प्रदीप कुमार
टिहरी/श्रीनगर गढ़वाल। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के तहत जनपद टिहरी गढ़वाल में निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण की कार्यवाही निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार जारी है। देवप्रयाग विधानसभा क्षेत्र में विशेष गहन पुनरीक्षण के तहत जारी किए गए सभी 19,131 नोटिसों के सापेक्ष सुनवाई की प्रक्रिया शत-प्रतिशत पूरी कर ली गई है। निर्धारित अंतिम तिथि 25 अगस्त से तीन दिन पहले 22 अगस्त को ही सभी प्रकरणों की सुनवाई पूरी कर लक्ष्य हासिल किया गया। जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी नितिका खण्डेलवाल ने बताया कि 14 जुलाई 2026 को प्रकाशित निर्वाचक नामावली के अनुसार जनपद के छह विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों में कुल 994 मतदान केंद्र और 4,63,628 मतदाता हैं। इनमें घनसाली विधानसभा क्षेत्र में 85,081 देवप्रयाग में 75,437 नरेंद्रनगर में 79,199 प्रतापनगर में 74,237 टिहरी में 66,877 तथा धनोल्टी में 82,797 मतदाता शामिल हैं। उन्होंने बताया कि प्रकाशित निर्वाचक नामावली के बाद अनमैप और विसंगति की श्रेणी में चिह्नित निर्वाचकों को नोटिस वितरित कर सुनवाई एवं सत्यापन की कार्यवाही की जा रही है। जनपद में कुल 1,17,501 नोटिस जारी एवं वितरित किए गए हैं जिनमें से अब तक 1,07,333 प्रकरणों में सुनवाई पूरी की जा चुकी है। देवप्रयाग विधानसभा क्षेत्र में विशेष गहन पुनरीक्षण के अंतर्गत कुल 19,131 नोटिस जनरेट किए गए थे और सभी नोटिस संबंधित निर्वाचकों को वितरित किए जा चुके हैं। विधानसभा क्षेत्र-10 देवप्रयाग में जारी सभी नोटिसों के सापेक्ष सुनवाई की प्रक्रिया शत-प्रतिशत पूर्ण कर ली गई है। जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि देवप्रयाग विधानसभा क्षेत्र में सुनवाई पूरी करने की अंतिम निर्धारित तिथि 25 अगस्त 2026 थी। निर्वाचन से जुड़े अधिकारियों और कार्मिकों के समन्वित प्रयासों से 22 अगस्त को ही सभी 19,131 प्रकरणों की सुनवाई पूरी कर निर्धारित लक्ष्य हासिल कर लिया गया। इस प्रकार देवप्रयाग विधानसभा क्षेत्र ने निर्धारित समय से तीन दिन पहले ही शत-प्रतिशत लक्ष्य पूरा कर लिया। उन्होंने बताया कि जनपद के अन्य विधानसभा क्षेत्रों में भी निर्धारित समय-सीमा के अनुसार सुनवाई और सत्यापन की कार्यवाही जारी है। प्रतापनगर विधानसभा क्षेत्र में सुनवाई की अंतिम तिथि 25 अगस्त धनोल्टी में 27 अगस्त तथा घनसाली नरेंद्रनगर और टिहरी विधानसभा क्षेत्रों में 31 अगस्त 2026 निर्धारित की गई है। जिलाधिकारी ने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण का उद्देश्य निर्वाचक नामावली को अधिक शुद्ध पारदर्शी और अद्यतन बनाना है। इसके लिए नोटिस वितरण सुनवाई सत्यापन और प्रकरणों के निस्तारण की कार्यवाही निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार की जा रही है ताकि अंतिम निर्वाचक नामावली को निर्धारित समय-सीमा में त्रुटिरहित रूप से तैयार किया जा सके। उन्होंने बताया कि विशेष गहन पुनरीक्षण के तहत प्राप्त प्रारूप-6,7 और 8 के प्रकरणों का भी समयबद्ध निस्तारण किया जाना है। संबंधित अधिकारियों को जांच सत्यापन और सुनवाई की कार्यवाही निर्धारित समय के भीतर पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं।
