प्रदीप कुमार
हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल। पवित्र कांवड़ यात्रा के दौरान लाखों शिवभक्तों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन ने आपदा राहत एवं बचाव के व्यापक इंतजाम किए हैं। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देशन तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर के नेतृत्व में आपदा प्रबंधन व्यवस्था को सुदृढ़ बनाया गया है। आपदा प्रबंधन अधिकारी एवं कांवड़ कंट्रोल रूम प्रभारी मीरा रावत के समन्वय में बी.ई.जी.बंगाल इंजीनियर ग्रुप रुड़की के प्रशिक्षित सेना के गोताखोरों की दो टीमें संवेदनशील स्थलों पर 24 घंटे मुस्तैदी के साथ तैनात हैं। बी.ई.जी.रुड़की की एक टीम हरिद्वार के हाथी पुल क्षेत्र में तथा दूसरी टीम रुड़की स्थित सोलानी पार्क के निकट तैनात है। गंगा के तेज बहाव और कांवड़ यात्रा के दौरान उमड़ रही भारी भीड़ को देखते हुए सेना के प्रशिक्षित गोताखोर लगातार निगरानी बनाए हुए हैं। किसी भी आपात स्थिति में वे तत्काल राहत एवं बचाव कार्य कर श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित कर रहे हैं। उनकी तत्परता साहस और अनुशासित कार्यशैली के चलते हजारों शिवभक्त सुरक्षित वातावरण में गंगास्नान और गंगाजल भर पा रहे हैं। राहत एवं बचाव टीम का नेतृत्व सूबेदार कुलविंदर सिंह कर रहे हैं। टीम कांवड़ कंट्रोल रूम और आपदा कंट्रोल रूम के साथ लगातार संपर्क और समन्वय बनाए रखते हुए किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर के नेतृत्व में जिला प्रशासन पुलिस और सेना के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया गया है। इसी समन्वय के परिणामस्वरूप कांवड़ यात्रा को सुरक्षित सुव्यवस्थित और सफल बनाने के लिए लगातार प्रभावी प्रयास किए जा रहे हैं। बी.ई.जी.रुड़की के प्रशिक्षित गोताखोरों की निस्वार्थ सेवा साहस और कर्तव्यनिष्ठा इस महापर्व में मानवता और सेवा भावना का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत कर रही है। गंगा घाटों पर उनकी निरंतर मौजूदगी श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षा और विश्वास का मजबूत आधार बनी हुई है।
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प्रदीप कुमार
हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल। पवित्र कांवड़ यात्रा के दौरान लाखों शिवभक्तों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन ने आपदा राहत एवं बचाव के व्यापक इंतजाम किए हैं। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देशन तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर के नेतृत्व में आपदा प्रबंधन व्यवस्था को सुदृढ़ बनाया गया है। आपदा प्रबंधन अधिकारी एवं कांवड़ कंट्रोल रूम प्रभारी मीरा रावत के समन्वय में बी.ई.जी.बंगाल इंजीनियर ग्रुप रुड़की के प्रशिक्षित सेना के गोताखोरों की दो टीमें संवेदनशील स्थलों पर 24 घंटे मुस्तैदी के साथ तैनात हैं। बी.ई.जी.रुड़की की एक टीम हरिद्वार के हाथी पुल क्षेत्र में तथा दूसरी टीम रुड़की स्थित सोलानी पार्क के निकट तैनात है। गंगा के तेज बहाव और कांवड़ यात्रा के दौरान उमड़ रही भारी भीड़ को देखते हुए सेना के प्रशिक्षित गोताखोर लगातार निगरानी बनाए हुए हैं। किसी भी आपात स्थिति में वे तत्काल राहत एवं बचाव कार्य कर श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित कर रहे हैं। उनकी तत्परता साहस और अनुशासित कार्यशैली के चलते हजारों शिवभक्त सुरक्षित वातावरण में गंगास्नान और गंगाजल भर पा रहे हैं। राहत एवं बचाव टीम का नेतृत्व सूबेदार कुलविंदर सिंह कर रहे हैं। टीम कांवड़ कंट्रोल रूम और आपदा कंट्रोल रूम के साथ लगातार संपर्क और समन्वय बनाए रखते हुए किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर के नेतृत्व में जिला प्रशासन पुलिस और सेना के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया गया है। इसी समन्वय के परिणामस्वरूप कांवड़ यात्रा को सुरक्षित सुव्यवस्थित और सफल बनाने के लिए लगातार प्रभावी प्रयास किए जा रहे हैं। बी.ई.जी.रुड़की के प्रशिक्षित गोताखोरों की निस्वार्थ सेवा साहस और कर्तव्यनिष्ठा इस महापर्व में मानवता और सेवा भावना का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत कर रही है। गंगा घाटों पर उनकी निरंतर मौजूदगी श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षा और विश्वास का मजबूत आधार बनी हुई है।