प्रदीप कुमार
रुद्रप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल। उत्तराखण्ड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण नैनीताल के दिशा-निर्देशन और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रुद्रप्रयाग की अध्यक्ष एवं जनपद न्यायाधीश के मार्गदर्शन में अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर राजकीय इंटर कॉलेज भीरी में विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रुद्रप्रयाग की सचिव पायल सिंह की अध्यक्षता में आयोजित शिविर में बालिकाओं को उनके अधिकारों शिक्षा सुरक्षा और समानता के प्रति जागरूक किया गया। साथ ही समाज में बालिकाओं के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने पर जोर दिया गया। शिविर का मुख्य उद्देश्य बालिकाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना और उन्हें शिक्षा के समान अवसर उपलब्ध कराने के साथ उनके सम्मान एवं सुरक्षा को सुनिश्चित करना था। इस दौरान बालिकाओं के प्रति होने वाले भेदभाव को समाप्त करने और समाज में समानता की भावना को मजबूत बनाने का संदेश दिया गया। सचिव पायल सिंह ने अपने संबोधन में बालिकाओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने शिक्षा को प्राथमिकता देने तथा किसी भी प्रकार के अन्याय शोषण या भेदभाव के विरुद्ध आवाज उठाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि बालिकाओं की शिक्षा सुरक्षा और सशक्तीकरण एक बेहतर समाज के निर्माण के लिए आवश्यक है। बाल विवाह और कन्या भ्रूण हत्या जैसी सामाजिक कुरीतियों को समाप्त करने के साथ बच्चों के लिए सुरक्षित वातावरण तैयार करने में समाज के प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका महत्वपूर्ण है। उन्होंने निःशुल्क विधिक सहायता के महत्व पर प्रकाश डालते हुए जरूरतमंद और पात्र व्यक्तियों से विधिक सेवा संस्थाओं के माध्यम से उपलब्ध सहायता का लाभ उठाने का आह्वान किया। शिविर में बाल विवाह निषेध अधिनियम के संबंध में जानकारी देते हुए बताया गया कि बाल विवाह बच्चों के शारीरिक मानसिक और शैक्षिक विकास को प्रभावित करता है। इसे रोकना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। इसके अतिरिक्त लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम यानी पॉक्सो अधिनियम के बारे में भी जागरूक किया गया। बच्चों को यौन शोषण से बचाने उनके साथ होने वाले अनुचित व्यवहार के प्रति सजग रहने और ऐसी किसी भी घटना की जानकारी मिलने पर उचित प्राधिकारी को सूचित करने के महत्व पर प्रकाश डाला गया। कार्यक्रम के दौरान पैरा लीगल वॉलंटियर्स द्वारा नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया गया। नाटक के माध्यम से कन्या भ्रूण हत्या जैसी सामाजिक बुराई के प्रति जागरूक करते हुए बालिकाओं के जन्म सम्मान और समान अधिकारों का संदेश दिया गया। साथ ही बाल विवाह के दुष्परिणामों और बच्चों को यौन अपराधों से सुरक्षित रखने के महत्व को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया। शिविर के माध्यम से बालिकाओं के सम्मान सुरक्षा और सशक्तीकरण के साथ कन्या भ्रूण हत्या तथा बाल विवाह जैसी सामाजिक बुराइयों के उन्मूलन और बच्चों के लिए सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने का संदेश दिया गया। जिला सूचना अधिकारी रुद्रप्रयाग की ओर से जारी जानकारी के अनुसार शिविर का आयोजन बालिकाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने और समाज में समानता एवं सुरक्षा की भावना को बढ़ावा देने के उद्देश्य से किया गया।
