प्रदीप कुमार
हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल। प्राचीन अवधूत मंडल आश्रम में आयोजित संत समागम में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ‘एक राष्ट्र-एक चुनाव’ की आवश्यकता और इसके महत्व पर संवाद किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी मौजूद रहे। केंद्रीय मंत्री ने बार-बार होने वाले चुनावों को विकास की गति में बाधक बताते हुए संत समाज से इस विषय पर जनजागरण में सहयोग करने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने ‘एक राष्ट्र-एक चुनाव’ को राजनीतिक नहीं बल्कि राष्ट्रहित सुशासन जनकल्याण और देश के संसाधनों के बेहतर उपयोग से जुड़ा राष्ट्रीय विषय बताया। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा ‘एक राष्ट्र-एक चुनाव’ को लेकर किए जा रहे प्रयासों का समर्थन करते हुए कहा कि बार-बार होने वाले चुनाव राष्ट्र की विकास गति और जनसेवा को प्रभावित करते हैं। इससे समय धन और प्रशासनिक ऊर्जा का भी काफी क्षय होता है। उन्होंने कहा कि लगातार चुनाव होने के कारण स्कूलों में पढ़ाई प्रभावित होती है और प्रशासनिक मशीनरी चुनावी तैयारियों में लग जाती है जिससे विकास कार्यों की गति पर असर पड़ता है। उन्होंने कहा कि यदि लोकसभा और विधानसभा के चुनाव एक साथ होते हैं तो संसाधनों और चुनाव संबंधी समय की बचत होगी तथा प्रशासनिक तंत्र का अधिक ध्यान विकास कार्यों पर केंद्रित किया जा सकेगा। केंद्रीय मंत्री ने संत समाज से अपील की कि वे अपनी उपस्थिति और प्रभाव के माध्यम से इस विषय पर जनजागरण में सहयोग करें। शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि संतों के आशीर्वाद और उनके शिष्यों के व्यापक प्रभाव से यह विचार देश में तेजी से फैल सकता है। यह किसी एक राजनीतिक दल का विषय नहीं, बल्कि पूरे देश का विषय है। उन्होंने कहा कि देश पहले है और पार्टी बाद में इसलिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘एक राष्ट्र-एक चुनाव’ के संकल्प को पूरा करने के लिए सभी को राष्ट्रीय हित में सहयोग करना चाहिए। केंद्रीय मंत्री ने संत समाज से अपने प्रवचनों में ‘एक राष्ट्र-एक चुनाव’ का समर्थन करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि संतों के माध्यम से होने वाला जनजागरण संवैधानिक संशोधन के मार्ग को भी सुगम बनाने में सहायक हो सकता है। उन्होंने उपस्थित संत समाज और जनता से आशीर्वाद भी मांगा। वंदे मातरम को राष्ट्रीय एकता का प्रतीक बताया शिवराज सिंह चौहान ने अपने संबोधन में वंदे मातरम के महत्व पर भी विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम देशभक्ति और राष्ट्रीय एकता का प्रतीक है किसी पार्टी या समुदाय का विषय नहीं। उन्होंने संत समाज से अपने प्रवचनों में वंदे मातरम के पूरे स्वरूप का समर्थन करने और जनता में राष्ट्रभावना जागृत करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि संत समाज का साथ मिलने से ‘एक राष्ट्र-एक चुनाव’ के संकल्प को मजबूती मिलेगी और भारत के समृद्धि विकास तथा आत्मनिर्भरता के मार्ग और अधिक खुलेंगे। राष्ट्रहित और सुशासन से जुड़ा विषय है एक राष्ट्र-एक चुनाव मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि ‘एक राष्ट्र-एक चुनाव’ राजनीतिक नहीं बल्कि राष्ट्रहित सुशासन जनकल्याण और देश के संसाधनों के बेहतर उपयोग से जुड़ा राष्ट्रीय विषय है। भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और चुनाव लोकतंत्र में पर्व के समान हैं लेकिन निरंतर चलने वाली चुनावी प्रक्रिया का प्रभाव शासन और विकास कार्यों पर भी पड़ता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बार-बार चुनाव होने से आचार संहिता लागू होती है और बड़ी संख्या में प्रशासनिक अधिकारियों शिक्षकों पुलिस तथा सुरक्षा बलों को चुनाव संबंधी दायित्वों में लगाया जाता है। यदि देश में एक साथ चुनाव कराने से सार्वजनिक धन और संसाधनों की बचत होती है तथा प्रशासन को जनसेवा और विकास कार्यों के लिए अधिक समय मिलता है तो यह लोकतंत्र को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘एक राष्ट्र-एक चुनाव’ के विषय को राष्ट्रीय विमर्श के केंद्र में लाते हुए इसे आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की है। विकसित भारत-2047 के संकल्प को साकार करने के लिए विकास की निरंतर गति आवश्यक है। भारत आज दुनिया की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है और ऐसे समय में शासन का अधिकतम समय विकास रोजगार शिक्षा स्वास्थ्य तथा आधारभूत संरचना से जुड़े कार्यों पर लगना चाहिए। मुख्यमंत्री ने पूज्य संत-महात्माओं से इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय विषय पर समाज का मार्गदर्शन करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि भारत की सनातन परंपरा में संत समाज ने सदैव राष्ट्र और समाज को दिशा देने का कार्य किया है। हमारा संकल्प है कि लोकतंत्र मजबूत हो विकास निरंतर हो संस्कृति सुरक्षित हो और राष्ट्र सर्वोपरि रहे। कार्यक्रम का सफल संचालन महामंडलेश्वर हरिचेतनानंद महाराज ने किया। इस अवसर पर डॉ.हरिहरानंद महाराज महंत मंगलदास गोपालदास जी महाराज जसविंदर दास जी महाराज योगी ऋषि आशुतोष महाराज स्वामी रामदेव महाराज श्री पंचायती अखाड़ा महानिर्वाणी के सचिव श्रीमहंत रविंद्र पुरी महाराज निरंजनी अखाड़े के सचिव श्रीमहंत रविंद्र पुरी महाराज महाराज स्वामी अच्युतानंद तीर्थ महाराज श्रीमहंत हरिगिरि जी महाराज साध्वी प्राची महंत दाती महाराज प्रमोद कृष्णम महाराज महामंडलेश्वर रूपेंद्र प्रकाश महामंडलेश्वर ज्ञानदास महामंडलेश्वर ललितानंद स्वामी यतीश्वरानंद महाराज महंत दुर्गादास कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा मेयर नगर निगम किरण जैसल जिला पंचायत अध्यक्ष किरण चौधरी विधायक आदेश चौहान प्रदेश महामंत्री कुंदन परिहार प्रदेश संयोजक आदित्य चौहान जिलाध्यक्ष भाजपा आशुतोष शर्मा राज्य मंत्री नितिन गौतम राज्य मंत्री आदेश सैनी उज्ज्वल पंडित लव शर्मा आशु चौधरी हीरा सिंह बिष्ट जिलाधिकारी मयूर दीक्षित वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर मुख्य विकास अधिकारी डॉ.ललित नारायण मिश्र सहित विभिन्न अखाड़ों के साधु-संत और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
