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प्रदीप कुमार
चमोली/श्रीनगर गढ़वाल। 13 अगस्त की शाम मायापुर पीपलकोटी स्थित टीएचडीसी की निर्माणाधीन टनल से पानी के रिसाव और भूस्खलन की सूचना मिलते ही टनल के अंदर फंसे श्रमिकों की जिंदगी बचाने के लिए राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया गया। चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बीच यह अभियान 117 घंटे से अधिक समय तक चला जिसमें पुलिस प्रशासन एसडीआरएफ एनडीआरएफ आईटीबीपी सेना सीआईएसएफ डीडीआरएफ फायर सर्विस टीएचडीसी सहित विभिन्न एजेंसियों ने लगातार समन्वय के साथ कार्य किया। सूचना मिलते ही जिलाधिकारी चमोली गौरव कुमार और पुलिस अधीक्षक चमोली सुरजीत सिंह पंवार तत्काल घटनास्थल पर पहुंचे। ग्राउंड जीरो पर पहुंचते ही पुलिस फायर सर्विस और रेस्क्यू टीमों ने राहत एवं बचाव अभियान शुरू कर दिया। चमोली पुलिस की फायर सर्विस टीम सबसे पहले घटनास्थल पर पहुंची और प्रारंभिक रेस्क्यू कार्य शुरू किया। बारिश अंधेरा मलबे और टनल के भीतर की चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद रेस्क्यू टीमों का लक्ष्य प्रत्येक श्रमिक तक पहुंचना रहा। घटना की गंभीरता को देखते हुए उत्तराखंड पुलिस मुख्यालय भी तत्काल सक्रिय हो गया। पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ अपर पुलिस महानिदेशक अपराध एवं कानून व्यवस्था वी.मुरुगेशन पुलिस महानिरीक्षक नीलेश आनंद भरणे तथा पुलिस उपमहानिरीक्षक अपराध एवं कानून व्यवस्था धीरेन्द्र सिंह गुंज्याल देहरादून स्थित आपदा परिचालन केंद्र पहुंचे और लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन की मॉनिटरिंग करते रहे। डीजीपी दीपम सेठ ने चमोली के अधिकारियों से लगातार संपर्क कर रेस्क्यू अभियान की प्रगति आवश्यक संसाधनों और सुरक्षा व्यवस्थाओं की जानकारी ली तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। एसडीआरएफ कमांडेंट अर्पण यदुवंशी ने भी पुलिस अधीक्षक चमोली से निरंतर समन्वय स्थापित करते हुए एसडीआरएफ की अतिरिक्त टीमों एवं संसाधनों को तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना कराया जिससे राहत एवं बचाव कार्यों को गति मिली। घटना की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी पूरी रात रेस्क्यू अभियान से जुड़े रहे। उन्होंने अधिकारियों से लगातार संपर्क कर टनल में फंसे श्रमिकों की स्थिति और बचाव कार्यों की प्रगति की जानकारी ली तथा आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उसी रात्रि प्रभारी मंत्री भरत सिंह चौधरी भी घटनास्थल पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लेते हुए अधिकारियों से जानकारी प्राप्त की। 14 अगस्त की सुबह पीपलकोटी क्षेत्र में मौसम बेहद खराब रहा। भारी वर्षा घना कोहरा और कम दृश्यता के बावजूद मुख्यमंत्री स्वयं घटनास्थल पहुंचकर रेस्क्यू अभियान की समीक्षा करने पहुंचे। प्रतिकूल मौसम के बीच हेलीकॉप्टर को सुरक्षित सेमलडाला हेलीपैड तक पहुंचाना भी चुनौतीपूर्ण रहा। पायलट ने परिस्थितियों का लगातार आकलन करते हुए हेलीकॉप्टर को सुरक्षित उतारा। इस दौरान पुलिस अधीक्षक चमोली ने हेलीकॉप्टर की सुरक्षित लैंडिंग सुरक्षा व्यवस्था और विभिन्न एजेंसियों के साथ समन्वय की निगरानी की। मुख्यमंत्री ने निर्माणाधीन टनल का निरीक्षण कर रेस्क्यू अभियान की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने जिला प्रशासन पुलिस एसडीआरएफ एनडीआरएफ आईटीबीपी एवं अन्य एजेंसियों के अधिकारियों और जवानों से बातचीत कर उनका उत्साहवर्धन किया। इसके साथ ही जिला चिकित्सालय पहुंचकर घायल श्रमिकों का हालचाल भी जाना। अगले दिन गढ़वाल मंडल आयुक्त आनंद स्वरूप आपदा प्रबंधन सचिव विनोद कुमार सुमन और पुलिस महानिरीक्षक गढ़वाल राजीव स्वरूप भी घटनास्थल पहुंचे। उन्होंने रेस्क्यू कार्यों की समीक्षा की और जनपद स्तरीय अधिकारियों के साथ बैठक कर अभियान की प्रगति की लगातार मॉनिटरिंग की। सांसद अनिल बलूनी तथा आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास मंत्री मदन कौशिक ने भी घटनास्थल पहुंचकर रेस्क्यू अभियान का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने टनल के भीतर चल रहे बचाव कार्यों की जानकारी ली रेस्क्यू टीमों से संवाद किया और घायल श्रमिकों का हालचाल जाना। टनल के भीतर भरा पानी भारी मात्रा में जमा मलबा सीमित पहुंच और लगातार बदलती परिस्थितियों के कारण रेस्क्यू अभियान बेहद चुनौतीपूर्ण रहा। इसके बावजूद पुलिस फायर सर्विस एसडीआरएफ एनडीआरएफ आईटीबीपी सेना डीडीआरएफ सीआईएसएफ जिला प्रशासन टीएचडीसी और अन्य संबंधित एजेंसियों ने आपसी समन्वय के साथ लगातार कार्य किया। टनल के भीतर जमा पानी निकालने के लिए सक्शन पंप लगाए गए। मलबा हटाने फंसी मशीनरी को बाहर निकालने तथा संभावित स्थानों पर लगातार सर्च अभियान चलाने की कार्रवाई की गई। राहत एवं बचाव टीमों ने विपरीत परिस्थितियों में भी अभियान को लगातार जारी रखा। रेस्क्यू अभियान के साथ जिला प्रशासन ने प्रभावित श्रमिकों और उनके परिजनों की सहायता को भी प्राथमिकता दी। प्रशासन ने कंपनी प्रबंधन राज्य सरकार और भारत सरकार के स्तर पर लगातार समन्वय एवं पैरवी करते हुए प्रभावित परिवारों के लिए अधिकतम आर्थिक सहायता सुनिश्चित करने के प्रयास किए। विभिन्न स्तरों पर हुई बैठकों और विचार-विमर्श के बाद उचित अनुग्रह राशि प्रदान करने पर सहमति बनी है। इसमें टीएचडीसीआईएल और एचसीसी के साथ-साथ राज्य सरकार केंद्र सरकार श्रमिक मुआवजा तथा अन्य निर्धारित स्रोतों से देय सहायता राशि भी शामिल होगी। यह रेस्क्यू अभियान सफल रहा लेकिन इसके साथ कई परिवारों का अपूरणीय दुख भी जुड़ा रहा। जिन श्रमिकों को बचाया नहीं जा सका उनकी स्थिति पूरे अभियान में जुटी टीमों के लिए गहरी पीड़ा का विषय रही। अभियान की सफलता में मुख्यमंत्री की सतत मॉनिटरिंग पुलिस मुख्यालय की निरंतर निगरानी जिला प्रशासन की तत्परता जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक का ग्राउंड जीरो पर नेतृत्व विभिन्न मंत्रियों एवं वरिष्ठ अधिकारियों का मार्गदर्शन तथा पुलिस फायर सर्विस एसडीआरएफ एनडीआरएफ आईटीबीपी सेना सीआईएसएफ डीडीआरएफ और अन्य सभी एजेंसियों के अथक प्रयासों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

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