प्रदीप कुमार
हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल। कुंभ मेला 2027 की तैयारियों के तहत शंकर आश्रम चौक तथा पुराना रानीपुर मोड़-परशुराम चौक क्षेत्र में प्रस्तावित अवस्थापना विकास कार्यों को लेकर स्थानीय व्यापारियों और जनप्रतिनिधियों की आशंकाओं को मेला प्रशासन ने संवाद के माध्यम से दूर किया। मेला प्रशासन के अधिकारियों ने स्थानीय लोगों को सड़क फुटपाथ और चौराहों के सुधार एवं सौंदर्यीकरण से जुड़ी योजनाओं की विस्तृत जानकारी देने के साथ ही उनके ब्लू प्रिंट और डिजाइन भी दिखाए। इस दौरान स्थानीय लोगों को आश्वस्त किया गया कि विकास कार्यों के क्रियान्वयन में उनकी सुविधाओं और व्यावहारिक सुझावों का पूरा ध्यान रखा जाएगा। मेलाधिकारी सोनिका के निर्देश पर कुंभ मेला से जुड़े निर्माण एवं विकास कार्यों को स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप आगे बढ़ाने के लिए जनप्रतिनिधियों व्यापारियों और अन्य हितबद्ध लोगों के साथ लगातार संवाद किया जा रहा है। इसी क्रम में सोमवार को अपर मेलाधिकारी दयानंद सरस्वती ने अधिकारियों की टीम के साथ शंकर आश्रम चौक तथा पुराना रानीपुर मोड़-परशुराम चौक क्षेत्र का भ्रमण किया। इस दौरान अपर मेलाधिकारी ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों व्यापारियों और आम लोगों से संवाद कर कुंभ मेला मद से प्रस्तावित एवं संचालित सड़क सुधार, फुटपाथ निर्माण तथा सौंदर्यीकरण कार्यों की विस्तार से जानकारी दी। अधिकारियों ने योजनाओं के ब्लू प्रिंट एवं डिजाइन स्थानीय जनप्रतिनिधियों और व्यापारियों के साथ साझा किए जिससे प्रस्तावित व्यवस्थाओं को लेकर किसी प्रकार की भ्रांति न रहे और योजनाओं की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके। अपर मेलाधिकारी ने कहा कि कुंभ मेला के लिए विकसित की जा रही अवस्थापना सुविधाओं का लाभ मेला समाप्त होने के बाद भी हरिद्वार के स्थानीय निवासियों को मिलता रहे इसी दृष्टि से योजनाएं तैयार की गई हैं। हर की पैड़ी से शहर के प्रमुख मंदिरों और बाजारों तक श्रद्धालुओं तथा स्थानीय लोगों के पैदल आवागमन को सुगम एवं सुरक्षित बनाने के लिए पैदल यात्री अनुकूल फुटपाथ विकसित किए जा रहे हैं। इसके साथ ही आंतरिक सड़कों और चौराहों के सुधार सौंदर्यीकरण पौधारोपण तथा आकर्षक प्रकाश व्यवस्था से जुड़े कार्य भी किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं का उद्देश्य शहर में आवागमन को अधिक सुविधाजनक और व्यवस्थित बनाना है। कुंभ के दौरान श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या को देखते हुए यातायात के सुचारू संचालन के लिए भी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं। निर्माण कार्यों के दौरान व्यापारिक गतिविधियों स्थानीय आवागमन तथा वाहनों के संचालन एवं पार्किंग से जुड़ी व्यावहारिक आवश्यकताओं का पूरा ध्यान रखा जाएगा। यातायात के सुचारू संचालन के दृष्टिगत मेलाधिकारी ने सड़क के मध्यवर्ती डिवाइडर की चौड़ाई न बढ़ाए जाने के निर्देश भी दिए हैं। अपर मेलाधिकारी ने कहा कि मेला प्रशासन स्थानीय लोगों की सहभागिता के साथ इन योजनाओं को आगे बढ़ाना चाहता है। योजनाओं के क्रियान्वयन के दौरान प्राप्त होने वाले उपयोगी सुझावों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा ताकि विकास कार्यों से श्रद्धालुओं के साथ-साथ स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों को भी अधिकतम सुविधा मिल सके। संवाद के दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं व्यापारियों ने मेला प्रशासन की ओर से दी गई विस्तृत जानकारी पर सहमति व्यक्त की। उन्होंने बताया कि पूर्व में योजनाओं की पूरी जानकारी उपलब्ध न होने के कारण कुछ भ्रांतियां उत्पन्न हुई थीं। व्यापारियों के बीच यातायात संचालन आवागमन और वाहनों को खड़ा करने की व्यवस्था को लेकर भी आशंकाएं थीं। मेला प्रशासन द्वारा योजनाओं की स्थिति स्पष्ट किए जाने तथा ब्लू प्रिंट और डिजाइन के माध्यम से प्रस्तावित व्यवस्थाओं की जानकारी दिए जाने के बाद उनकी आशंकाएं दूर हो गईं। स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं व्यापारियों ने सड़क फुटपाथ और चौराहों के सुधार एवं सौंदर्यीकरण की योजनाओं को हरिद्वार के लिए महत्वपूर्ण एवं उपयोगी बताया। उन्होंने कहा कि इन कार्यों से श्रद्धालुओं के साथ-साथ स्थानीय नागरिकों को भी दीर्घकालिक लाभ मिलेगा। उन्होंने योजनाओं को तेजी से पूरा करने में मेला प्रशासन को पूरा सहयोग देने का आश्वासन दिया। साथ ही निर्माण कार्यों के दौरान व्यापारियों की सहूलियत और यातायात व्यवस्था को प्राथमिकता देने के संबंध में अपने सुझाव भी दिए। इस अवसर पर वार्ड 15 के पार्षद विवेक भूषण ‘विक्की’ वार्ड 23 के पार्षद प्रतिनिधि गुलशन शर्मा तथा स्थानीय व्यापारियों के प्रतिनिधि सागर अरोड़ा सुभाष जिंदल राजेश कुमार आदि ने अपने सुझाव प्रस्तुत किए। इस दौरान लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता योगेश कुमार पीआईयू के सहायक अभियंता सरीन कुमार सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
