प्रदीप कुमार
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और पशुपालन मंत्री सौरभ बहुगुणा के मार्गदर्शन में प्रदेश में पशुपालन आधारित स्वरोजगार को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसी क्रम में पौड़ी गढ़वाल जनपद के विकासखंड थलीसैंण के ग्राम बंगाली निवासी 31 वर्षीय दीवान सिंह कुक्कुट पालन को आजीविका का माध्यम बनाकर आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहे हैं। वह इस व्यवसाय से वर्तमान में प्रतिमाह लगभग 70 हजार रुपये की आय अर्जित कर रहे हैं। उनके व्यवसाय को बड़े स्तर पर विकसित करने के लिए उत्तराखंड पशुपालन विभाग की कुक्कुट पालन योजना के अंतर्गत 5 हजार पैरेंट स्टॉक की इकाई स्थापित करने के लिए शासन से 1.40 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है। दीवान सिंह वर्ष 2020 से कुक्कुट पालन के व्यवसाय से जुड़े हुए हैं। उन्होंने इस क्षेत्र में आगे बढ़ते हुए अपनी इकाई को बड़े स्तर पर विकसित करने की पहल की है। पशुपालन विभाग की योजनाओं से उन्हें अपने व्यवसाय का विस्तार करने में मदद मिल रही है। 5 हजार पैरेंट स्टॉक की इकाई स्थापित होने से उन्हें कुक्कुट पालन को और बड़े स्तर पर विकसित करने का अवसर मिलेगा। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ.विशाल शर्मा ने बताया कि जनपद में पशुपालकों को विभागीय योजनाओं की जानकारी देने और उन्हें स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पशुपालन और कुक्कुट पालन ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार सृजन तथा आय बढ़ाने के महत्वपूर्ण माध्यम हैं। विभाग का प्रयास है कि पात्र पशुपालकों को योजनाओं का लाभ दिलाकर उनकी आजीविका को मजबूत बनाया जाए। डॉ.विशाल शर्मा ने कहा कि दीवान सिंह जैसे युवाओं की पहल अन्य लोगों को भी पशुपालन आधारित व्यवसाय अपनाने के लिए प्रेरित कर सकती है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार के अवसर बढ़ने के साथ ही लोगों की आर्थिक स्थिति मजबूत हो सकती है। दीवान सिंह की सफलता दर्शाती है कि सरकारी योजनाओं का लाभ लेकर ग्रामीण युवा अपने क्षेत्र में ही स्वरोजगार के अवसर विकसित कर सकते हैं। कुक्कुट पालन जैसे व्यवसाय न केवल व्यक्तिगत आर्थिक आत्मनिर्भरता का माध्यम बन रहे हैं बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।
