प्रदीप कुमार
रुद्रप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल। रुद्रप्रयाग जनपद में दीपावली के पावन पर्व पर स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं अपनी मेहनत और हुनर से स्वरोजगार की नई रोशनी बिखेर रही हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और स्वरोजगार से जोड़ने के प्रयासों के बीच जनपद की महिलाएं पारंपरिक मिट्टी के दीये और आकर्षक कैंडल तैयार कर अपनी आजीविका को सशक्त बनाने के साथ ही स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा दे रही हैं। इसी क्रम में जनपद के ग्राम दानकोट की बीना देवी तथा साईं बाबा स्वयं सहायता समूह और जय अगस्त्यऋषि समूह स्यूर से जुड़ी महिलाएं मिट्टी के दीये एवं कैंडल बनाने के कार्य में जुटी हैं। दीपावली के अवसर पर उनके द्वारा तैयार किए जा रहे उत्पाद भारतीय संस्कृति और परंपराओं से जुड़ाव को मजबूत कर रहे हैं। इसके साथ ही स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी उपलब्ध करा रहे हैं। इस पहल का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को स्वरोजगार के अवसर प्रदान करना उनकी आय में वृद्धि करना तथा स्थानीय उत्पादों को बाजार में पहचान दिलाना है। महिलाएं अपने हुनर और मेहनत के बल पर आर्थिक रूप से सशक्त बनने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। इसके साथ ही वे अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में भी योगदान दे रही हैं। पारंपरिक मिट्टी के दीयों का निर्माण भारतीय संस्कृति और स्वदेशी उत्पादों को प्रोत्साहित करने का माध्यम भी है। स्थानीय स्तर पर तैयार होने वाले उत्पादों को बढ़ावा मिलने से कारीगरों और स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं के लिए आजीविका के नए अवसर सृजित हो रहे हैं। इससे स्थानीय उत्पादों को बाजार में पहचान दिलाने और पारंपरिक कला को संरक्षित करने में भी मदद मिल रही है। दीपावली के पर्व पर स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं की यह पहल महिला सशक्तीकरण स्थानीय स्वरोजगार और स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने की दिशा में एक सकारात्मक कदम है। मिट्टी के दीयों के उपयोग से पारंपरिक कला को संरक्षण मिल रहा है। साथ ही स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों को भी प्रोत्साहन मिल रहा है।
