प्रदीप कुमार
रुद्रप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल। श्री केदारनाथ धाम यात्रा के द्वितीय चरण को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने सोमवार को जिला कार्यालय सभागार में संबंधित अधिकारियों के साथ यात्रा व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने सभी विभागों को आगामी एक सप्ताह के भीतर यात्रा से जुड़ी सभी आवश्यक तैयारियां पूरी करने तथा श्रद्धालुओं की संभावित बढ़ती संख्या के मद्देनजर अलर्ट मोड पर कार्य करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि मानसून अवधि समाप्त होने के बाद श्री केदारनाथ धाम में श्रद्धालुओं की संख्या में बढ़ोतरी होने की संभावना है। ऐसे में यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यात्रा मार्ग पैदल मार्ग स्वास्थ्य पेयजल स्वच्छता विद्युत खाद्य सामग्री परिवहन सहित अन्य मूलभूत व्यवस्थाओं को पहले से ही दुरुस्त रखा जाए। उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने और किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने विशेष रूप से यात्रा मार्ग और पैदल मार्गों पर स्थापित शौचालयों की स्वच्छता एवं जल व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मार्गों का निरीक्षण करने वाली प्रत्येक विभागीय टीम शौचालयों की नियमित साफ-सफाई पर्याप्त पानी और आवश्यक सफाई सामग्री की उपलब्धता का भी अनिवार्य रूप से जायजा ले। श्रद्धालुओं को शौचालय एवं स्वच्छता संबंधी किसी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। पूर्ति विभाग की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने यात्रा मार्ग और प्रमुख पड़ावों पर आवश्यक खाद्य सामग्री की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने गैस सिलेंडर सहित अन्य जरूरी सामग्री की आपूर्ति व्यवस्था भी सुचारू बनाए रखने के निर्देश दिए ताकि यात्रा के द्वितीय चरण में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने पर किसी प्रकार की कमी न हो। चिकित्सा व्यवस्थाओं की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने यात्रा मार्ग पर चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों की तैनाती सुचारू रखने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी स्वास्थ्य केंद्रों और मेडिकल रिलीफ पोस्ट पर आवश्यक दवाइयों उपकरणों एवं अन्य चिकित्सा सुविधाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीमों को पूरी तरह तैयार रखने के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित विभागों को यात्रा मार्ग एवं पैदल मार्गों पर सामने आने वाली कमियों को तत्काल चिह्नित कर निर्धारित समय सीमा में दूर करने के निर्देश दिए। मानसून के दौरान क्षतिग्रस्त हुई व्यवस्थाओं को भी प्राथमिकता के आधार पर दुरुस्त करने को कहा गया जिससे द्वितीय चरण की यात्रा सुचारू और सुरक्षित रूप से संचालित हो सके। जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को अपनी-अपनी कार्ययोजना के अनुसार तैयारियों को अंतिम रूप देने तथा नियमित रूप से स्थलीय निरीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अधिकारी स्वयं मौके पर जाकर व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति का जायजा लें और जहां भी कमी मिले वहां तत्काल आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधा सुरक्षा और सुगम यात्रा जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए यह सुनिश्चित करें कि केदारनाथ धाम यात्रा के द्वितीय चरण में आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो। उन्होंने एक सप्ताह के भीतर सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर प्रगति से अवगत कराने के निर्देश भी दिए। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र सिंह रावत उपजिलाधिकारी ऊखीमठ अनिल रावत उपजिलाधिकारी रुद्रप्रयाग सोहन सिंह सैनी जिला विकास अधिकारी मनविंदर कौर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ.पारुल गोयल अधिशासी अभियंता लोनिवि रुद्रप्रयाग संजीव कुमार सैनी अधिशासी अभियंता लोनिवि ऊखीमठ आरपी नैथानी अधिशासी अभियंता पीएमजीएसवाई पवन कुमार जिला पर्यटन विकास अधिकारी राहुल चौबे जिला पूर्ति अधिकारी केएस कोहली जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉ.अखिलेश मिश्रा एसडीओ दिवाकर पंत सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
