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प्रदीप कुमार
रुद्रप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल। गैर संचारी रोग कार्यक्रम की समीक्षा के दौरान आभा आईडी को एनसीडी पोर्टल से लिंक करने की धीमी प्रगति पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ.पारूल गोयल ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने सभी सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों को आगामी दो सप्ताह में आभा आईडी लिंकेज का निर्धारित लक्ष्य पूरा करने के कड़े निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि दो सप्ताह बाद एनसीडी कार्यक्रम की दोबारा समीक्षा की जाएगी और अपेक्षित प्रगति नहीं मिलने पर संबंधित के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ.पारूल गोयल ने सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ वर्चुअल बैठक कर जनपद में संचालित एनसीडी कार्यक्रम की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में कार्यक्रम समन्वयक विजय रावत ने बताया कि जनपद में 30 वर्ष एवं उससे अधिक आयु वर्ग के लोगों में उच्च रक्तचाप मधुमेह एवं अन्य गैर संचारी रोगों की समय पर पहचान कर आवश्यक उपचार एवं परामर्श उपलब्ध कराया जा रहा है। कार्यक्रम के तहत अब तक 95,123 लोगों का पंजीकरण किया गया है जिसके सापेक्ष 25,647 लोगों की आभा आईडी एनसीडी पोर्टल से लिंक की जा चुकी हैं। आभा आईडी लिंकेज की धीमी प्रगति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ.पारूल गोयल ने सभी सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र में अभियान के रूप में कार्य करते हुए निर्धारित लक्ष्य समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि एनसीडी रोगियों की बेहतर निगरानी एवं उपचार की निरंतरता के लिए डिजिटल रिकॉर्ड को अद्यतन रखना अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने सभी सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र में 30 वर्ष एवं उससे अधिक आयु वर्ग की आबादी की उच्च रक्तचाप मधुमेह एवं अन्य गैर संचारी रोगों की नियमित स्क्रीनिंग करने तथा रोगियों को आवश्यक उपचार एवं परामर्श उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही मुख स्तन एवं गर्भाशय ग्रीवा कैंसर की स्क्रीनिंग में तेजी लाने तथा संदिग्ध मामलों को समय पर उच्च चिकित्सा संस्थानों में रेफर करने के निर्देश दिए। सीएमओ ने कहा कि गैर संचारी रोगों की रोकथाम के लिए नियमित स्वास्थ्य जांच के साथ लोगों को संतुलित आहार नियमित व्यायाम और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए जागरूक किया जाए। उन्होंने स्क्रीनिंग एवं उपचार से संबंधित सभी आंकड़ों की समयबद्ध एवं सही ऑनलाइन प्रविष्टि सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। बैठक में आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में आवश्यक दवाओं बीपी जांच उपकरण ग्लूकोमीटर एवं अन्य जरूरी संसाधनों की उपलब्धता की भी समीक्षा की गई। कम प्रगति वाले क्षेत्रों की विशेष समीक्षा करते हुए संबंधित सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों को लक्ष्य के अनुरूप कार्य करने तथा निर्धारित कार्ययोजना के अनुसार प्रगति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने स्पष्ट किया कि एनसीडी कार्यक्रम की दो सप्ताह बाद पुनः समीक्षा की जाएगी। निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप प्रगति नहीं मिलने पर संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों की जवाबदेही तय करते हुए कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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