बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने उत्तराखंड स्टेट रूरल लाइवलीहुड मिशन (यूएसआरएलएम) विकसित भारत-जी.राम.जी.प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना सांसद निधि विधायक निधि मुख्यमंत्री पलायन रोकथाम योजना रीप-ग्रामोत्थान परियोजना तथा मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना के तहत संचालित कार्यों की विभागवार प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी योजनाओं के निर्धारित लक्ष्यों को प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए तथा माह के अंत तक शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने के लिए प्रभावी कार्ययोजना बनाकर उसका क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि राज्य और केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं का वास्तविक लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को योजनाओं के क्रियान्वयन में गुणवत्ता पारदर्शिता और समयबद्धता बनाए रखने के साथ-साथ पात्र लाभार्थियों को अधिक से अधिक योजनाओं से जोड़ने के लिए विशेष प्रयास करने के निर्देश दिए। बैठक में स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार किए जा रहे स्थानीय उत्पादों एवं आजीविका संवर्धन गतिविधियों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने कहा कि जनपद के स्थानीय उत्पादों में अपार संभावनाएं हैं जिन्हें बेहतर विपणन और ब्रांडिंग के माध्यम से व्यापक बाजार उपलब्ध कराया जा सकता है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्वयं सहायता समूहों द्वारा निर्मित उत्पादों के लिए प्रभावी विपणन रणनीति तैयार की जाए उत्पादों की पैकेजिंग और ब्रांडिंग पर विशेष ध्यान दिया जाए तथा स्थानीय उत्पादों को राज्य और राष्ट्रीय स्तर के बाजारों से जोड़ने के प्रयास तेज किए जाएं। उन्होंने कहा कि महिला स्वयं सहायता समूहों को आत्मनिर्भर बनाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में इन योजनाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। इसलिए समूहों को प्रशिक्षण वित्तीय सहायता और विपणन सुविधाएं उपलब्ध कराते हुए उनकी आय में निरंतर वृद्धि के लिए प्रभावी प्रयास किए जाएं। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र सिंह रावत जिला विकास अधिकारी मानवेन्द्र कौर खंड विकास अधिकारी ऊखीमठ अनुष्का अगस्त्यमुनि सुरेश शाह जखोली के खंड विकास अधिकारी तथा जिला परियोजना प्रबंधक ग्रामोत्थान परियोजना सरिता जोशी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
Spread the love
प्रदीप कुमार
रुद्रप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल। जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने सोमवार को विकास भवन सभागार में ग्राम्य विकास विभाग के अंतर्गत संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं एवं कार्यक्रमों की विस्तृत समीक्षा बैठक की। बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के निर्धारित लक्ष्यों के सापेक्ष योजनाओं की प्रगति उपलब्धियों तथा शेष कार्यों की विस्तार से समीक्षा की गई। बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने उत्तराखंड स्टेट रूरल लाइवलीहुड मिशन (यूएसआरएलएम) विकसित भारत-जी.राम.जी.प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना सांसद निधि विधायक निधि मुख्यमंत्री पलायन रोकथाम योजना रीप-ग्रामोत्थान परियोजना तथा मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना के तहत संचालित कार्यों की विभागवार प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी योजनाओं के निर्धारित लक्ष्यों को प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए तथा माह के अंत तक शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने के लिए प्रभावी कार्ययोजना बनाकर उसका क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि राज्य और केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं का वास्तविक लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को योजनाओं के क्रियान्वयन में गुणवत्ता पारदर्शिता और समयबद्धता बनाए रखने के साथ-साथ पात्र लाभार्थियों को अधिक से अधिक योजनाओं से जोड़ने के लिए विशेष प्रयास करने के निर्देश दिए। बैठक में स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार किए जा रहे स्थानीय उत्पादों एवं आजीविका संवर्धन गतिविधियों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने कहा कि जनपद के स्थानीय उत्पादों में अपार संभावनाएं हैं जिन्हें बेहतर विपणन और ब्रांडिंग के माध्यम से व्यापक बाजार उपलब्ध कराया जा सकता है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्वयं सहायता समूहों द्वारा निर्मित उत्पादों के लिए प्रभावी विपणन रणनीति तैयार की जाए उत्पादों की पैकेजिंग और ब्रांडिंग पर विशेष ध्यान दिया जाए तथा स्थानीय उत्पादों को राज्य और राष्ट्रीय स्तर के बाजारों से जोड़ने के प्रयास तेज किए जाएं। उन्होंने कहा कि महिला स्वयं सहायता समूहों को आत्मनिर्भर बनाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में इन योजनाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। इसलिए समूहों को प्रशिक्षण वित्तीय सहायता और विपणन सुविधाएं उपलब्ध कराते हुए उनकी आय में निरंतर वृद्धि के लिए प्रभावी प्रयास किए जाएं। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र सिंह रावत जिला विकास अधिकारी मानवेन्द्र कौर खंड विकास अधिकारी ऊखीमठ अनुष्का अगस्त्यमुनि सुरेश शाह जखोली के खंड विकास अधिकारी तथा जिला परियोजना प्रबंधक ग्रामोत्थान परियोजना सरिता जोशी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।