प्रदीप कुमार
टिहरी/श्रीनगर गढ़वाल। ऐतिहासिक सिद्धपीठ मां कुंजापुरी पर्यटन एवं विकास मेले की स्वर्ण जयंती के अवसर पर आयोजित 50वें मेले की सातवीं सांस्कृतिक संध्या में भारी जनसैलाब उमड़ा। गढ़रत्न नरेंद्र सिंह नेगी के गीतों और मशहूर डांसर दीक्षा बडोनी की धमाकेदार प्रस्तुतियों ने नरेंद्रनगर में समां बांध दिया। कार्यक्रम में दर्शक देर तक गीतों और संगीत की धुन पर झूमते रहे। सांस्कृतिक संध्या का विधिवत शुभारंभ मेला संरक्षक एवं कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने विशिष्ट अतिथि राजेंद्र विक्रम सिंह पंवार और गढ़रत्न नरेंद्र सिंह नेगी के साथ विनीता बिष्ट तथा गजा नगर पंचायत अध्यक्ष कुंवर सिंह चौहान की उपस्थिति में संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर मुख्य कलाकार नरेंद्र सिंह नेगी और मशहूर डांसर दीक्षा बडोनी को शॉल ओढ़ाकर और स्मृति चिह्न भेंट कर विशेष रूप से सम्मानित किया गया। मंच से दर्शकों को संबोधित करते हुए कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने गढ़रत्न नरेंद्र सिंह नेगी का गरिमापूर्ण परिचय कराया। उन्होंने एक ऐतिहासिक संस्मरण साझा करते हुए बताया कि करीब 40 से 45 वर्ष पूर्व जब नरेंद्र सिंह नेगी सूचना विभाग टिहरी गढ़वाल में कार्यरत थे तब उनके गीतों और कलात्मक सफर की शुरुआत नरेंद्रनगर और कुंजापुरी मेले के मंच से ही हुई थी। उन्होंने भगवान से नेगी के उज्ज्वल भविष्य और दीर्घायु की कामना करते हुए उनके सदैव स्वस्थ रहने की प्रार्थना की।इस दौरान कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने मेले के विकास और भव्य आयोजन में सहयोग देने वालों की ओर से दी गई दानराशि की जानकारी भी साझा की। उन्होंने बताया कि प्रसिद्ध समाजसेवी दिनेश चमोली ने मेले के सफल आयोजन के लिए 21 लाख रुपये की दानराशि दी है। इसके अतिरिक्त वेस्टर्न ग्रुप यानी वेस्टर्न होटल की ओर से 20 लाख रुपये और ऋषिकेश के मेयर शंभू पासवान की ओर से 10 लाख रुपये की दानराशि दी गई है। कैबिनेट मंत्री ने मेले के आयोजन में सहयोग देने वाले सभी लोगों का विशेष आभार व्यक्त किया। इसके बाद जैसे ही गढ़रत्न नरेंद्र सिंह नेगी ने मंच संभाला तो पूरा पंडाल जयकारों से गूंज उठा। सांस्कृतिक संध्या का खास आकर्षण उस समय देखने को मिला जब नेगी दा ने अपने सुपुत्र कविलाश नेगी के साथ मंच पर सुर से सुर मिलाकर अपना लोकप्रिय गढ़वाली गीत मेरे को पहाड़ी ना बोलो प्रस्तुत किया। पिता और पुत्र की इस संयुक्त प्रस्तुति ने दर्शकों का दिल जीत लिया। इसके बाद नरेंद्र सिंह नेगी ने तेरो मछोई नारंगी की दाणी हो नौछमी नरैणा और क्या दिन क्या रात जैसे सदाबहार गीतों की प्रस्तुतियां दीं। उनके गीतों पर दर्शक झूमते नजर आए और पूरा पंडाल उत्साह से भर गया। वहीं मशहूर डांसर दीक्षा बडोनी ने मंच पर आते ही अपने तेजतर्रार अंदाज और ऊर्जावान डांस से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। उन्होंने झुमकी मेरी पहाड़न और नखर्याली जैसे धमाकेदार गीतों पर शानदार प्रस्तुतियां दीं। उनकी प्रस्तुति के दौरान पंडाल में मौजूद दर्शक अपनी कुर्सियां छोड़कर थिरकने लगे। नरेंद्र सिंह नेगी के सुरों और दीक्षा बडोनी के दमदार डांस ने मेले की सातवीं सांस्कृतिक संध्या को यादगार बना दिया।
