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प्रदीप कुमार
देहरादून/श्रीनगर गढ़वाल। देहरादून के न्यू सर्वे रोड करणपुर स्थित दून क्लब के हांडी रेस्टोरेंट में खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता व्यवस्था की गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। रसोईघर फ्रीजर खाद्य सामग्री के भंडारण स्थलों बर्तन धुलाई क्षेत्र और स्टोर रूम के निरीक्षण के दौरान सड़ी-गली सब्जियां बासी खाद्य सामग्री अत्यधिक गंदगी तथा कॉकरोच और चूहों की मौजूदगी पाई गई। इन अनियमितताओं के मद्देनजर रेस्टोरेंट को तत्काल प्रभाव से बंद करा दिया गया और संचालक को 14 दिन का इम्प्रूवमेंट नोटिस जारी किया गया है। आमजन को सुरक्षित स्वच्छ और गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने तथा खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से 13 अक्टूबर 2026 को राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण उत्तराखंड तथा जिला जज एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण देहरादून के अध्यक्ष हरीश कुमार गोयल के दिशा-निर्देशन में यह कार्रवाई की गई। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण देहरादून की सचिव सीमा डुंगराकोटी और खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन की संयुक्त टीम ने रेस्टोरेंट का आकस्मिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान रेस्टोरेंट स्वामी अभय सिंह नेगी को आवश्यक सुधार करने के कड़े निर्देश दिए गए। संयुक्त निरीक्षण दल में वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी मसूरी कपिल देव अभिहित अधिकारी खाद्य सुरक्षा मनीष सयाना तथा वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी देहरादून रमेश सिंह शामिल रहे। मौके पर दून क्लब के अध्यक्ष मनोज सूरी भी उपस्थित रहे। निरीक्षण के दौरान फ्रीजर में फूलगोभी मूली शिमला मिर्च पत्तागोभी और आलू सहित विभिन्न सब्जियां सड़ी-गली अवस्था में मिलीं। इसके अलावा लगभग दो दिन पुराने चावल दो से तीन दिन पुराना गूंथा हुआ आटा और करीब एक सप्ताह पुरानी मोमोज तथा चाउमीन बनाने की सामग्री भी पाई गई। खाद्य पदार्थ खुले बर्तनों में रखे हुए थे। रसोईघर और मसाला भंडारण की अलमारी में कॉकरोच तथा चूहे पाए गए। मसालों की कई थैलियां चूहों द्वारा कुतरी हुई मिलीं। स्टोर रूम में भी चूहों की मौजूदगी पाई गई। बर्तन धुलाई क्षेत्र में अत्यधिक गंदगी तीन से चार दिन पुराने जूठे बर्तन और जमा कूड़ा-कचरा मिला। नालियां जाम थीं और ड्रेनेज सिस्टम भी खराब पाया गया। निरीक्षण के दौरान कर्मचारियों की मेडिकल फिटनेस से संबंधित अभिलेख उपलब्ध नहीं मिले। पेस्ट कंट्रोल कराए जाने के प्रमाण और उपयोग किए जा रहे पानी की गुणवत्ता से संबंधित वॉटर टेस्ट रिपोर्ट भी प्रस्तुत नहीं की गई। खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच के लिए रेस्टोरेंट में रखे पनीर दूध और डीप फ्रीजर में रखी तैयार चिकन करी के नमूने लिए गए। वहीं मौके पर पांच किलोग्राम बासी चावल 15 किलोग्राम सब्जियां दो किलोग्राम मोमोज और बासी चिकन करी को नष्ट कराया गया। नमूनों की जांच रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण देहरादून की सचिव सीमा डुंगराकोटी ने कहा कि दून क्लब जैसे प्रतिष्ठित संस्थान में इस प्रकार की गंभीर अनियमितताएं विशेष रूप से चिंताजनक हैं। यहां विशिष्ट एवं अति विशिष्ट व्यक्तियों सहित अनेक गणमान्य अतिथियों का आवागमन रहता है। ऐसे संस्थान में भोजन तैयार करने और परोसने की व्यवस्था का स्वच्छ सुरक्षित तथा निर्धारित खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुरूप होना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि रसोईघर में सड़ी-गली खाद्य सामग्री कॉकरोच और चूहों की मौजूदगी तथा साफ-सफाई की बदहाल स्थिति सामने आना अत्यंत आपत्तिजनक है। यह स्थिति खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता के प्रति अपेक्षित जिम्मेदारी के निर्वहन पर गंभीर प्रश्न खड़े करती है। साथ ही भोजन की गुणवत्ता और उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए प्रभावी निगरानी की आवश्यकता को भी रेखांकित करती है। निरीक्षण में पाई गई गंभीर अनियमितताओं को देखते हुए रेस्टोरेंट को तत्काल बंद कराया गया है। संचालक को 14 दिन का इम्प्रूवमेंट नोटिस जारी कर निर्धारित अवधि में सभी कमियों को दूर करने और खाद्य सुरक्षा एवं स्वच्छता संबंधी व्यवस्थाओं को तय मानकों के अनुरूप दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं। इसमें परिसर की गहन साफ-सफाई, खराब खाद्य सामग्री का निस्तारण प्रभावी पेस्ट कंट्रोल नालियों और ड्रेनेज सिस्टम की मरम्मत पेयजल की गुणवत्ता की जांच तथा कर्मचारियों की मेडिकल फिटनेस से संबंधित आवश्यक अभिलेख सुनिश्चित करना शामिल है। निर्धारित 14 दिन की अवधि के दौरान दोबारा स्थल निरीक्षण कर सुधारात्मक कार्यों की स्थिति का सत्यापन किया जाएगा। यदि इस अवधि में अपेक्षित सुधार नहीं पाए जाते हैं तो लागू प्रावधानों के तहत रेस्टोरेंट का लाइसेंस निलंबित करने सहित अन्य आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण देहरादून ने आमजन के स्वास्थ्य उपभोक्ता हितों और सुरक्षित खाद्य पदार्थों की उपलब्धता को सर्वोपरि बताते हुए संबंधित विभागों के समन्वय से खाद्य सुरक्षा मानकों का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित करने पर बल दिया। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया कि आमजन के स्वास्थ्य और हितों की रक्षा सर्वोपरि है तथा खाद्य सुरक्षा एवं स्वच्छता मानकों की अनदेखी को गंभीरता से लिया जाना आवश्यक है।

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