प्रदीप कुमार
देहरादून/श्रीनगर गढ़वाल। पहाड़ की ऊंची चोटी चारों ओर पसरी हरियाली बादलों से अठखेलियां करता आसमान और दूर तक दिखाई देती पछवादून की खूबसूरत वादियां। इस शांत वातावरण के बीच घंटियों की ध्वनि मन को सहज ही अध्यात्म की ओर खींच लेती है। यह दृश्य विकासनगर ब्लॉक के मटोगी गांव में स्थित ध्यान धारेश्वर महादेव मंदिर का है जहां इन दिनों श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ रही है। यह मंदिर केवल भगवान शिव की आराधना का स्थल नहीं है बल्कि प्रकृति ध्यान और अध्यात्म का ऐसा संगम है जहां कुछ पल बिताना भी मन को सुकून देता है। पहाड़ की ऊंचाई पर स्थित मंदिर से चारों ओर दिखाई देने वाला विहंगम दृश्य यहां आने वाले श्रद्धालुओं और प्रकृति प्रेमियों को अपनी ओर आकर्षित करता है। ध्यान धारेश्वर महादेव मंदिर का नाम ही इसकी खासियत को बयां करता है। यहां भगवान शिव के दर्शन और पूजा-अर्चना के साथ श्रद्धालु शांत वातावरण में योग और ध्यान भी करते हैं। शहरों की आपाधापी से दूर पहाड़ों के बीच कुछ समय ध्यान में बिताना लोगों को आध्यात्मिक शांति का अनुभव कराता है। मंदिर परिसर में स्थापित भगवान शिव की विशाल प्रतिमा भी श्रद्धालुओं के आकर्षण का प्रमुख केंद्र है। बताया जाता है कि यह प्रतिमा नेपाल के काठमांडू स्थित प्रसिद्ध पशुपतिनाथ क्षेत्र में स्थापित शिव प्रतिमा के स्वरूप और आकार से प्रेरित है। मंदिर परिसर की एक और विशेषता यहां स्थापित नौ शिवलिंगों का समूह है। श्रद्धालु एक साथ सभी शिवलिंगों के दर्शन और पूजा-अर्चना करते हैं। धार्मिक आयोजनों और विशेष अवसरों पर यहां आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। मटोगी के अलावा लांघा पास्टा पिपलसार खुलेत और मदरसू क्षेत्र के लोगों की भी मंदिर के प्रति गहरी आस्था है। सावन के महीने में यहां शिवभक्तों की आवाजाही और बढ़ जाती है। ध्यान धारेश्वर महादेव मंदिर की खूबसूरती केवल इसकी धार्मिक पहचान तक सीमित नहीं है। इसकी भौगोलिक स्थिति भी इसे खास बनाती है। मसूरी के प्रसिद्ध भादराज मंदिर के पीछे ऊंचाई पर स्थित इस मंदिर से पछवादून क्षेत्र का विहंगम दृश्य दिखाई देता है। नीचे दूर तक फैली पहाड़ी ढलानें हरियाली से ढके जंगल और बदलते मौसम के साथ बदलता आसमान यहां आने वाले हर व्यक्ति को कुछ देर ठहरने के लिए मजबूर कर देता है। यही वजह है कि मंदिर में श्रद्धालुओं के साथ प्रकृति प्रेमियों की भी रुचि बढ़ रही है। देहरादून निवासी माधुरी के लिए यह स्थान धार्मिक आस्था के साथ आत्मिक शांति का भी अनुभव है। मंदिर में दर्शन के लिए पहुंचीं माधुरी बताती हैं कि मटोगी गांव स्थित ध्यान धारेश्वर मंदिर पहुंचने के बाद यहां की आबोहवा और सकारात्मक वातावरण मन को अलग तरह की ऊर्जा देता है। योग और ध्यान के लिए यह बेहद शांत और उपयुक्त स्थान है। उनके अनुभव से यह भी सामने आता है कि लोग केवल धार्मिक स्थलों के दर्शन तक सीमित नहीं रहना चाहते बल्कि ऐसे स्थानों की तलाश भी कर रहे हैं जहां कुछ समय प्रकृति के बीच बैठकर स्वयं से जुड़ सकें। ध्यान धारेश्वर महादेव मंदिर तक पहुंचने का अनुभव भी अपने आप में अलग है। जैसे-जैसे रास्ता ऊंचाई की ओर बढ़ता है वैसे-वैसे शहर की हलचल पीछे छूटती जाती है। पहाड़ों की शांति और प्रकृति की नजदीकी मन को सहज ही शांत करने लगती है। मंदिर पहुंचकर सामने भगवान शिव की विशाल प्रतिमा आसपास का प्राकृतिक सौंदर्य और दूर तक दिखाई देती पहाड़ों की श्रृंखलाएं इस अनुभव को और खास बना देती हैं। यहां आस्था के साथ प्रकृति भी है पूजा के साथ ध्यान भी है और धार्मिक विश्वास के साथ मानसिक शांति की तलाश भी है। ध्यान धारेश्वर महादेव मंदिर धीरे-धीरे पछवादून क्षेत्र की धार्मिक पहचान के साथ एक ऐसे आध्यात्मिक स्थल के रूप में अपनी अलग पहचान बना रहा है जहां श्रद्धालु भगवान शिव के दर्शन के साथ प्रकृति की शांति का अनुभव कर सकते हैं। यही इस मंदिर की खासियत है कि यहां आने वाला व्यक्ति केवल शिव के दर्शन करके नहीं लौटता बल्कि पहाड़ों की शांति प्रकृति की सुंदरता और ध्यान की अनुभूति को भी अपने साथ लेकर जाता है।
