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प्रदीप कुमार
टिहरी/श्रीनगर गढ़वाल। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्वेता चौबे के नेतृत्व में टिहरी पुलिस द्वारा युवाओं को नशे से दूर रखने और सुरक्षित एवं स्वस्थ भविष्य के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से ड्रग्स फ्री कैंपस एवं नशा मुक्त भारत अभियान के तहत व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान मुनि की रेती कीर्तिनगर और नई टिहरी पुलिस ने विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों में पहुंचकर छात्र-छात्राओं को नशे के दुष्प्रभावों साइबर अपराधों से बचाव महिला एवं बालिका सुरक्षा तथा नशे के अवैध कारोबार के विरुद्ध जागरूक किया। थाना मुनि की रेती पुलिस ने कैलाशगेट स्थित श्री पूर्णानंद स्कूल में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। इस दौरान करीब 60 छात्र-छात्राओं से संवाद कर उन्हें नशे के शारीरिक एवं मानसिक दुष्प्रभावों के साथ ही शिक्षा रोजगार भविष्य और पारिवारिक जीवन पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभावों की जानकारी दी गई। विद्यार्थियों को नशे से दूर रहकर खेलकूद योग पढ़ाई और अन्य रचनात्मक गतिविधियों से जुड़ने के लिए प्रेरित किया गया। पुलिस ने विद्यार्थियों को साइबर ठगी से बचाव के उपाय भी बताए। अनजान लिंक पर क्लिक न करने तथा ओटीपी बैंक खाते एटीएम या डेबिट कार्ड और अन्य व्यक्तिगत जानकारी किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा नहीं करने की सलाह दी गई। साइबर ठगी होने पर तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत करने की जानकारी भी दी गई। महिला एवं बालिका सुरक्षा के लिए 1090,112 और 1098 हेल्पलाइन नंबरों के साथ गौरा शक्ति ऐप के संबंध में भी जानकारी दी गई। इसी क्रम में कोतवाली कीर्तिनगर पुलिस ने राजकीय इंटर कॉलेज कीर्तिनगर में छात्र-छात्राओं के साथ संवाद कर उन्हें नशे के दुष्प्रभावों और नशे के अवैध कारोबार के संबंध में जागरूक किया। पुलिस ने बताया कि नशे की लत व्यक्ति को अपराध की ओर भी धकेल सकती है। विद्यार्थियों से स्वयं नशे से दूर रहने तथा अपने मित्रों और आसपास के लोगों को भी इसके दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने की अपील की गई। कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं ने नशे से जुड़े विभिन्न सवाल पूछे जिनका उपनिरीक्षक सुषमा रावत ने सरल तरीके से समाधान किया। नई टिहरी में कोतवाली पुलिस ने ड्रग्स फ्री कैंपस अभियान के तहत राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज में विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। इस दौरान छात्र-छात्राओं को नशे के विरुद्ध शपथ दिलाई गई और उन्हें स्वयं नशे से दूर रहने के साथ अपने आसपास के युवाओं को भी जागरूक करने के लिए प्रेरित किया गया। जिला चिकित्सालय बौराड़ी के चिकित्सकों और कॉलेज प्रबंधन के सहयोग से छात्र-छात्राओं का ड्रग्स से संबंधित मेडिकल परीक्षण भी कराया गया। पुलिस ने विद्यार्थियों को नशे के शारीरिक मानसिक और सामाजिक दुष्प्रभावों की जानकारी देते हुए शिक्षा खेलकूद और सकारात्मक गतिविधियों से जुड़ने का संदेश दिया। साथ ही स्पष्ट किया गया कि नशीले पदार्थों की बिक्री तस्करी और सप्लाई करने वालों के विरुद्ध लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है और इस तरह की अवैध गतिविधियों को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पुलिस ने विद्यार्थियों से अपील की कि यदि उनके आसपास कोई व्यक्ति नशीले पदार्थों की बिक्री तस्करी या सप्लाई में संलिप्त है तो इसकी सूचना तत्काल पुलिस को दें। अभियान के दौरान अभिभावकों शिक्षकों और आमजन से भी युवाओं की गतिविधियों पर सकारात्मक निगरानी रखने तथा उन्हें नशे और साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करने का आह्वान किया गया। टिहरी पुलिस ने कहा कि नशे के विरुद्ध लड़ाई केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। पुलिस प्रशासन शैक्षणिक संस्थानों चिकित्सकों अभिभावकों और आमजन के संयुक्त प्रयासों से ही युवाओं को नशे से बचाकर सुरक्षित स्वस्थ और नशामुक्त समाज का निर्माण किया जा सकता है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्वेता चौबे के निर्देशन में नशामुक्ति के साथ साइबर अपराध और महिला सुरक्षा को लेकर जन-जागरूकता अभियान आगे भी जारी रहेगा।

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