प्रदीप कुमार
चमोली/श्रीनगर गढ़वाल। जनपद में आंगनबाड़ी केंद्रों के भवन निर्माण और आधारभूत सुविधाओं को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी गौरव कुमार की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में आंगनबाड़ी भवन निर्माण कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को सभी प्रस्तावित केंद्रों का निर्माण चालू वित्तीय वर्ष के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए गए। बैठक में बताया गया कि जनपद में कुल 1,078 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं जिनमें से 340 केंद्र विभागीय भवनों में संचालित हो रहे हैं। इसके अलावा 265 नए आंगनबाड़ी केंद्र स्थापित किए जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है जिनमें से 93 केंद्रों के निर्माण के लिए धनराशि अवमुक्त की जा चुकी है। जिलाधिकारी ने सभी खंड विकास अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिन 93 आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए धनराशि जारी हो चुकी है उनके भवन निर्माण सिविल कार्य और साइट डेवलपमेंट को प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध ढंग से पूरा कराया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि चालू वित्तीय वर्ष के भीतर सभी प्रस्तावित आंगनबाड़ी केंद्रों का निर्माण कार्य पूर्ण होना चाहिए ताकि बच्चों और महिलाओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें। बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने बाल विकास एवं शिक्षा विभाग को आपसी समन्वय स्थापित कर उन आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए शीघ्र भूमि चयन करने के निर्देश दिए जहां अभी तक उपयुक्त भूमि उपलब्ध नहीं हो सकी है। साथ ही सभी खंड विकास अधिकारियों को निर्माण कार्यों से संबंधित आवश्यक औपचारिकताएं एवं प्रक्रियाएं समयबद्ध तरीके से पूरी करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने यह भी कहा कि 'जन-जन की सरकार' कार्यक्रम तथा अन्य माध्यमों से नए आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन के लिए प्राप्त सभी प्रस्तावों का बाल विकास विभाग नियमानुसार परीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करे ताकि आवश्यकता वाले क्षेत्रों में नए केंद्र जल्द शुरू किए जा सकें। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी डॉ.अभिषेक त्रिपाठी परियोजना निदेशक आनंद सिंह जिला कार्यक्रम अधिकारी (बाल विकास) हिमांशु बडोला सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
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प्रदीप कुमार
चमोली/श्रीनगर गढ़वाल। जनपद में आंगनबाड़ी केंद्रों के भवन निर्माण और आधारभूत सुविधाओं को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी गौरव कुमार की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में आंगनबाड़ी भवन निर्माण कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को सभी प्रस्तावित केंद्रों का निर्माण चालू वित्तीय वर्ष के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए गए। बैठक में बताया गया कि जनपद में कुल 1,078 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं जिनमें से 340 केंद्र विभागीय भवनों में संचालित हो रहे हैं। इसके अलावा 265 नए आंगनबाड़ी केंद्र स्थापित किए जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है जिनमें से 93 केंद्रों के निर्माण के लिए धनराशि अवमुक्त की जा चुकी है। जिलाधिकारी ने सभी खंड विकास अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिन 93 आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए धनराशि जारी हो चुकी है उनके भवन निर्माण सिविल कार्य और साइट डेवलपमेंट को प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध ढंग से पूरा कराया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि चालू वित्तीय वर्ष के भीतर सभी प्रस्तावित आंगनबाड़ी केंद्रों का निर्माण कार्य पूर्ण होना चाहिए ताकि बच्चों और महिलाओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें। बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने बाल विकास एवं शिक्षा विभाग को आपसी समन्वय स्थापित कर उन आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए शीघ्र भूमि चयन करने के निर्देश दिए जहां अभी तक उपयुक्त भूमि उपलब्ध नहीं हो सकी है। साथ ही सभी खंड विकास अधिकारियों को निर्माण कार्यों से संबंधित आवश्यक औपचारिकताएं एवं प्रक्रियाएं समयबद्ध तरीके से पूरी करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने यह भी कहा कि ‘जन-जन की सरकार’ कार्यक्रम तथा अन्य माध्यमों से नए आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन के लिए प्राप्त सभी प्रस्तावों का बाल विकास विभाग नियमानुसार परीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करे ताकि आवश्यकता वाले क्षेत्रों में नए केंद्र जल्द शुरू किए जा सकें। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी डॉ.अभिषेक त्रिपाठी परियोजना निदेशक आनंद सिंह जिला कार्यक्रम अधिकारी (बाल विकास) हिमांशु बडोला सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।