प्रदीप कुमार
श्रीनगर गढ़वाल। हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय के वानिकी एवं प्राकृतिक संसाधन विभाग के एमएससी वानिकी तृतीय सेमेस्टर के विद्यार्थियों ने अपने चार दिवसीय शैक्षणिक भ्रमण के अंतर्गत गंगोत्री राष्ट्रीय उद्यान का भ्रमण किया। इस दौरान विद्यार्थियों ने हिमालयी पारिस्थितिकी तंत्र जैव विविधता और वन्यजीव संरक्षण से संबंधित व्यावहारिक ज्ञान अर्जित किया। भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने ट्रेकिंग के साथ पर्यावरण संरक्षण की दिशा में पहल करते हुए स्वच्छता अभियान भी चलाया। विद्यार्थियों ने मार्ग में बिखरे प्लास्टिक कचरे को एकत्रित किया और प्राकृतिक पर्यावास को स्वच्छ बनाए रखने का संदेश दिया। इस पहल का उद्देश्य संरक्षित क्षेत्रों में प्लास्टिक प्रदूषण के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा प्रकृति संरक्षण में जनभागीदारी के महत्त्व को रेखांकित करना रहा। शैक्षणिक भ्रमण के अंतर्गत विद्यार्थियों ने नेहरू पर्वतारोहण संस्थान का भी दौरा किया। यहां विद्यार्थियों ने जिपलाइनिंग जैसी साहसिक गतिविधि में प्रत्यक्ष रूप से भाग लेकर व्यावहारिक अनुभव प्राप्त किया। साथ ही पर्वतीय क्षेत्रों में साहसिक गतिविधियों के महत्त्व को भी समझा। प्राध्यापक डॉ.एल.एस.कंडारी के मार्गदर्शन में आयोजित इस शैक्षणिक भ्रमण का उद्देश्य विद्यार्थियों को वन एवं प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और प्रबंधन के साथ हिमालयी पारिस्थितिकी तंत्र की विविधताओं से प्रत्यक्ष रूप से परिचित कराना था। भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों को क्षेत्रीय जैव विविधता प्राकृतिक पर्यावास तथा संरक्षित क्षेत्रों के पारिस्थितिक महत्त्व को समझने का अवसर मिला। यह शैक्षणिक भ्रमण विद्यार्थियों के लिए सैद्धांतिक ज्ञान को व्यावहारिक अनुभव से जोड़ने के साथ पर्यावरणीय उत्तरदायित्व और प्रकृति संरक्षण के प्रति संवेदनशीलता विकसित करने का महत्त्वपूर्ण माध्यम बना। इस प्रकार की शैक्षणिक गतिविधियां विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने तथा प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और सतत प्रबंधन के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को मजबूत करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
