प्रदीप कुमार
रुद्रप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल। जिला कार्यालय सभागार में शनिवार को महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग के तत्वावधान में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के अंतर्गत उच्च शिक्षा प्राप्त कर रही छात्राओं के साथ संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने छात्राओं से संवाद कर उनकी शिक्षा करियर भविष्य के लक्ष्य और विभिन्न समस्याओं की जानकारी ली। इस दौरान व्यक्तित्व विकास आत्मविश्वास कंप्यूटर दक्षता रोजगारपरक पाठ्यक्रम और साइबर सुरक्षा सहित विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई। कार्यक्रम का उद्देश्य योजना से लाभान्वित एवं पात्र छात्राओं को योजना के प्रावधानों की जानकारी देने के साथ ही उनकी शैक्षिक करियर एवं अन्य समस्याओं को समझना तथा उन्हें उचित मार्गदर्शन प्रदान करना रहा। 12वीं कक्षा के बाद उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना से आच्छादित छात्राओं को जिलाधिकारी सहित जनपद के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ सीधे चर्चा करने और अपनी समस्याएं एवं सुझाव रखने का अवसर मिला। जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉ. अखिलेश मिश्रा ने योजना की जानकारी देते हुए बताया कि बीपीएल परिवारों की छात्राओं को इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय के माध्यम से विभिन्न पाठ्यक्रमों में उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के अंतर्गत विभाग द्वारा फीस उपलब्ध कराई जाती है। उन्होंने बताया कि जनपद में अब तक 67 छात्राएं योजना के माध्यम से विभिन्न पाठ्यक्रम पूर्ण कर चुकी हैं। इनमें पांच छात्राओं ने बीए एक ने बीएससी एक ने बीकॉम एक ने एमए दो ने एमएसडब्ल्यू तथा दो छात्राओं ने डिप्लोमा पाठ्यक्रम पूर्ण किया है। वर्तमान में 43 छात्राएं अध्ययनरत हैं जबकि इस वर्ष योजना के अंतर्गत 12 आवेदन प्राप्त हुए हैं। उन्होंने बताया कि योजना का उद्देश्य पात्र बालिकाओं को उच्च शिक्षा के अवसर उपलब्ध कराकर उन्हें आत्मनिर्भर एवं सशक्त बनाना है। योजना के माध्यम से स्नातक स्तर से आगे की शिक्षा के लिए भी स्पॉन्सरशिप के माध्यम से आवश्यक सहयोग प्रदान किया जाता है। संवाद कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने छात्राओं से उनकी शिक्षा रुचियों भविष्य के लक्ष्य और करियर संबंधी योजनाओं के बारे में जानकारी ली। उन्होंने छात्राओं की विभिन्न जिज्ञासाओं एवं समस्याओं को गंभीरता से सुना तथा सफलता के लिए आवश्यक सुझाव दिए। मनोविज्ञान एवं समाजशास्त्र सहित विभिन्न विषयों में अध्ययनरत छात्राओं को उन्होंने उनके विषयों से संबंधित संभावित करियर विकल्पों के बारे में मार्गदर्शन दिया। जिलाधिकारी ने छात्राओं को स्वस्थ दिनचर्या अपनाने समय का सदुपयोग करने और पढ़ाई के साथ-साथ व्यक्तित्व विकास पर भी ध्यान देने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धी दौर में केवल शैक्षिक योग्यता पर्याप्त नहीं है बल्कि आत्मविश्वास संवाद कौशल व्यक्तित्व विकास एवं तकनीकी दक्षता भी अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने छात्राओं को नियमित रूप से नई चीजें सीखने और अपनी क्षमताओं को विकसित करने के लिए प्रेरित किया। जिलाधिकारी ने सभी छात्राओं को बुनियादी कंप्यूटर ज्ञान प्राप्त करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय तकनीकी एवं कृत्रिम बुद्धिमत्ता का दौर है। ऐसे में छात्राओं को कंप्यूटर संचालन एमएस वर्ड एक्सेल पावरप्वाइंट इंटरनेट के उपयोग तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसी तकनीकों की जानकारी होना आवश्यक है। संवाद के दौरान छात्राओं ने जनपद में कंप्यूटर प्रशिक्षण केंद्रों की संख्या बढ़ाने का सुझाव भी दिया। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को छात्राओं को निशुल्क कंप्यूटर शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए ताकि शासन को प्रस्ताव प्रेषित कर इस दिशा में प्रभावी कार्रवाई की जा सके। उन्होंने कहा कि छात्राओं के सुझावों को प्राथमिकता के आधार पर शामिल करते हुए उनके बेहतर भविष्य के लिए आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा। जिलाधिकारी ने कहा कि इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय के माध्यम से संचालित विभिन्न पाठ्यक्रमों का लाभ लेने से पहले छात्राओं को उनकी रुचि क्षमता और रोजगार की संभावनाओं के अनुरूप पाठ्यक्रम का चयन करने के लिए उचित काउंसलिंग मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसे पाठ्यक्रमों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए जिनसे छात्राओं को शिक्षा के साथ-साथ रोजगारपरक एवं कौशल आधारित प्रशिक्षण भी प्राप्त हो सके। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय के पाठ्यक्रमों के संबंध में छात्राओं को विस्तृत जानकारी एवं काउंसलिंग उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य करने को कहा ताकि छात्राएं अपने भविष्य के लिए बेहतर एवं रोजगारपरक विकल्प चुन सकें। कार्यक्रम के दौरान पुलिस विभाग द्वारा छात्राओं को साइबर सुरक्षा के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। छात्राओं को साइबर अपराध साइबर धोखाधड़ी वर्चुअल उत्पीड़न तथा सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग के बारे में जागरूक किया गया। पुलिस विभाग ने साइबर अपराध की स्थिति में सहायता प्राप्त करने के लिए साइबर हेल्पलाइन 1930 और आपातकालीन हेल्पलाइन 112 के संबंध में जानकारी दी। साथ ही गौरा शक्ति ऐप के बारे में भी छात्राओं को अवगत कराया गया। छात्राओं को बताया गया कि किसी भी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी या ऑनलाइन उत्पीड़न की स्थिति में घबराने के बजाय तत्काल संबंधित हेल्पलाइन एवं पुलिस को सूचना दें। साइबर अपराध होने के बाद की जाने वाली कानूनी प्रक्रिया तथा शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया के बारे में भी जानकारी दी गई। जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देशन में सरकार बालिकाओं की शिक्षा एवं उनके बेहतर भविष्य के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के अंतर्गत उच्च शिक्षा प्राप्त कर रही छात्राओं के साथ संवाद का उद्देश्य उनकी समस्याओं को सुनना उनका मार्गदर्शन करना और उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना है। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में पुलिस स्वास्थ्य शिक्षा सहित विभिन्न महत्वपूर्ण विभागों के अधिकारियों की उपस्थिति से छात्राओं को बहुआयामी जानकारी एवं मार्गदर्शन प्राप्त हुआ है। इस प्रकार के काउंसलिंग एवं संवाद कार्यक्रम आगे भी आयोजित किए जाएंगे। जिलाधिकारी ने कहा कि संवाद के दौरान कई उपयोगी सुझाव सामने आए हैं। इनमें जनपद में कंप्यूटर प्रशिक्षण के अधिक केंद्र स्थापित करना इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय के पाठ्यक्रमों की काउंसलिंग कराना तथा छात्राओं को कंप्यूटर संचालन वर्ड एक्सेल पावरप्वाइंट और कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसी तकनीकी जानकारी उपलब्ध कराना प्रमुख हैं। उन्होंने कहा कि प्रशासन का प्रयास रहेगा कि छात्राओं द्वारा दिए गए उपयोगी सुझावों पर प्रभावी रूप से कार्य किया जाए तथा उनके बेहतर भविष्य के लिए हर संभव सहयोग प्रदान किया जाए। कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र सिंह रावत पुलिस उपाधीक्षक विकास पुंडीर जिला विकास अधिकारी मनविंदर कौर जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉ.अखिलेश मिश्रा मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ.पायल गोयल सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं योजना से लाभान्वित छात्राएं सलोनी सोनाली प्रिया सृष्टि राधिका पंवार सिमरन ज्योति सहित अन्य छात्राएं उपस्थित रहीं।
