प्रदीप कुमार
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के विजन के अनुरूप प्रदेश में आधुनिक नवाचार आधारित और प्रयोगात्मक शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में पौड़ी गढ़वाल में जिला प्रशासन द्वारा स्थापित डॉ.अंबेडकर जिला विज्ञान संग्रहालय विद्यार्थियों के लिए आकर्षण का प्रमुख केंद्र बन गया है। मुख्यमंत्री द्वारा हाल ही में लोकार्पित इस संग्रहालय में जनपद के विभिन्न विद्यालयों से छात्र-छात्राओं के दल लगातार पहुंच रहे हैं। यहां विद्यार्थी विज्ञान को केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित न रखकर आधुनिक इंटरएक्टिव मॉडलों वैज्ञानिक प्रयोगों और जीवंत प्रदर्शनों के माध्यम से सहज रोचक और व्यावहारिक रूप से समझ रहे हैं। संग्रहालय को “देखो समझो और स्वयं करके सीखो” की अवधारणा पर विकसित किया गया है। यहां प्रकाशिकी गतिज स्थितिज एवं गतिशील ऊर्जा मानव शरीर की संरचना एवं कार्यप्रणाली गणित भौतिकी पर्यावरण तथा तकनीकी नवाचार से जुड़े आकर्षक इंटरएक्टिव मॉडल स्थापित किए गए हैं। प्रत्येक मॉडल के साथ सरल एवं आकर्षक जानकारी प्रदर्शित की गई है जबकि महान वैज्ञानिकों के जीवन और योगदान पर आधारित प्रकाशित प्रदर्शन विद्यार्थियों को विज्ञान नवाचार और अनुसंधान की दिशा में प्रेरित कर रहे हैं। जिलाधिकारी स्वाति एस.भदौरिया की पहल पर जिला योजना के अंतर्गत “बिल्डिंग एज लर्निंग एड” और “लर्निंग बाय डूइंग” की अवधारणा पर विकसित इस संग्रहालय की विशेषता यह है कि इसकी दीवारें फर्श सीढ़ियां और अन्य संरचनाएं भी सीखने का माध्यम हैं। यहां तैनात प्रशिक्षित प्रदर्शनकर्ता विद्यार्थियों को वैज्ञानिक मॉडलों की कार्यप्रणाली सरल भाषा में समझाते हैं जिससे जटिल वैज्ञानिक अवधारणाएं भी सहज और रुचिकर बन जाती हैं। संग्रहालय का आधुनिक स्वरूप संवादात्मक मॉडल और नवाचार आधारित प्रस्तुतियां बच्चों में जिज्ञासा तार्किक सोच और वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। विद्यालयों से आए शिक्षकों ने भी संग्रहालय की अवधारणा की सराहना करते हुए इसे कक्षा शिक्षण का प्रभावी पूरक बताया। उनका कहना है कि यहां विद्यार्थी वैज्ञानिक सिद्धांतों को प्रत्यक्ष रूप से समझ रहे हैं जिससे उनकी सीखने की क्षमता विश्लेषणात्मक सोच और विज्ञान के प्रति रुचि में उल्लेखनीय वृद्धि हो रही है। राजकीय इंटर कॉलेज दोमटखाल के कक्षा 12 के छात्र पीयूष चौहान ने बताया कि विज्ञान संग्रहालय के भ्रमण के दौरान उन्हें विभिन्न वैज्ञानिक उपकरणों और प्रयोगों को करीब से समझने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि यह अनुभव अत्यंत रोचक ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायक रहा तथा वे भविष्य में दोबारा यहां आना चाहेंगे। इसी विद्यालय के छात्र पार्थ नैथानी ने कहा कि विज्ञान संग्रहालय का भ्रमण उनके लिए यादगार अनुभव रहा। यहां प्रदर्शित इंटरएक्टिव मॉडल विज्ञान के सिद्धांतों को सरल और रोचक तरीके से समझाते हैं। इस भ्रमण से उन्हें नई जानकारियां मिलीं और विज्ञान के प्रति उनकी रुचि पहले से कहीं अधिक बढ़ी है। मुख्य शिक्षाधिकारी अत्रेय सयाना ने बताया कि जनपद के अधिकाधिक विद्यालयों के छात्र-छात्राओं का विज्ञान संग्रहालय का शैक्षणिक भ्रमण कराया जा रहा है ताकि वे प्रयोगात्मक शिक्षा के माध्यम से विज्ञान की अवधारणाओं को बेहतर ढंग से समझ सकें। उन्होंने कहा कि इस पहल से विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच नवाचार और अनुसंधान के प्रति रुचि विकसित हो रही है तथा सीखने की प्रक्रिया अधिक प्रभावी व्यावहारिक और रोचक बन रही है।
